मॉनसून ने उत्तराखंड में फिर पकड़ी रफ्तार, देहरादून-नैनीताल समेत 8 जिलों में भारी बारिश का येलो अलर्ट – Uttarakhand myuttarakhandnews.com

Latest posts by Sapna Rani (see all)देहरादून; उत्तराखंड में मॉनसून फिर तेजी पकड़ रहा है। बुधवार तड़के देहरादून समेत प्रदेश के विभिन्न इलाकों में जोरदार बारिश हुई। गुरुवार को भी प्रदेश के आठ जिलों में भारी बारिश का येलो अलर्ट जारी किया गया है। मौसम निदेशक डॉ. बिक्रम सिंह ने बताया कि देहरादून, पौड़ी, टिहरी, नैनीताल, चंपावत, यूएसनगर, बागेश्वर और पिथौरागढ़ जिलों में कहीं कहीं भारी वर्षा होने की संभावना है। सभी जनपदों में कहीं-कहीं गर्जना के साथ आकाशीय बिजली चमक सकती है और बारिश के तेज दौर हो सकते हैं।उधर, अब तापमान भी सामान्य स्तर पर पहुंचने लगे हैं। दून में 31 डिग्री सेल्सियस तापमान दर्ज किया गया। मौसम विभाग के अलर्ट के बाद प्रशासन भी सतर्क हो गया है। लोगों को नदियों के पास नहीं जाने की सलाह दी जा रही है।देहरादून के कई इलाकों में जोरदार बारिश, कुमाऊं में भी बरसे मेघ देहरादून। दून समेत गढ़वाल एवं कुमाऊं के कई जिलों में बुधवार तड़के भारी बारिश हुई। तीन घंटे में 125 एमएम बारिश से लोग सहम गए। कई जगहों पर बारिश से जलभराव एवं नुकसान भी हुआ।मौसम विभाग के मुताबिक कर्णप्रयाग में 168.8, दून के मोहकमपुर में 125.8, बाजपुर में 174, रामनगर में 163, गदरपुर में 141, कालाढूंगी में 131, गूलरभोज में 117, मोहकमपुर में 108.5, सहस्त्रधारा में 104.5, धारचूला में 92, पंतनगर में 90.2, गदरपुर में 70, बाजपुर में 50, लक्सर में 50, गैरसेंण में 23 एमएम बारिश दर्ज की गई।तेज बारिश के बाद घरों में बारिश का पानी आने से नुकसान बुधवार तड़के दून शहर के विभिन्न इलाकों में काफी तेज बारिश हुई। नेहरूग्राम चर्च वाली गलि और देवपुरम तुनवाला में बारिश का पानी लोगों के घरों में आ गया। लोगों का कहना है कि नाले नालियों से पानी की निकासी नहीं हो पाने के कारण उन्हें नुकसान उठाना पड़ रहा है। इसके अलावा बंजारावाला, कारगी चौक में दीवार गिरने, तिलक रोड में पुश्ता क्षतिग्रस्त होने के कारण जलभराव हुआ।नगर निगम आपदा कंट्रोल रूम की टीमें देर रात तक राहत कार्य में जुटी थी। कुछ जगह पंप से पानी की निकासी करवाने का कार्य जारी था। नगर आयुक्त गौरव कुमार ने टीमों को निर्देश दिए हैं कि जहां लोगों के घरों में बारिश का पानी आने की सूचना मिले या किसी नुकसान की संभावना हो, वहां प्राथमिक्ता के आधार पर राहत कार्य के लिए पहुंचें। नालों की सफाई आदि के लिए अन्य कर्मचारियों की मदद लें। उन्होंने स्वास्थ्य अनुभाग को निर्देश दिए हैं कि कंट्रोल रूम में जरूरत के हिसाब से कर्मचारियों की संख्या बढ़ाई जाए।

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