

Before Uttarakhand elections, political tussle over ‘lame horse’, BJP-Congress face to faceइस खबर को शेयर करेंLatest posts by Sandeep Chaudhary (see all)Uttarakhand Politics: उत्तराखंड में आगमी विधानसभा चुनाव 2027 को लेकर राजनेताओं की बयानबाजी दिनोदिन तेज होती जा रही है. वहीँ अब भाजपा प्रदेश अध्यक्ष महेंद्र भट ने राहुल गांधी के पार्टी में लंगड़े घोड़ों पर की गयी टिप्पणी के जवाब में कहा कि उनकी नजर कांग्रेस के अच्छे घोड़ों पर हैं. उनके इस बयान के बाद प्रदेश में अब नई बहस छिड़ गयी है.बता दें कि मध्य प्रदेश में राहुल गांधी ने जब से लंगड़े घोड़ा का जिक्र किया है, तभी से कांग्रेस में इन दिनों लंगड़े घोड़े की चर्चा खूब चल रही है. धारचूला से कांग्रेस विधायक हरीश धामी ने कहा कि पार्टी का लंगड़ा घोड़ा ढूंढ लिया है. हरीश धामी ने हरक सिंह रावत को कांग्रेस का लंगड़ा घोड़ा करार दिया, उन्होंने कहा कि हरक सिंह रावत जैसे नेता ही लंगड़े घोड़े हैं,क्योंकि जब पार्टी के लिए दौड़ने की जरूरत थी. तब लंगड़ापन दिखाकर बीजेपी में चले गए. हरीश धामी ने हरक सिंह रावत को घेरने की कोशिश तो की लेकिन कांग्रेस की आपसी लड़ाइयां भी जग जाहिर कर दी है.भाजपा ने साधा निशानावहीं भाजपा प्रदेश अध्यक्ष महेंद्र भट्ट ने कांग्रेस पर निशाना साधते हुए कहा है की कांग्रेस के अंदर लंगड़े घोड़े की क्लास शुरू हो चुकी है. कांग्रेस के अंदर लंगड़े घोड़ों की कमी नहीं है और जो अच्छे दौड़ने वाले घोड़े थे, वह हमारे साथ बीजेपी में आ गए हैं. आगे महेंद्र भट्ट ने कहा कि हम अभी कांग्रेस के अंदर और भी अच्छे घोड़े की तलाश कर रहे हैं. उन्हें हम पार्टी से जोड़ने का काम करेंगे और 2027 के विधानसभा चुनाव में हम भारी मतों से जीत हासिल करेंगे. कांग्रेस में लंगड़े घोड़े रहे हम अच्छे दौड़ने वाले घोड़े.बीजेपी के प्रदेश अध्यक्ष ने ये बात भले ही मजाक में कही हो लेकिन उनकी एक बात तो सच है कि जब भी कोई बड़ा चुनाव आता कांग्रेस के नेता बीजेपी में शामिल हो जाते हैं. इसको लेकर बीजेपी कई बार कांग्रेस पर चुटकियां लेती रही है और ये बात सच भी साबित होती है. लोकसभा चुनाव से पहल कांग्रेस को सब से बड़ा झटका बीजेपी ने बद्रीनाथ के विधायक राजेंद्र भंडारी को शामिल कर के दिया था. वहीँ कई पूर्व विधायक और कैबिनेट मंत्री भी बीजेपी ने शामिल हो गए थे. ऐसे में बीजेपी के प्रदेश अध्यक्ष का बयान कांग्रेस के लिए खतरे की घंटी हो सकता है. वहीँ कांग्रेस नेताओं की आपसी लड़ाई भी बीजेपी के लिए बड़ी ताकत साबित होती है.
