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सिलक्यारा सुरंग को भेदने के लिए अब हैदराबाद से आने वाले प्लाटमा कटर पर टिकी निगाहें





फंसे मजदूरों की “रिहाई” में अड़चनों की चट्टान
आगर मशीन खराब, शाम तक जॉलीग्रांट पहुंचेगा प्लाटमा कटर
सीएम धामी ने प्रेस से साझा की वस्तुस्थिति कहा- सभी विकल्पों पर हो रहा काम
उत्तरकाशी। तेरह दिन से फंसे मजदूरों की “रिहाई” में अड़चनों की चट्टान ने बेचैनी के ग्राफ को कई गुना बढ़ा दिया है। दिल्ली… दून.. एक्सपर्ट नये नये विकल्पों के साथ माथापच्ची में जुटे हैं। बीते 12 नवंबर से सुरंग में फंसे 41 मजदूरों को निकालने की कवायद मंजिल तक नहीं पहुंच पायी है। शुक्रवार को ड्रिलिंग कर रही आगर मशीन के खराब होने के बाद शनिवार को कोई प्रगति नहीं हुई। आज सीएम धामी ने मौजूद मीडिया को अद्यतन स्थिति से वाकिफ कराया। उन्होंने कहा कि आगर मशीन में शुक्रवार को खराबी आ गयी।
अब इस आगर मशीन के खराब होने के हैदराबाद से प्लाटमा कटर मंगाया जा रहा है। यह कटर शनिवार की सांय जॉलीग्रांट हवाई अड्डे पर पहुंचेगा। इसके बाद यह कटर सिलक्यारा सुरंग तक पहुंचाया जाएगा। आगर मशीन के खराब होने कर बाद 47 मीटर तक पहुंच चुके पाइप को वापस खींचते हुए कटर से मलबा काटा जाएगा। यह कटर 1 घण्टे में 5 मीटर तक मलबा काट देगा। सीएम की प्रेस के बाद यह साफ हो गया कि मजदूरों की सुरंग से ‘रिहाई’ में अभी और समय लगेगा। चूंकि, अभी तक लगभग 48 मीटर तक मलबा साफ किया गया है। लगभग 25 मीटर की और खुदाई करनी है।
इस बीच,जीपीआर सर्वे के लगभग 5 मीटर तक कोई बाधा नहीं आने की बात पर भी सवाल उठ रहे हैं। शुक्रवार की सांय को अधिकारियों ने जीपीआर सर्वे के इस तथ्य को मीडिया के साथ साझा भी किया था। लेकिन इसके ठीक बाद आगर मशीन से ड्रिलिंग शुरू होते ही अवरोधों का सामना करना पड़ा। और मशीन ने काम करना बंद कर दिया। यह मसला सीएम की प्रेस में भी उठा। सीएमने कहा कि अब प्लाटमा कटर आने के बाद तेजी से ड्रिलिंग होगी। इसके अलावा अन्य पांच विकल्पों परभी काम जारी है।
सीएम धामी ने बताया कि सुरंग में फंसे गब्बर सिंह व अन्य मजदूरों के साथ उनकी बात हुई है। और सभी के हौसले बुलंद है। उन्हें भोजन व अन्य वस्तुएं भेजी जा रही है।
बहरहाल, शनिवार को मिले आधिकारिक इनपुट में बाद मजदूरों के परिजन खासे बेचैन नजर आए। शनिवार को मीडिया भी विशेष तौर पर अलग मूड में दिखा। सुरंग में फंसे 41 मजदूरों की सकुशल वापसी के लिए शनिवार, 26 नवंबर पर सभी की नजरें टिक गयी है।

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