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उत्तराखंड के पहाड़ नहीं बनेंगे ‘उड़ता पंजाब’…. चरस, अफीम, स्मैक पर लगेगी ब्रेक! जानें कैसे? – Uttarakhand

Uttarakhand’s mountains will not become ‘Udta Punjab’…. Charas, opium, smack will be banned! Know how?इस खबर को शेयर करेंLatest posts by Sandeep Chaudhary (see all)अल्मोड़ा : उत्तराखंड के पहाड़ों में नशे की समस्या पिछले कुछ वर्षों में तेजी से बढ़ रही है और यह अब सिर्फ एक कानून-व्यवस्था का मुद्दा नहीं, बल्कि सामाजिक और सांस्कृतिक संकट बन चुका है. छोटे कस्बों और दूरदराज के गांवों तक चरस, अफीम, स्मैक और सिंथेटिक ड्रग्स पहुंच रहे हैं. वहीं कई जगहों पर मदिरा और अवैध शराब का सेवन भी बढ़ा है. सबसे चिंताजनक बात यह है कि इसमें युवा और स्कूली छात्र तेजी से फंस रहे हैं. इसे देखते हुए उत्तराखंड के अल्मोड़ा जिले के बेस अस्पताल में राजकीय नशा मुक्ति एवं पुनर्वास केंद्र खोला गया है.डीएम आलोक कुमार पांडे की अध्यक्षता में हुई बैठक में यह निर्णय लिया गया था. इस केंद्र के खुलने से नशे की लत में फंसे लोगों को इससे छुटकारा पाने में मदद मिलेगी. अब अल्मोड़ा के लोगों को हल्द्वानी या अन्य जगहों पर जाने की जरूरत नहीं पड़ेगी. अल्मोड़ा, बागेश्वर, पिथौरागढ़ और चंपावत जिले के लोग भी इसका लाभ उठा सकेंगे. इस नशा मुक्ति एवं पुनर्वास केंद्र को संकल्प नशा मुक्त देवभूमि ट्रस्ट संस्था द्वारा चलाया जा रहा है.बेस अस्पताल की मनोचिकित्सक डॉ. वीना तेजान ने बताया कि यह उत्तराखंड का पहला राजकीय नशा मुक्ति एवं पुनर्वास केंद्र है जो सरकारी अस्पताल में खुला है. अल्मोड़ा के बेस अस्पताल में नशा छुड़वाने के लिए लोगों को निशुल्क इलाज मिलेगा, जिसमें 6 महीने से लेकर 9 महीने तक मरीज को भर्ती किया जा सकेगा. यहां नशे से संबंधित सभी प्रकार के इलाज उपलब्ध होंगे. इस केंद्र में 30 बेड लगाए गए हैं. नशा मुक्ति केंद्र में लोगों को एडमिशन, रहना और खाना सब फ्री में दिया जाएगा. राज्य में बढ़ते नशे की रोकथाम के लिए यह केंद्र कारगर सिद्ध होगालोगों को होगा काफी फायदाडॉ. वीना तेजान ने बताया कि नशा छुड़वाने के लिए लोग अन्य शहरों की ओर जाते हैं और प्राइवेट केंद्रों में नशा छुड़वाने के लिए ₹30000 तक खर्च होते हैं. कई लोग इतनी राशि नहीं दे पाते, जिससे वे एक-दो महीने ही नशा मुक्ति केंद्र में रह पाते हैं. अल्मोड़ा के बेस अस्पताल में निशुल्क सेवा शुरू होने से लोगों को काफी फायदा होगा. मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी का भी विजन है नशा मुक्त उत्तराखंड, जिसके अंतर्गत इस पर काम किया जा रहा है. बेस अस्पताल में नशा मुक्ति केंद्र खुलने से अब तक 11 से ज्यादा लोगों के आवेदन आ चुके हैं.

Nandni sharma

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