

Uttarakhand Paper leak News: उत्तराखंड सबऑर्डिनेट सर्विस सेलेक्शन कमीशन एग्ज़ाम (UKSSSC) में प्रश्न पत्र लीक होने के बाद विवाद खड़ा हो गया. उत्तराखंड के कई जिलों में छात्रों ने जमकर विरोध प्रदर्शन किया. वहीं, पेपर लीक करने के इल्जाम में पुलिस ने खालिद को गिरफ्तार किया है. इस पेपर लीक में खालिद की बहन सबिया समेत एक महिला प्रोफेसर सुमन चौहान पर भी इल्जाम है. इस पेपर लीक की घटना को राज्य के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने नकल जिहाद बताया है.
दरअसल, बीते 21 सितंबर को उत्तराखंड सबऑर्डिनेट सर्विस सेलेक्शन कमीशन एग्ज़ाम (UKSSSC) हुआ, लेकिन इस परीक्षा में प्रश्न पत्र लीक कर दिए गए. कथित मुख्य मुल्जिम खालिद ने पुलिस की जांच में बताया है कि वह परीक्षा शुरू होने से एक दिन पहले यानी 20 सितंबर को चोरी-छिपे परीक्षा केंद्र में पहुंचा था, जहाँ उसके द्वारा मोबाइल फोन छुपाकर रखा गया था. उस फोन के जरिए ही प्रश्न पत्र की तस्वीरें खींच ली गईं. खालिद ने बताया कि खालिद ने प्रश्न पत्र की तस्वीरें अपनी बहन साबिया को भेज दीं. साबिया को पुलिस पहले ही गिरफ्तार कर चुकी है.
पुलिस के मुताबिक साबिया ने ये तस्वीरें टिहरी जिले में कार्यरत असिस्टेंट प्रोफेसर सुमन चौहान को भेजकर प्रश्नों के उत्तर मंगवाए थे. पुलिस का यह भी कहना है कि सुमन ने शक होने पर उसके द्वारा वह तस्वीरें सोशल मीडिया पर वायरल कर दीं. सोशल मीडिया पर प्रश्न पत्र की तस्वीरें फैलने और गिरफ्तारी के डर से मुख्य मुल्जिम खालिद दिल्ली भाग गया. पुलिस ने बाद में रायपुर क्षेत्र से उसे गिरफ्तार किया और उससे पूछताछ जारी है.
इस मामले में उत्तराखंड सरकार ने SIT की टीम भी गठित कर दी थी. इस मामले पर SIT प्रभारी जय बलूनी ने कहा कि मामले की पारदर्शी छानबीन के लिए SIT का गठन कर दिया गया है. पुलिस ने बताया कि SIT जल्द एक आधिकारिक ईमेल आईडी और टोल-फ्री मोबाइल नंबर भी जारी करेगी.
इस मामले में एक बड़ी गुत्थी यह भी बनी हुई है कि परीक्षा केंद्रों पर जैमर लगे होने के बावजूद तस्वीरें किस तरह बाहर भेजी जा सकीं. पुलिस कह रही है कि इस मामले की हर एंगल से जांच की जा रही है और तकनीकी पहलुओं की भी जांच की जाएगी.
