देहरादून, 5 मार्च। बिना सिम और इंटरनेट के टीवी व मोबाइल पर फ़िल्में और मनोरंजन कार्यक्रम देखे जा सकेंगे। देश में इस नई टेक्नोलॉजी की शुरुआत करने वाली फ्रीस्ट्रीम के साथ ग्राफिक एरा ने एमओयू किया है। राज्य के शिक्षा व चिकित्सा मंत्री डॉ धन सिंह रावत ने इसे शिक्षा और मनोरंजन के क्षेत्र में एक बड़ी छलांग करार दिया है।
ग्राफिक एरा डीम्ड यूनिवर्सिटी में आज यह एमओयू किया गया। फ्रीस्ट्रीम ने आईआईटी कानपुर के स्टार्टअप के रूप में यह खोज की है। दुनिया में यह नई टेक्नोलॉजी है। इसके अंतर्गत डायरेक्ट टू मोबाइल तकनीक के माध्यम से फिल्में, मनोरंजन कार्यक्रम, शिक्षण सामग्री, पाठ्यक्रम और कौशल आधारित मॉड्यूल सीधा मोबाइल और टीवी पर देखे जा सकेंगे। दूरस्थ व इंटरनेट विहीन क्षेत्र के विद्यार्थियों को उच्च गुणवत्तापूर्ण शिक्षा प्राप्त हो सकेगी। साथ आई जैसी उभरती तकनीक के प्रति जागरूकता बढ़ाकर उन्हें भविष्य के लिए सक्षम बनाया जाएगा।
यह एमओयू राज्य के शिक्षा एवं चिकित्सा मंत्री डॉ धन सिंह रावत की मौजूदगी में किया गया। इस मौके पर डॉ धन सिंह रावत ने कहा कि यह पहल ग्रामीण और पर्वतीय क्षेत्रों में शिक्षा को सशक्त बनाने की दिशा में एक ऐतिहासिक कदम है। इसके माध्यम से शिक्षा हर छात्र तक पहुंचाई जा सकेगी। यह पहल मेक इन इंडिया को मजबूती देते हुए शिक्षा प्रणाली और मनोरंजन क्षेत्र में सकारात्मक बदलाव लाएगी। उन्होंने कहा कि उत्तराखंड के इस सबसे बड़े विश्वविद्यालय ने अपनी शिक्षा की गुणवत्ता और सर्वाधिक प्लेसमेंट के कारण देश में अपनी अलग पहचान बनाई है। बिना इंटरनेट और सिम के टीवी और मोबाइल पर मनोरंजन व शिक्षाप्रद कार्यक्रम दिखाने की यह नई टेक्नोलॉजी उन छात्रों के लिए बहुत महत्वपूर्ण है जहां इंटरनेट की सुविधा नहीं है या डाटा पैक पर लोग खर्च नहीं कर सकते।
ग्राफिक एरा ग्रुप ऑफ़ इंस्टीट्यूशन के अध्यक्ष प्रो. डा. कमल घनशाला ने कहा कि भारत की बड़ी कंपनियां भी शोध कार्यों पर बहुत कम खर्च कर रही है, इससे देश को नहीं तकनीकी देने का कार्य प्रभावित हो रहा है। शोध कार्यों को बढ़ाने की उन्नति के लिए क्रांतिकारी हो सकता है। जो शोध और पेटेंट हो रहा है उन्हें व्यावसायिक उपयोग में लाना भी जरूरी है। उन्होंने कहा कि शोध से हम अपनी कमियों को पहचान कर शिक्षा के क्षेत्र में नवाचार लाकर विद्यार्थियों के लिए उज्जवल और सशक्त भविष्य का निर्माण कर सकते हैं।
ग्राफिक एरा की तरफ से एग्जीक्यूटिव काउंसिल के सदस्य और 5G टेक्नोलॉजी से जुड़े प्रख्यात वैज्ञानिक पराग नायक ने एमओयू पर हस्ताक्षर किए। उन्होंने कहा कि डायरेक्ट टू मोबाइल तकनीक मोबाइल सिग्नल से बेहतर तकनीक साबित होगी और दूर दराज के विद्यार्थियों को शिक्षा से जोड़ने में अहम कड़ी बनेगी।
फ्रीस्ट्रीम की ओर से सीनियर एडवाइजर सी के जैन ने एमओयू पर हस्ताक्षर किए। उन्होंने कहा कि इस पहल के माध्यम से लोगों को तकनीक से जुड़ने, बेहतर कंटेंट तक पहुंचे और शिक्षा व मनोरंजन के अवसर प्राप्त होंगे।
ब्रॉडकास्ट इंजीनियरिंग सोसाइटी ऑफ इंडिया के चेयरमैन श्री सुनील ने कहा कि यह तकनीक सिम, डाटा और इंटरनेट पर निर्भर नहीं है। जिन क्षेत्रों में इंटरनेट की कनेक्टिविटी नहीं है यह उन क्षेत्रों के छात्रों को शिक्षा और मनोरंजन के साथ जोड़ने का माध्यम बनेगा। यह एक बड़ी ऐतिहासिक उपलब्धि है।
इस कार्यक्रम में ग्राफिक एरा डीम्ड यूनिवर्सिटी के प्रो. वाइस चांसलर डॉ संतोष एस सर्राफ, डीन इंटरनेशनल अफेयर्स डॉ डी. आर गंगोडकर, डीन इंटरनेशनल कोलैबोरेशन डॉ मांगेराम, डीन मैनेजमैंट डॉ विशाल सागर, विभिन्न विभागों के अध्यक्ष और पदाधिकारी शामिल हुए।
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