Categories: hindiUttarakhand

उत्तराखंड में मानसून की तैयारी तेज, सतपाल महाराज ने अधिकारियों को दिए सख्त निर्देश – myuttarakhandnews.com

उत्तराखंड के पहाड़ों पर बादल अब हल्के-हल्के डेरा डालने लगे हैं और इसी के साथ राज्य सरकार की मशीनरी भी सक्रिय हो गई है. हर साल मानसून उत्तराखंड के लिए एक बड़ी परीक्षा लेकर आता है. कभी भूस्खलन सड़कों को निगल जाता है, कभी उफनती नदियां रास्ते काट देती हैं, और कभी अतिवृष्टि शहरों की सड़कों को तालाब में बदल देती है. इन्हीं चुनौतियों को ध्यान में रखते हुए इस बार सरकार ने समय रहते कदम उठाने की रणनीति बनाई है.
लोक निर्माण, पर्यटन एवं सिंचाई मंत्री सतपाल महाराज ने आज इसी सिलसिले में एक अहम बैठक बुलाई, जिसमें विभिन्न विभागों के अधिकारी मौजूद रहे. बैठक का लहजा साफ था चर्चा नहीं, चेतावनी; योजना नहीं, बल्कि अमल पर पूरा फोकस किया जाट. मंत्री ने एक-एक कर हर विभाग से उनकी तैयारियों का हिसाब लिया और जहां कमी नजर आई, वहां तुरंत सुधार के निर्देश दिए.
नालों और नालियों की सफाई बनी प्राथमिकताशहरों में मानसून के दौरान सबसे बड़ी परेशानी जलभराव की होती है, और इसकी सबसे बड़ी वजह बंद पड़ी नालियां और कूड़े से भरे नाले. मंत्री ने इस मसले पर खासा जोर दिया और कहा कि नहरों, ड्रेनेज सिस्टम और नालियों की सफाई का काम किसी भी सूरत में टाला नहीं जाना चाहिए. उन्होंने अधिकारियों से कहा कि यह काम महज कागजों पर पूरा नहीं दिखना चाहिए, बल्कि जमीन पर इसका असर दिखना चाहिए, ताकि जब पहली तेज बारिश आए तो शहर की सड़कें डूबें नहीं.
सड़कों की मरम्मत में आगे निकला विभागपहाड़ी राज्य में सड़कें सिर्फ आवागमन का साधन नहीं, बल्कि जीवनरेखा होती हैं. बारिश के मौसम में जब सड़कें टूटती हैं, तो गांवों का संपर्क शहरों से कट जाता है. यही वजह है कि विभाग ने इस बार सड़क मरम्मत के काम को मिशन की तरह लिया. मंत्री ने बताया कि निर्धारित लक्ष्य से भी अधिक, यानी 3,968 पैचवर्क पूरे किए जा चुके हैं एक ऐसा आंकड़ा जो विभाग की सक्रियता को खुद बयां करता है. यह आंकड़ा सिर्फ संख्या नहीं, बल्कि उन पहाड़ी गांवों के लिए राहत का संकेत है जो हर साल टूटी सड़कों की वजह से जूझते हैं.
संवेदनशील इलाकों में मशीनरी पहले से तैयारभूस्खलन प्रभावित और संवेदनशील क्षेत्रों को पहले से चिन्हित कर लिया गया है, और वहां जेसीबी, पोकलैंड तथा डंपर जैसी मशीनें पहले से ही तैनात कर दी गई हैं. इसके पीछे सोच साफ है जब आपदा आए, तो मशीनरी जुटाने में समय बर्बाद न हो, बल्कि राहत और बचाव का काम फौरन शुरू हो सके.
24×7 नियंत्रण कक्ष: एक नजर, हर हलचल परमंत्री सतपाल महाराज ने बताया कि मानसून सीजन के लिए 24 घंटे काम करने वाले नियंत्रण कक्ष पहले ही स्थापित कर दिए गए हैं. ये कंट्रोल रूम न सिर्फ हालात पर निगरानी रखेंगे, बल्कि किसी भी आपात सूचना मिलने पर तुरंत संबंधित टीमों को सक्रिय करने का काम भी करेंगे. साथ ही, यदि कोई सड़क भारी बारिश या भूस्खलन से अवरुद्ध होती है, तो यात्रियों को रास्ते में फंसे रहने के बजाय वैकल्पिक मार्गों की जानकारी दी जाएगी, ताकि उनकी यात्रा बाधित न हो.

Nandni sharma

Share
Published by
Nandni sharma

Recent Posts

मुख्यमंत्री ने पुलिस स्मृति दिवस पर शहीद जवानों को दी श्रद्धांजलि, परिजनों को किया सम्मानित

मुख्यमंत्री ने पुलिस विभाग के सुदृढ़ीकरण और कार्मिकों के कल्याण के लिए की आठ घोषणाएं…

23 minutes ago

विशेष दिव्यांग शिविर में 42 दिव्यांगजनों के दिव्यांगता प्रमाण पत्र बनाए गए, 07 नए बैंक खाते खोले गए

देहरादून। जिलाधिकारी देहरादून के निर्देशों के क्रम में बुधवार दिनांक 21 अक्टूबर, 2026 को गांधी…

1 hour ago

23 अक्टूबर से शुरू होगी ईवीएम, वीवीपैट एवं कंट्रोल यूनिट की प्रथम स्तरीय जांच

एडीएम ने तैयारियों की समीक्षा कर सुरक्षा, अग्निशमन और स्वास्थ्य व्यवस्थाएं समय पर सुनिश्चित करने…

1 hour ago

कैबिनेट मंत्री गणेश जोशी ने गोर्खाली समाज के वरिष्ठजनों से लिया आशीर्वाद, दशैं एवं विजयादशमी की दी शुभकामनाएं

देहरादून। कैबिनेट मंत्री गणेश जोशी ने आज नया गांव और जोहड़ी क्षेत्र में दशहरा (विजयादशमी)…

2 hours ago

भाजपा सरकार की नीतियों के विरोध में कल से सड़क पर उतरेगी कांग्रेस, गैरसैंण में जुटेंगे नेता – myuttarakhandnews.com

देहरादून: उत्तराखंड में प्रदेश के ज्वलंत मुद्दों और भाजपा सरकार की नीतियों के विरोध में…

2 hours ago

NEET-UG स्ट्रे वेकेंसी राउंड में सीट मिलने पर दाखिला नहीं लिया तो एक साल का प्रतिबंध, धरोहर राशि भी होगी जब्त – myuttarakhandnews.com

देहरादून: नीट-यूजी की स्ट्रे वेकेंसी काउंसलिंग में एमबीबीएस या बीडीएस की सीट आवंटित होने के…

2 hours ago