

इस खबर को शेयर करेंLatest posts by Sandeep Chaudhary (see all)उत्तराखंड में मरीजों तक गुणवत्तापरक दवाओं की पहुंच सुनिश्चित कराने के उद्देश्य से अब मेडिकल स्टोरों का हर महीने ड्रग ऑडिट होगा। ऐसे स्टोर में बिकने वाली दवाओं का माहभर का ब्योरा जांचा जाएगा। मुख्यमंत्री पुष्कर धामी के निर्देश पर सचिव-स्वास्थ्य डॉ. आर. राजेश कुमार ने शनिवार को सभी औषधि निरीक्षकों को यह दिशा-निर्देश दिए। दरअसल, राज्यभर में नशीली और नकली दवाओं के खिलाफ ऑपरेशन क्लीन के तहत विशेष अभियान शुरू किया गया है। इसके तहत स्प्यूरियस दवाओं के खिलाफ कार्रवाई की जा रही है। अब सभी मेडिकल स्टोरों की गहन जांच की जाएगी। इसके लिए औषधि निरीक्षकों को निर्देश दिए गए हैं।नकली दवाओं से जुड़े संदिग्ध ठिकानों की तलाशसचिव स्वास्थ्य ने मेडिकल स्टोरों की जांच के साथ ही जिले में नकली और नशीली दवाओं को बेचने या बनाने वाले लोगों पर भी कार्रवाई के निर्देश दिए हैं। इसके लिए संदिग्ध गतिविधियों पर नजर और गोपनीय सूचनाओं के आधार पर निरंतर छापेमारी करने को कहा गया है। सचिव स्वास्थ्य ने कहा कि नकली और नशीली दवाओं के अवैध कारोबार को खत्म करने के लिए एक महीने तक सघन चेकिंग अभियान चलाया जाएगा।नशामुक्ति केंद्रों की जांच कल से होगीसचिव स्वास्थ्य ने स्वास्थ्य महानिदेशक डॉ.सुनीता टम्टा को निर्देश दिए कि सोमवार से राज्यभर में सभी नशामुक्ति केंद्रों की जांच की जाए। उन्होंने इसके लिए अफसरों और कर्मचारियों की टीम गठित करने के निर्देश दिए हैं। सचिव ने कहा कि कई नशामुक्ति केंद्रों की शिकायत मिली है। जांच में गड़बड़ी पाए जाने पर ऐसे नशामुक्ति केंद्रों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।दवा की दो दुकानें कराई बंद, एक का लाइसेंस रद्दकांवड़ यात्रा के मद्देनजर एफडीए की टीम ने दवाओं की दुकानों पर छापेमारी की। कमियां पाए जाने पर दो दुकानों को बंद करा दिया। एक के लाइसेंस निरस्त करने की संस्तुति की है। एफडीए आयुक्त डॉ.आर राजेश कुमार के निर्देश पर डोईवाला व ऋषिकेश में यह अभियान चलाया गया। अपर आयुक्त ताजबर सिंह जग्गी की अगुआई में चले अभियान में 15 दुकानों का निरीक्षण किया गया। जग्गी ने बताया कि माही मेडिकोज दुर्गा चौक, जौलीग्रांट में फार्मासिस्ट मौके पर नहीं थे। औषधि भंडारण की स्थिति अच्छी नहीं थी। सीसीटीवी कैमरे नहीं थे। इसे बंद कराया गया। पंवार मेडिकोज, वीरभद्र रोड, निकट एम्स ऋषिकेश में फार्मासिस्ट नहीं थे। औषधि भंडारण की स्थिति अच्छी नहीं थी। फर्म का क्षेत्रफल प्रावधानों के अनुरूप नहीं पाए जाने पर बंद किया गया। इसका लाइसेंस लाइसेंस निरस्त करने की संस्तुति की गई। इस दौरान गढ़वाल मंड
