उपाध्यक्ष बंशीधर तिवारी ने खुद संभाला मोर्चा, बोले बिना स्वीकृति भूमि काटने या निर्माण करने वालों पर होगी सख्त कानूनी कार्रवाई
देहरादून। मसूरी-देहरादून विकास प्राधिकरण (एमडीडीए) ने राजधानी देहरादून में अवैध प्लॉटिंग और अनधिकृत निर्माणों के खिलाफ एक बार फिर बड़ी कार्रवाई की। उपाध्यक्ष बंशीधर तिवारी के नेतृत्व में प्राधिकरण की टीम ने शिमला बाईपास, मेहुवाला माफी, हरबजवाला, बुद्धपुर, नया गांव और विकासनगर क्षेत्र में एक साथ अभियान चलाते हुए कई अवैध निर्माणों को ध्वस्त किया और कई भवनों को सील किया। कार्रवाई के दौरान लगभग 26 बिघा भूमि पर अवैध प्लॉटिंग ध्वस्त की गई, जबकि छह स्थानों पर अवैध व्यवसायिक एवं आवासीय निर्माणों को सील किया गया। एमडीडीए द्वारा यह कार्रवाई मुख्यमंत्री धामी की उस नीति के तहत की जा रही है जिसमें राजधानी और आसपास के क्षेत्रों को सुनियोजित विकास की दिशा में आगे बढ़ाने तथा अवैध निर्माणों पर सख्त नियंत्रण सुनिश्चित करने का लक्ष्य रखा गया है।
एमडीडीए की टीम ने सबसे पहले उपाध्यक्ष बशीधर तिवारी के नेतृत्व में मेहुवाला माफी स्थित श्री राम इन्क्लेव में अवैध प्लॉटिंग पर कार्रवाई की। इस क्षेत्र में कुनाल राठौर व अन्य द्वारा लगभग 10 बिघा भूमि पर अवैध प्लॉटिंग की जा रही थी। संयुक्त सचिव गौरव चटवाल के आदेशों पर एमडीडीए की टीम ने मौके पर पहुंचकर बुलडोजर चलाया और संपूर्ण प्लॉटिंग ध्वस्त कर दी। इसके बाद टीम ने शिमला बाईपास रोड स्थित बालाजी इन्क्लेव में महेश उपाध्याय, सतीश व अन्य द्वारा की जा रही अवैध प्लॉटिंग पर कार्रवाई की। यहाँ भी लगभग 10 बिघा भूमि पर अनधिकृत प्लॉटिंग को तत्काल प्रभाव से ध्वस्त कर दिया गया। इसी क्रम में हरबजवाला स्थित सरस्वती इन्क्लेव में जे.पी. यादव व अन्य द्वारा लगभग 6 बिघा भूमि पर की जा रही अवैध प्लॉटिंग को भी एमडीडीए की टीम ने बुलडोजर चलाकर समाप्त कर दिया।
इन सभी कार्यवाहियों में एमडीडीए उपाध्यक्ष बंशीधर तिवारी, मुख्य अभियंता एच.सी.एस. राणा, प्राधिकरण की संयुक्त टीम तथा पुलिस बल मौके पर उपस्थित रहे। कार्रवाई के दौरान किसी भी प्रकार की अव्यवस्था न हो, इसके लिए पुलिस बल की तैनाती की गई थी।
अवैध प्लॉटिंग के साथ-साथ प्राधिकरण ने विभिन्न क्षेत्रों में चल रहे अनधिकृत व्यवसायिक एवं आवासीय निर्माणों पर भी सीलिंग की कार्रवाई की। शिमला बाईपास रोड के बुद्धपुर क्षेत्र में सुमित कौशिक द्वारा किए जा रहे अवैध व्यवसायिक निर्माण को सील किया गया। इसी प्रकार नया गांव (गौस गोदाम के समीप) में भागीरथी देवी द्वारा किए जा रहे व्यवसायिक निर्माण को भी सील किया गया।
तुन्तोवाला रोड पर सतीश सैनी द्वारा किए जा रहे अवैध निर्माण पर सीलिंग की कार्रवाई की गई। वहीं विकासनगर के तेलपुर मार्ग स्थित दुर्गा मंदिर के पास अमजद द्वारा किए जा रहे व्यवसायिक निर्माण को भी सील किया गया। इसके अतिरिक्त गंगोत्री विहार, मोनाल इन्क्लेव क्षेत्र में रोहित यादव और दिनेश द्वारा किए जा रहे अवैध निर्माणों को भी सील किया गया। सभी स्थानों पर एमडीडीए की प्रवर्तन टीम के साथ पुलिस बल मौजूद रहा और कार्यवाही शांतिपूर्वक संपन्न की गई।
हर क्षेत्र की नियमित मॉनिटरिंगएमडीडीए उपाध्यक्ष बंशीधर तिवारी ने कार्रवाई का नेतृत्व स्वयं मौके पर रहकर किया। उन्होंने कहा कि प्राधिकरण देहरादून और आसपास के इलाकों को व्यवस्थित विकास की दिशा में आगे बढ़ाने के लिए लगातार अभियान चला रहा है। उन्होंने कहा कि अवैध प्लॉटिंग और निर्माणों पर किसी भी सूरत में रियायत नहीं दी जाएगी। जो भी व्यक्ति बिना स्वीकृति के भूमि काटकर बेचने या निर्माण करने का प्रयास करेगा, उसके विरुद्ध सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
स्मार्ट और सुंदर शहर बनाना हमारी प्राथमिकताउपाध्यक्ष बंशीधर तिवारी ने कहा कि एमडीडीए ने क्षेत्रवार निगरानी व्यवस्था को और सुदृढ़ किया है। अब हर क्षेत्र की नियमित मॉनिटरिंग की जा रही है ताकि किसी भी नए अवैध निर्माण की सूचना तुरंत मिल सके। उन्होंने कहा कि शहर का सुनियोजित विकास तभी संभव है जब हर व्यक्ति नियमानुसार निर्माण करे। देहरादून को स्मार्ट और सुंदर शहर बनाना हमारी प्राथमिकता है। उपाध्यक्ष बंशीधर तिवारी ने जनता से भी अपील की कि वे किसी भी परियोजना या कॉलोनी में निवेश करने से पहले यह सुनिश्चित करें कि संबंधित भूमि या परियोजना प्राधिकरण से स्वीकृत हो। उन्होंने कहा कि अवैध प्लॉटिंग में निवेश करने से आम नागरिक को भविष्य में भारी आर्थिक नुकसान झेलना पड़ सकता है। इसलिए एमडीडीए की वेबसाइट या कार्यालय से जानकारी लेकर ही किसी प्रोजेक्ट में धन लगाएँ।
अभियान निरंतर जारी रहेगासचिव एमडीडीए मोहन सिंह बर्निया ने स्पष्ट किया है कि यह अभियान निरंतर जारी रहेगा। आने वाले दिनों में भी प्राधिकरण क्षेत्रान्तर्गत ऐसे सभी स्थानों पर कार्रवाई की जाएगी जहाँ अवैध निर्माण या अनधिकृत प्लॉटिंग की जा रही है। सचिव एमडीडीए मोहन सिंह बर्निया ने कहा कि राजधानी देहरादून का स्वरूप अब योजनाबद्ध विकास की दिशा में है। हम जनता के सहयोग से इसे और व्यवस्थित, हरित और आधुनिक शहर के रूप में विकसित करने के लिए प्रतिबद्ध हैं। उक्त कार्रवाई में मुख्य अभियंता एच.सी.एस. राणा, संयुक्त सचिव गौरव चटवाल, प्रवर्तन अधिकारी, औचक निरीक्षण टीम एवं पुलिस बल की विशेष इकाई शामिल रही।
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