

Rain is wreaking havoc in Uttarakhand, mock drill will be conducted in 5 districts on June 30 to test the preparednessइस खबर को शेयर करेंLatest posts by Sandeep Chaudhary (see all)देहरादून: जुलाई का महीना शुरू भी नहीं हुआ है कि उत्तराखंड में बारिश कहर बरपाने लगी है. जून में ही बारिश की वजह से प्रदेश में भूस्खलन, मलबा गिरने और जलभराव जैसे घटनाएं हुई हैं. भारी बारिश के कारण 70 से ज्यादा सड़कें बंद हैं. बीते एक महीने में सड़क दुर्घटनाओं में 40 से ज्यादा लोगों की मौत हो चुकी है. वहीं प्राकृतिक आपदाओं में 18 लोग जान गंवा चुके हैं और नौ घायल हैं. दो लोग लापता बताए जा रहे हैं. इसे देखते हुए प्रदेश के पांच जिलों में 30 जून को मॉक ड्रिल की जाएगी.उत्तराखंड में मानसून सीजन की अभी शुरुआत ही हुई है. जुलाई में मानसून सीजन में यहां सबसे ज्यादा बारिश होती है. उसके बाद अगस्त के महीने तक भारी बारिश चलती है. इसके मद्देनजर आपदा प्रबंधन विभाग की तरफ से उत्तराखंड के पांच संवेदनशील जिलों में मॉक ड्रिल की जाएगी. ये मॉक ड्रिल 30 जून को होगी.उत्तराखंड आपदा प्रबंधन विभाग के सचिव विनोद सुमन ने बताया कि इस मॉक ड्रिल का मकसद यह है कि किस तरह हम राहत और बचाव कार्य में तेजी ला सकते हैं. कैसे रिस्पॉन्स टाइम को कम किया जाए ताकि लोगों की जान बचाई जा सके. उन्होंने बताया कि आपदा की स्थिति में राहत जल्द से जल्द लोगों के पास पहुंचे, इसे लेकर पूरी तैयारी कर ली गई है.कई जिलों में भारी बारिश की आशंकाउत्तराखंड में 3 जुलाई तक भारी बारिश का ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है. उत्तराखंड मौसम विज्ञान केंद्र ने कई जिलों में भारी बारिश की संभावना जताई है. मौसम विभाग के निदेशक विक्रम सिंह के मुताबिक, उत्तराखंड में अगले एक हफ्ते तक कई जिलों में भारी बारिश की संभावना बनी रहेगी.मौसम विभाग के मुताबिक बागेश्वर, नैनीताल, देहरादून. हरिद्वार, पौड़ी, टिहरी में 29 जून को भारी से बहुत भारी बारिश की संभावना है. वहीं 30 जून को देहरादून, टिहरी, बागेश्वर में भारी से बहुत भारी बारिश हो सकती है. अगले महीने 3 जुलाई तक भारी बारिश का अलर्ट मौसम विभाग ने जारी किया है.पहाड़ दरके, मलबे ने ली जानपिछले दिनों केदारनाथ, बदरीनाथ, यमनोत्री, कालसी, नंदप्रयाग मार्ग सहित उत्तराखंड के कई इलाकों में मानसूनी बारिश ने तबाही मचाई है. भारी बारिश से पहाड़ दरक रहे हैं, भूस्खलन हो रहा है. इससे जानमाल का भी नुकसान हुआ है. प्राकृतिक आपदाओं में 1 जून से लेकर अब तक 18 लोगों की मौत हो चुकी है. 9 लोग घायल हुए हैं तो 9 लोग लापता हैं.बताया गया है कि प्राकृतिक आपदाओं से 1 जून से उत्तरकाशी में सबसे ज्यादा छह की मौत हुई है. एक घायल और दो लापता हैं. उसके बाद रुद्रप्रयाग में तीन की मौत और 6 घायल हुए. देहरादून में तीन की मौत व एक घायल हुआ तो चमोली में तीन लोगों की मौत हुई. हरिद्वार में दो और चंपावत में एक व्यक्ति की मौत तथा बागेश्वर में एक व्यक्ति के घायल होने की जानकारी मिली है. वहीं सड़क दुर्घटनाओं में 1 जून से अब तक 45 लोगों की मौत हो चुकी है. 156 लोग घायल हुए और 11 लापता हैं.सड़क हादसों में कितने हताहतबागेश्वर – 2 की मौत, 5 घायलचमोली – 6 की मौत, 26 घायल चंपावत – 2 की मौत, 6 घायलदेहरादून – 9 की मौत, 5 घायल नैनीताल – 7 की मौत, 10 घायलपौड़ी – 4 लोगों की मौत पिथौरागढ़ – 6 की मौत, 9 घायलरुद्रप्रयाग – 5 की मौत, 14 घायलटिहरी – एक की मौत, 49 घायलउधमसिंह नगर – 18 घायलउत्तरकाशी – 3 की मौत, 10 घायलरुद्रप्रयाग – 9 लोग लापता टिहरी – 2 लोग लापता
