उत्तराखंड में पंचायत चुनाव की तैयारियां शुरू,ससुर की विरासत संभालने के लिए सियासी मैदान में उतरीं बहुएं – Uttarakhand

इस खबर को शेयर करेंLatest posts by Sandeep Chaudhary (see all)अल्मोड़ा : पंचायत चुनाव में नेताजी की बहुएं भी मोर्चे पर हैं। अल्मोड़ा में पूर्व विधानसभा अध्यक्ष गोविंद सिंह कुंजवाल की बहू सुनीता ने जिला पंचायत सदस्य सीट और रामनगर में विधायक दीवान सिंह बिष्ट की बहू श्वेता ने क्षेत्र पंचायत सदस्य सीट पर ताल ठोकी है। ससुर की सियासत में बहुओं की यह एंट्री आगे क्या रंग लाएगी, यह टिकट, नामांकन और हार-जीत के फैसले पर निर्भर करेगा, लेकिन इनकी दावेदारी ने सियासी गलियारों में हलचल जरूर मचा दी है। चर्चा है कि समीकरण अनुकूल रहे तो इनकी आकांक्षाएं यहीं तक सीमित नहीं रहेंगी, बल्कि अध्यक्ष की कुर्सी पर भी नजरें रहेंगी। यही नहीं, बहुओं पर ससुर की सियासी लाज बचाने की जिम्मेदारी भी होगी।कुंजवाल के बाद बेटे से पहले बहू सियासत मेंअल्मोड़ा जिला पंचायत अध्यक्ष पद पर बड़े-बड़े दिग्गज नेता काबिज रहे हैं। केंद्रीय राज्यमंत्री अजय टम्टा भी एक समय अल्मोड़ा जिला पंचायत अध्यक्ष रह चुके हैं। जागेश्वर विधायक मोहन सिंह महरा और उनकी पत्नी ने भी जिला पंचायत की सियासत संभाली। इससे पहले हुए चुनाव में द्वाराहाट विधायक मदन बिष्ट ने पूर्ण बहुमत नहीं होने के बाद भी अपनी पत्नी उमा बिष्ट को जिपं अध्यक्ष की कुर्सी दिलाने में अहम भूमिका निभाई थी। जागेश्वर से चार बार विधायक रहे पूर्व विस अध्यक्ष गोविंद सिंह कुंजवाल, खांकर सीट से अपनी बहू सुनीता कुंजवाल को चुनावी मैदान में उतारने जा रहे हैं। सुनीता उनके मझले बेटे कुंदन कुंजवाल की पत्नी हैं। कुंदन पिता के साथ राजनीतिक कार्यों में सक्रिय रहते हैं। सीट महिला आरक्षित होने के चलते कुंदन की पत्नी को मैदान में उतारा जा रहा है। गोविंद सिंह कुंजवाल के बाद उनके परिवार से सियासत में आनी वाली उनकी बहू पहली सदस्य हैं।रामनगर विधायक की बहू फिर मैदान मेंरामनगर के विधायक दीवान सिंह बिष्ट की बहू श्वेता बिष्ट फिर पंचायत चुनाव की राजनीति में उतरी हैं। विधायक के बेटे जगमोहन बिष्ट ने बताया कि उनकी पत्नी श्वेता शंकरपुर भूल सीट से क्षेत्र पंचायत सदस्य का चुनाव लड़ेंगी। पिछली बार भी जनता ने उन्हें जिताया था और वह ब्लॉक प्रमुख का चुनाव भी लड़ी थीं। हालांकि कुछ ही मतों से जीत से रह गईं। विधायक बिष्ट की छोटी बहू कविता बिष्ट भी पूछड़ी से चुनाव जीती थीं। इस बार कविता चुनाव नहीं लड़ रही हैं। जगमोहन ने बताया कि पत्नी श्वेता को जीत मिलती है और पार्टी साथ देती है तो पत्नी ब्लॉक प्रमुख का चुनाव भी लड़ेगी।शंकरपुर भूल में दिलचस्प होगी जंगशंकरपुर भूल विधायक दीवान सिंह बिष्ट का गृह क्षेत्र है। पूर्व ब्लॉक प्रमुख संजय नेगी ने बताया कि वह खुद ढेला से बीडीसी का चुनाव लड़ेंगे। पत्नी मंजू नेगी को शंकरपुर भूल से लड़ाने की तैयारियां कर रहे हैं। विधायक बिष्ट की बहू और पूर्व ब्लॉक प्रमुख संजय नेगी की पत्नी एक ही सीट से चुनाव लड़ती हैं तो मुकाबला दिलचस्प हो जाएगा। उधर, निवर्तमान ब्लॉक प्रमुख रेखा रावत और उनके पति इंदर रावत कहां से चुनाव लड़ेंगे, इसको लेकर अभी पत्ते नहीं खोले हैं। रेखा ढेला से बीडीसी का चुनाव लड़कर ब्लॉक प्रमुख बनी थीं।

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