उत्तराखंड में रुड़की के पीजी कॉलेज में 10 से ज्यादा छात्राओं से छेड़छाड़, आरोपी प्रोफेसर दबोचा – Uttarakhand

More than 10 girl students were molested in a PG college in Roorkee, Uttarakhand, the accused professor was arrested

More than 10 girl students were molested in a PG college in Roorkee, Uttarakhand, the accused professor was arrestedMore than 10 girl students were molested in a PG college in Roorkee, Uttarakhand, the accused professor was arrestedMore than 10 girl students were molested in a PG college in Roorkee, Uttarakhand, the accused professor was arrestedइस खबर को शेयर करेंLatest posts by Sapna Rani (see all)रुड़की।: उत्तराखंड के रुड़की के एक पीजी कॉलेज में कथित तौर पर 10 से ज्यादा छात्राओं से एक प्रोफेसर ने मौखिक परीक्षा के दौरान छेड़छाड़ की। गुरुवार को इसे लेकर कॉलेज में जमकर हंगामा हुआ। छात्राओं की सामूहिक तहरीर पर पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है।गंगनहर कोतवाली क्षेत्र स्थित एक कॉलेज में गुरुवार को फिजिक्स की मौखिक परीक्षा चल रही थी। इसके लिए राजकीय महाविद्यालय चुड़ियाला के प्रोफेसर अब्दुल अलीम अंसारी को यहां भेजा गया था।आरोप है कि प्रोफेसर ने 10 से ज्यादा छात्राओं से छेड़छाड़ की। प्रोफेसर ने एक छात्रा के हाथ पर अपना नंबर तक लिख दिया। इससे गुस्साए छात्र-छात्राओं ने कॉलेज में हंगामा किया। भारी हंगामा के बीच से कैंपस में पहुंची पुलिस ने प्रोफेसर को हिरासत में ले लिया।पीड़ित छात्राएं भी थाने पहुंच गईं और प्रोफेसर पर कड़ी कार्रवाई की मांग करने लगीं। सूचना पर परिजन भी कोतवाली पहुंच गए। गंगनहर कोतवाली प्रभारी निरीक्षक आरके सकलानी ने बताया कि छात्राओं की तहरीर के आधार पर 50 वर्षीय आरोपी प्रोफेसर अब्दुल अलीम अंसारी के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया है। आरोपी को गिरफ्तार कर लिया गया है।शिक्षकों पर रोक से संगठन में नाराजगीवहीं, देहरादून विवि-काॅलेज के सेमिनार में इससे इतर विषयों के प्राध्यापक शामिल होने पर शासन की ओर से रोक लगाई गई है। इस बाबत बीती छह मई को उच्च शिक्षा सचिव डॉ. रंजीत कुमार सिन्हा की ओर से प्रदेश के सभी कुलपति को पत्र भेजा गया है। उधर, इस फैसले पर प्रादेशिक सहायता प्राप्त महाविद्यालय एसोसिएशन (पाका) ने कड़ा विरोध जताया है।अध्यक्ष प्रो. एचएस रंधावा ने बताया, जीओ में कहा गया है कि सेमिनार सिर्फ शासन की अनुमति से ही किया जाएगा। प्रतिभागिता उस विषय के प्राध्यापकों तक सीमित होगी। शेष विषयों के प्राध्यापकों की भागीदारी को अमान्य माना जाएगा। ऐसे प्रतिभागियों को कॅरिअर एडवांसमेंट स्कीम के लिए प्रमाणपत्र मान्य नहीं होंगे। इस पर पाका ने आपत्ति दर्ज कराई है।

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