उत्तराखंड में अब शीतलहर की दस्तक, चमोली से उत्तरकाशी तक होगी बर्फबारी, कहां-कहां माइनस में होगा तापमान? – myuttarakhandnews.com

ऋषिकेश: उत्तराखंड में 11 दिसंबर को मौसम फिर से ठंड और शीतलहर की चपेट में रहने वाला है. India Meteorological Department (IMD) ने इस दौरान न सिर्फ तापमान में गिरावट की संभावना जताई है, बल्कि राज्य के कई हिस्सों में कड़ी हवाओं, कोहरे और घने बादलों की चेतावनी दी है. प्रदेश के पहाड़ी और मैदानी दोनों क्षेत्रों में शीतलहर का असर सुबह-सवेरे और रात में सबसे तेज रहने वाला है. दिन में हल्की धूप दिखेगी, लेकिन इसके बावजूद तापमान सामान्य से नीचे ही रहेगा.
मौसम विभाग से मिली जानकारी के अनुसार सुबह-सुबह मैदानी इलाकों में न्यूनतम तापमान लगभग 4°C–6°C रहने की संभावना है. पहाड़ी जिलों जैसे चमोली, उत्तरकाशी, बागेश्वर और पिथौरागढ़ में तापमान –1°C से 2°C तक जा सकता है. ऊंचाई वाले क्षेत्रों में ओस जमने से पाला दिखाई देगा, जो पैदल रास्तों और सड़कों को फिसलन भरा बना सकता है. तेज हवाओं और नमी के कारण “Wind Chill” का असर तापमान को और कम महसूस कराएगा, जिससे ठंड और ज्यादा लगेगी. इसके साथ कोहरा या घनी धुंध भी छा सकती है, जिससे दृश्यता कम होगी और सड़कों पर फिसलन का खतरा बढ़ जाएगा.
दोपहर में धूप के बावजूद भी तापमान नहीं बढ़ेगादोपहर में हल्की धूप मिलेगी, लेकिन तापमान में ज्यादा बढ़ोतरी की उम्मीद नहीं है. मैदानी इलाकों में दिन का अधिकतम तापमान लगभग 14°C–17°C तक रह सकता है. पहाड़ी इलाकों में यह 7°C–11°C के बीच सीमित रहने की संभावना है. हिमालयी क्षेत्रों में बर्फीली हवाएं चल सकती हैं, जिनकी गति 12–20 km/h तक रहने का अनुमान है. यह हवाएं शरीर का तापमान तेजी से कम करेंगी. इसलिए धूप निकलने पर भी गरमाहट महसूस कम होगी.
मैदानी इलाकों में कितना रहेगा तापमानशाम और रात होते-होते ठंड गहरी हो जाएगी. मैदानी इलाकों में रात का तापमान करीब 3°C-5°C तक गिर सकता है. पहाड़ों में यह -3°C से 0°C तक पहुंचे की संभावना है. शून्य के नीचे गिरते तापमान से पाला जमने की स्थिति बनेगी. कई क्षेत्रों में पानी जमने और बर्फ की पतली परत बनने की स्थिति बन सकती है, खासकर वहां जहां पिछले दिनों बारिश या हिमपात हुआ हो. यह स्थिति रात में यात्रा के दौरान खतरा बढ़ा सकती है. नमी 40%-78% के बीच रहने की उम्मीद है, जिससे ठंड का असर और बढ़ेगा. दृश्यता भी रात में बेहद कम हो सकती है, खासकर मैदानी हिस्सों में.

About The Author

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Enable Notifications OK No thanks