

Police issued advisory to save pilgrims from fraud in Badrinath Dham, know about itइस खबर को शेयर करेंLatest posts by Sapna Rani (see all)बदरीनाथ: बदरीनाथ धाम की यात्रा पर आने वाले तीर्थयात्रियों की सुरक्षा और उन्हें ठगों से बचाने के लिए चमोली पुलिस ने एक महत्वपूर्ण एडवाइजरी जारी की है. हाल के वर्षों में तीर्थस्थलों पर ठगी की घटनाएं बढ़ी हैं, जिनमें तीर्थयात्रियों को पूजा, दर्शन और विशेष अनुष्ठानों के नाम पर ठगा जाता है. इन घटनाओं को देखते हुए पुलिस ने यह कदम उठाया है. एडवाइजरी के अनुसार तीर्थयात्रियों को किसी भी अनजान व्यक्ति से पूजा, हवन, दर्शन कराने या विशेष प्रसाद दिलवाने के नाम पर धन नहीं देना चाहिए. पुलिस ने स्पष्ट किया है कि बदरीनाथ मंदिर में केवल मंदिर समिति और अधिकृत संस्थाएं ही धार्मिक कार्यों का संचालन करती हैं. ऐसे में किसी भी बिचौलिए की कोई मान्यता नहीं है.तीर्थयात्रियों को लेकर प्रशासन ने जारी की एडवाइजरीतीर्थयात्री किसी भी ऐसे व्यक्ति के झांसे में न आएं जो दर्शन कराने या VIP दर्शन पास दिलवाने का दावा करे. मंदिर परिसर के भीतर और बाहर संदिग्ध गतिविधियों की सूचना तुरंत पुलिस को दें. अधिकृत मंदिर समिति या सरकारी सहायता केंद्रों से ही जानकारी प्राप्त करें. कोई भी राशि देने से पहले उसकी वैधता जांचें और रसीद लें.पुलिस ने धाम में सुरक्षा व्यवस्था को और अधिक सशक्त करने के लिए कई स्थानों पर सहायता केंद्र, CCTV कैमरे और मोबाइल पेट्रोलिंग टीम तैनात की हैं. इसके साथ ही पुलिस कर्मियों को तीर्थयात्रियों की सहायता और मार्गदर्शन के लिए विशेष रूप से प्रशिक्षित किया गया है. किसी भी अंजान व्यक्ति से मदद लेने से बचे.केदारनाथ ट्रैक पर 64 वर्षीय महिला की मौतएडवाइजरी जारी होने के साथ ही एक दुखद घटना भी सामने आई है. आंध्र प्रदेश से आई एक महिला यात्री की आदि केदारनाथ ट्रैक पर हृदयगति रुकने से मृत्यु हो गई. 64 वर्षीय महिला की तबीयत अचानक खराब हो गई थी, जिसके बाद उसे रेस्क्यू कर गुप्तकाशी लाया गया, लेकिन रास्ते में ही उसकी मौत हो गई. यह घटना भी यह दर्शाती है कि तीर्थयात्रियों को यात्रा से पहले स्वास्थ्य जांच और सावधानी बरतने की आवश्यकता है. साथ ही यात्रा मार्ग में सहायता केंद्रों और स्वास्थ्य सेवाओं की उपलब्धता भी सुनिश्चित की जानी चाहिए.पुलिस की एडवाइजरी तीर्थयात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने की दिशा में एक सराहनीय पहल है. इससे न केवल ठगों पर अंकुश लगेगा, बल्कि श्रद्धालुओं का विश्वास भी बढ़ेगा. यदि प्रशासन और श्रद्धालु मिलकर जागरूकता बनाए रखें तो ऐसे पवित्र स्थानों की गरिमा और सुरक्षा बनी रह सकती है.
