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आधी रात अचानक कांपी धरती, 100 से ज्यादा लोगों की मौत… खौफनाक है चमोली में आए भूकंप का वो मंजर – Uttarakhand

The earth suddenly shook at midnight, more than 100 people died... The scene of the earthquake in Chamoli is terrifyingThe earth suddenly shook at midnight, more than 100 people died... The scene of the earthquake in Chamoli is terrifyingThe earth suddenly shook at midnight, more than 100 people died… The scene of the earthquake in Chamoli is terrifyingइस खबर को शेयर करेंLatest posts by Sapna Rani (see all)नई दिल्ली : पहाड़ों में गुनगुनी धूप और हल्की-हल्की गुलाबी ठंड का मौसम था। आज ही के दिन 29 मार्च 1999 में उत्तराखंड के चमोली जिले में भयंकर भूकंप आया था, जिसके निशान आज भी रह रहकर जख्मों को हरा कर देते हैं। चमोली जिले में 6.8 तीव्रता का भूकंप आया था, जिसमें लगभग 100 लोगों की जान गई और 100,000 लोग बेघर हो गए। 50 से ज्यादा लोग घायल हो गए थे।भूंकप की त्रासदी के बीच जान बचाने के लिए लोग इधर से उधर भाग रहे थे, लेकिन जाना कहां है, ये किसी को नहीं पता था। चारों तरफ खौफनाक मंजर था। भूंकप में फंसे लोगों को बचाना सरकार के लिए बहुत बड़ी चुनौती थी, क्योंकि घने पहाड़ों के बीच बसे घरों तक राहत पहुंचाना सरकार के लिए आसान नहीं था। हालांकि मौजूदा सरकार और कुछ एनजीओ के लोगों तक मदद पहुंचाने के लिए जी तोड़ प्रयास किया। चमोली के लोग आज इस खौफनाक मंजर को सोचकर डर जाते हैं। हालांकि यह कोई पहला हादसा नहीं है। उत्तराखंड ने कई त्रासदियां झेली हैं।उत्तरकाशी में अब तक आए भूकंप1918 में आया बड़ा भूकंप20 अक्तूबर 1991 की रात को 8 तीव्रता का भूकंप29 मार्च 1999 को 8 तीव्रता भूकंप21 सितंबर 2009 में 7 तीव्रता का भूकंप4 अप्रैल 2011 को 7 तीव्रता का भूकंप20 जून 2011 को 6 तीव्रता का भूकंप10 फरवरी 2012 को 5 तीव्रता का भूकंप25 अप्रैल 2015 को 8 तीव्रता का भूकंप7 फरवरी 2017 को 8 तीव्रता का भूकंप7 जून 2018 को 4 तीव्रता का भूकंप6 नवंबर 2022 को 5 तीव्रता का भूकंपसबसे शक्तिशाली भूकंपचमोली में आए भूकंप से लगभग 2600 घर ढह गए थे और 10,000 से अधिक क्षतिग्रस्त हो गए थे। यह भूकंप हिमालय की तलहटियों में 90 वर्षों का सबसे शक्तिशाली भूकंप था। इस शक्तिशाली भूकंप से रुद्रप्रयाग जिले के चमोली शहर, गोपेश्वर और ओखीमठ क्षेत्र में बिजली, पानी की आपूर्ति और कम्युनिकेशन भी गंभीर रूप से प्रभावित हुए। भूकंप के झटके कोलकाता तक महसूस किए गए थे।