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PM Shri School : उत्तराखंड के 15 और स्कूलों को मिली पीएम श्री की मंजूरी, ये मिलेंगी सुविधाएं – myuttarakhandnews.com

उत्तराखंड में 15 और स्कूल पीएम श्री बनेंगे। मुख्य सचिव आनंद बर्द्धन ने सोमवार को सचिवालय में पीएम श्री स्कूलों की समीक्षा के दौरान यह जानकारी दी। उन्होंने स्कूलों में कंप्यूटर लैब और लाइब्रेरी की स्थापना में तेजी लाने के भी निर्देश दिए हैं। साथ ही अफसरों से कहा है कि स्कूलों में लाइब्रेरियों के लिए बजट जल्द आवंटित किया जाए।
मुख्य सचिव ने समीक्षा बैठक में कहा कि 32 पीएम श्री स्कूलों में एकीकृत साइंस लैब की स्थापना में भी तेजी लाई जाए। इसके लिए एक महीने के भीतर बजट जारी कर लिया जाए। आईआईटी कानपुर की मदद से टिंकरिंग लैब को तय समय पर तैयार करने और सभी पीएम श्री स्कूलों में खेल के मैदान उपलब्ध कराने के निर्देश भी दिए। बैठक में बताया गया कि प्रदेश में कुल 226 विद्यालयों को पीएम श्री विद्यालयों के रूप में चुना गया है। इसमें 34 प्राथमिक एवं 192 माध्यमिक विद्यालय शामिल हैं। अब 15 और स्कूल भी पीएम श्री बनने जा रहे हैं। उत्तराखंड में पीएमश्री के 22 कम्पोनेंट्स में से 16 को सौ फीसदी लागू कर लिया गया है, बाकि 6 कम्पोनेंट्स का कार्य विभिन्न चरणों में गतिमान है।
पीएम श्री स्कूल में मिलती हैं यह सुविधाएं आधुनिक और नवाचारी शिक्षा के लिए पीएमश्री स्कूल स्थापित किए जा रहे हैं। इन स्कूलों में स्मार्ट कक्षाएं, डिजिटल लर्निंग टूल्स और ऑगमेंटेड रियलिटी, वर्चुअल रियलिटी जैसी तकनीकें शामिल की जा रही हैं। इन स्कूलों को अपने-अपने क्षेत्र में मॉडल स्कूलों में रूप में विकसित किया जा रहा है। खासतौर पर राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के तहत शिक्षा प्रदान करने के लिए डिजाइन किए गए हैं।
प्रवीण शर्मा लाइव हिन्दुस्तान में स्टेट टीम का हिस्सा हैं। एक दशक से भी अधिक समय से पत्रकारिता के क्षेत्र में सेवाएं दे रहे प्रवीण साल 2014 में डिजिटल पत्रकारिता में आने से पहले प्रिंट मीडिया में भी काम कर चुके हैं। प्रवीण ने अपने करियर की शुरुआत हरिभूमि अखबार से की थी और वर्ष 2018 में लाइव हिन्दुस्तान से जुड़े। प्रवीण मूलरूप से उत्तर प्रदेश के अलीगढ़ जिले के निवासी हैं, लेकिन इनका जन्म और स्कूली शिक्षा दिल्ली से हुई है। हालांकि, पत्रकारिता की पढ़ाई इन्होंने हरियाणा के हिसार स्थित गुरु जम्भेश्वर विश्वविद्यालय से की है। वह दिल्ली-एनसीआर की सियासी घटनाओं के साथ ही जन सरोकार से जुड़ी सभी छोटी-बड़ी खबरों पर भी पैनी नजर रखते हैं।

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