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हल्द्वानी: उत्तराखंड और उत्तर प्रदेश के जिला कोर्ट को बम से उड़ाने की धमकी भरे ईमेल के बाद दोनों राज्यों की पुलिस में खलबली मची हुई है। दोनों राज्यों के 22 जिलों की पुलिस आरोपितों को ट्रेस करने में जुटी हुई है। वहीं नैनीताल पुलिस ने जिले की साइबर पुलिस और एसओजी की टीम को लगाया गया है।
सोमवार की सुबह नैनीताल व उत्तरकाशी जिला कोर्ट को बम से उड़ाने की धमकी मिली थी। वहीं मंगलवार को पिथौरागढ़, अल्मोड़ा व बागेश्वर जिले में भी कोर्ट को बम से उड़ाने की धमकी भरा ईमेल मिला है। इस बम थ्रेड के ईमेल को ढूंढने के लिए उत्तराखंड के चार जिले समेत उत्तर प्रदेश के 22 राज्यों की टीमें जुट गई हैं। मंगलवार को भी धमकी भरे ईमेल मिलने के बाद पुलिस सतर्क रही।
हालांकि जांच के दौरान कोर्ट से कोई भी संदिग्ध वस्तु प्राप्त नहीं हुई। मामले में एसएसपी के निर्देश पर एसओजी और साइबर पुलिस को जांच में लगाया गया है। पुलिस सूत्रों की मानें तो धमकी भरे ईमेल को आउटलुक से भेजा गया है।
पुलिस की मानें तो उत्तराखंड के साथ ही उत्तर प्रदेश के भी 18 जिलों के डिस्ट्रिक्ट कोर्ट में धमकी भरे ईमेल भेजे गए हैं। जिसमें उत्तराखंड समेत उत्तर प्रदेश के जिलों की पुलिस अज्ञात ईमेल भेजने वाले आरोपित को ट्रेस करने में जुटी हुई है। एसपी सिटी मनोज कत्याल ने बताया कि दोनों राज्यों की पुलिस बम थ्रेड के ई-मेल को ट्रेस करने में जुट गई है।
इंटरनेट मीडिया पर निगरानी, मेटल डिटेक्टर डोर लगाने के निर्देश: आइजीकुमाऊं के पिथौरागढ़, अल्मोड़ा, बागेश्वर व नैनीताल जिलों के न्यायालयों को ई-मेल के माध्यम से बम से उड़ाने की धमकियां मिलने की सूचना संज्ञान में आई है।इसकी संवेदनशीलता को देखते हुए कुमाऊं पुलिस ने तत्काल उच्च स्तरीय सतर्कता लागू करते हुए सभी जिला प्रभारियों को सख्त निर्देश दे दिए गए हैं।
न्यायालय परिसरों की सुरक्षा व्यवस्था बढ़ाने के लिए डोर फ्रेम मेटल डिटेक्टर के निर्देश दिए गए हैं। जबकि हैंड हेल्ड मेटल डिटेक्टर के माध्यम से प्रत्येक आगंतुक की गहन जांच के निर्देश दिए हैं।कहा कि धमकी भरे ई-मेल भेजने वाले अज्ञात व्यक्तियों की पहचान और ट्रेसिंग के लिए एसटीएफ के साथ समन्वय स्थापित कर विधिक कार्यवाही शुरू कर दी गई है। नागरिकों से अपील है कि अफवाहों पर ध्यान न दें।