देहरादून। वन विभाग ने भालू के हमलों को लेकर बड़ा फैसला लिया है। अब अगर किसी व्यक्ति को भालू के हमले में गंभीर चोट आती है, तो उसे इलाज के लिए 10 लाख रुपये तक की मदद मिल सकती है। इसके लिए विभाग ने प्रस्ताव बनाकर सरकार को भेज दिया है।
यह फैसला प्रमुख वन संरक्षक (PCCF) रंजन मिश्रा की अध्यक्षता में हुई बैठक में लिया गया। बैठक में अधिकारियों ने बताया कि कई जगहों पर भालू के हमले बढ़ रहे हैं। इसलिए उन इलाकों में जैव विविधता बोर्ड और वन अनुसंधान विभाग की मदद से खास अध्ययन कराया जाएगा, ताकि कारणों का पता चल सके।
अधिकारियों ने कहा कि गांवों में लोगों को जागरूक करने, झाड़ियां साफ करने और निगरानी बढ़ाने के लिए अतिरिक्त स्टाफ की जरूरत है। पीसीसीएफ ने कहा कि मानव-वन्यजीव संघर्ष और जंगल की आग दोनों बड़ी चुनौती हैं, इसलिए जरूरत के अनुसार वॉचर तैनात किए जाएंगे।
बैठक में यह भी बताया गया कि भालू के हमले में घायल लोगों को अस्पताल पहुंचाने और गांव में होने वाले खर्च की भरपाई का भी प्रावधान किए जाने का सुझाव दिया गया है।
गढ़वाल क्षेत्र से आई जानकारी में बताया गया कि रुद्रप्रयाग के कई इलाकों में स्कूल के समय भालू दिख रहे हैं, जिससे बच्चों की सुरक्षा को खतरा है। इस पर वन विभाग ने जिला प्रशासन से स्कूल टाइम एक घंटा आगे बढ़ाने की मांग की है।
बैठक में पीसीसीएफ एसबी सुबुद्धि, अपर प्रमुख वन संरक्षक मीनाक्षी जोशी, सुशांत पटनायक समेत कई अधिकारी मौजूद थे।
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