दून क्लब के हांडी रेस्टोरेंट में मिली सड़ी-गली सब्जियां, बासी चावल और कॉकरोच-चूहों की मौजूदगी से खाद्य सुरक्षा की खुली पोल, 14 दिन का इम्प्रूवमेंट नोटिस जारी
उपभोक्ताओं के स्वास्थ्य से किसी भी प्रकार का समझौता बर्दाश्त नहीं – विनय शंकर पांडेय
देहरादून : आमजन को सुरक्षित, स्वच्छ और गुणवत्तापूर्ण खाद्य पदार्थ उपलब्ध कराने के लिए उत्तराखंड में मिलावटी एवं असुरक्षित खाद्य पदार्थों के खिलाफ छापेमारी अभियान लगातार जारी है। खाद्य संरक्षा एवं औषधि प्रशासन (FDA) आयुक्त विनय शंकर पांडेय के दिशा-निर्देशों में खाद्य सुरक्षा मानकों का उल्लंघन करने वाले प्रतिष्ठानों पर सख्त कार्रवाई की जा रही है। इसी क्रम में देहरादून के न्यू सर्वे रोड, करणपुर स्थित दून क्लब के हांडी रेस्टोरेंट में खाद्य सुरक्षा एवं स्वच्छता से जुड़ी गंभीर अनियमितताएं सामने आई हैं।
निरीक्षण के दौरान रसोईघर, फ्रीजर और भंडारण स्थलों पर सड़ी-गली सब्जियां, बासी खाद्य सामग्री, अत्यधिक गंदगी तथा कॉकरोच और चूहों की मौजूदगी पाई गई। मामले की गंभीरता को देखते हुए रेस्टोरेंट को तत्काल प्रभाव से बंद करा दिया गया और संचालक को 14 दिन का इम्प्रूवमेंट नोटिस जारी किया गया।
रसोई से स्टोर रूम तक मिलीं गंभीर खामियां
खाद्य संरक्षा एवं औषधि प्रशासन (FDA) और राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण, उत्तराखंड तथा जिला जज एवं जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, देहरादून की संयुक्त टीम ने रेस्टोरेंट का आकस्मिक निरीक्षण किया। टीम ने रसोईघर, फ्रीजर, खाद्य सामग्री के भंडारण स्थलों, बर्तन धुलाई क्षेत्र और स्टोर रूम की जांच की। इस दौरान कई ऐसी खामियां सामने आईं, जो खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता और उपभोक्ताओं के स्वास्थ्य के लिहाज से गंभीर चिंता का विषय हैं।
निरीक्षण में फ्रीजर के भीतर फूलगोभी, मूली, शिमला मिर्च, पत्तागोभी और आलू सहित विभिन्न सब्जियां सड़ी-गली अवस्था में मिलीं। लगभग दो दिन पुराने पके चावल, दो से तीन दिन पुराना गूंथा हुआ आटा और करीब एक सप्ताह पुरानी मोमोज एवं चाउमीन बनाने की सामग्री भी पाई गई। खाद्य पदार्थों को खुले बर्तनों में रखा गया था, जिससे उनकी स्वच्छता और सुरक्षित भंडारण व्यवस्था पर सवाल खड़े हुए।
मसालों की थैलियां कुतरी मिलीं, नालियां भी जाम
निरीक्षण के दौरान रसोईघर और मसालों की अलमारी में कॉकरोच तथा चूहों की मौजूदगी मिली। मसालों की कई थैलियां चूहों द्वारा कुतरी हुई पाई गईं। स्टोर रूम में भी चूहों की मौजूदगी सामने आई। बर्तन धोने के स्थान पर अत्यधिक गंदगी, तीन से चार दिन पुराने जूठे बर्तन और जमा कूड़ा-कचरा मिला। नालियां जाम थीं और ड्रेनेज सिस्टम भी खराब स्थिति में पाया गया।
इसके अतिरिक्त, रेस्टोरेंट प्रबंधन कर्मचारियों की मेडिकल फिटनेस से संबंधित अभिलेख प्रस्तुत नहीं कर सका। परिसर में पेस्ट कंट्रोल कराए जाने के प्रमाण और इस्तेमाल किए जा रहे पानी की वॉटर टेस्ट रिपोर्ट भी उपलब्ध नहीं मिली। इन कमियों से स्पष्ट हुआ कि खाद्य सुरक्षा और स्वच्छता संबंधी आवश्यक व्यवस्थाओं के अनुपालन में गंभीर लापरवाही बरती जा रही थी।
खाद्य पदार्थों के नमूने जांच के लिए भेजे, 22 किलो सामग्री नष्ट
संयुक्त निरीक्षण टीम ने रेस्टोरेंट में उपलब्ध पनीर, दूध और डीप फ्रीजर में रखी तैयार चिकन करी के नमूने जांच के लिए लिए। वहीं, मौके पर लगभग पांच किलोग्राम बासी चावल, 15 किलोग्राम सड़ी-गली सब्जियां, दो किलोग्राम मोमोज और बासी चिकन करी को नष्ट कराया गया। नमूनों की जांच रिपोर्ट प्राप्त होने के बाद संबंधित खाद्य सुरक्षा कानूनों और नियमों के तहत आगे की कार्रवाई की जाएगी।
संयुक्त निरीक्षण दल में वरिष्ठ खाद्य सुरक्षा अधिकारी कपिल देव, अभिहित अधिकारी खाद्य सुरक्षा मनीष सयाना और वरिष्ठ खाद्य सुरक्षा अधिकारी रमेश सिंह शामिल रहे। निरीक्षण के दौरान दून क्लब के अध्यक्ष मनोज सूरी भी मौके पर उपस्थित थे। टीम ने रेस्टोरेंट स्वामी अभय सिंह नेगी को खाद्य सुरक्षा और स्वच्छता संबंधी कमियों को दूर करने के लिए कड़े निर्देश दिए।
14 दिन में सुधार नहीं तो लाइसेंस निलंबन समेत कार्रवाई
निरीक्षण में पाई गई अनियमितताओं के बाद रेस्टोरेंट को बंद कराते हुए 14 दिन का इम्प्रूवमेंट नोटिस जारी किया गया है। नोटिस के तहत परिसर की गहन सफाई, खराब खाद्य सामग्री का उचित निस्तारण, प्रभावी पेस्ट कंट्रोल, नालियों और ड्रेनेज सिस्टम की मरम्मत, पेयजल की गुणवत्ता की जांच तथा कर्मचारियों की मेडिकल फिटनेस के आवश्यक अभिलेख सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं। निर्धारित अवधि के बाद दोबारा निरीक्षण कर सुधारात्मक कार्यों का सत्यापन किया जाएगा। यदि कमियां दूर नहीं की गईं, तो रेस्टोरेंट का लाइसेंस निलंबित करने सहित अन्य वैधानिक कार्रवाई की जा सकती है।
जिला विधिक सेवा प्राधिकरण और खाद्य संरक्षा एवं औषधि प्रशासन ने स्पष्ट किया कि खाद्य सुरक्षा मानकों के अनुपालन को सुनिश्चित करने के लिए निगरानी और कार्रवाई जारी रहेगी। रेस्टोरेंट के मामले में आगे की कार्रवाई निरीक्षण के दौरान जारी नोटिस की अनुपालना और खाद्य नमूनों की जांच रिपोर्ट के आधार पर की जाएगी।
उपभोक्ताओं के स्वास्थ्य से किसी भी प्रकार का समझौता बर्दाश्त नहीं – विनय शंकर पांडेय
आयुक्त विनय शंकर पांडेय ने कहा कि प्रदेशवासियों को सुरक्षित, स्वच्छ और गुणवत्तापूर्ण खाद्य पदार्थ उपलब्ध कराना प्रशासन की प्राथमिकता है। खाद्य पदार्थों में मिलावट, अस्वच्छ परिस्थितियों में भोजन तैयार करने और खाद्य सुरक्षा मानकों की अनदेखी करने वाले प्रतिष्ठानों के विरुद्ध नियमानुसार सख्त कार्रवाई की जाएगी।
संबंधित विभागों को नियमित निरीक्षण और छापेमारी के माध्यम से ऐसी गतिविधियों पर प्रभावी अंकुश लगाने के निर्देश दिए गए हैं। उन्होंने कहा कि खाद्य कारोबारियों को निर्धारित मानकों का पालन करना होगा। उपभोक्ताओं के स्वास्थ्य से किसी भी प्रकार का समझौता बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और उल्लंघन सामने आने पर नियमानुसार कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।
अपर आयुक्त ताजबर जग्गी ने कहा—जगह-जगह हो रही जांच
अपर आयुक्त ताजबर जग्गी ने बताया कि प्रदेशभर में खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता सुनिश्चित करने के लिए संबंधित विभागों की टीमें विभिन्न स्थानों पर निरीक्षण और छापेमारी कर रही हैं। खाद्य सामग्री के भंडारण, रसोईघर की स्वच्छता, पेयजल की गुणवत्ता और खाद्य पदार्थों की सुरक्षित तैयारी पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है।
जहां भी गंभीर अनियमितताएं सामने आती हैं, वहां नियमानुसार कार्रवाई की जाती है। उन्होंने कहा कि खाद्य कारोबारियों को नियमों का पालन करना चाहिए, ताकि आमजन को सुरक्षित भोजन मिल सके। विभागीय कार्रवाई का उद्देश्य उपभोक्ताओं के स्वास्थ्य की रक्षा करना और खाद्य सुरक्षा व्यवस्था को प्रभावी बनाना है।
प्रतिष्ठित संस्थान में ऐसी लापरवाही चिंताजनक : सीमा डुंगराकोटी
सचिव जिला विधिक सेवा प्राधिकरण सीमा डुंगराकोटी ने कहा कि दून क्लब जैसे प्रतिष्ठित संस्थान में इस तरह की गंभीर अनियमितताएं विशेष रूप से चिंताजनक हैं। यहां विशिष्ट एवं अति विशिष्ट व्यक्तियों सहित अनेक गणमान्य अतिथियों का आवागमन रहता है। ऐसे संस्थान में भोजन तैयार करने और परोसने की व्यवस्था का स्वच्छ, सुरक्षित तथा निर्धारित खाद्य सुरक्षा मानकों के अनुरूप होना अनिवार्य है। रसोईघर में सड़ी-गली सामग्री, कॉकरोच और चूहों की मौजूदगी तथा साफ-सफाई की बदहाल स्थिति अत्यंत आपत्तिजनक है। उन्होंने स्पष्ट किया कि आमजन के स्वास्थ्य और उपभोक्ता हितों की रक्षा सर्वोपरि है तथा खाद्य सुरक्षा मानकों की अनदेखी को गंभीरता से लिया जाना चाहिए।
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