

देहरादूनः उत्तराखंड में लगातार हो रही भारी बारिश ने जनजीवन अस्त-व्यस्त कर दिया है। पहाड़ी जिलों में नदियां-नाले उफान पर हैं और जगह-जगह भूस्खलन से मार्ग बाधित हो गए हैं. मौसम विभाग ने देहरादून और उत्तरकाशी में रेड अलर्ट, जबकि रुद्रप्रयाग, चमोली, टिहरी और बागेश्वर में ऑरेंज अलर्ट जारी किया है. अगले 5 सितंबर तक प्रदेश में बारिश का दौर जारी रहने की संभावना जताई गई है. भारी बारिश के मद्देनज़र राज्य के 10 जिलों में आज स्कूल और आंगनबाड़ी केंद्र बंद रखने का आदेश दिया गया है. देहरादून के डीएम ने भी जिले में स्कूल और आंगनबाड़ी केंद्र बंद करने का फैसला लिया है.
उत्तराखंड में लगातार हो रही बारिश ने जनजीवन अस्त-व्यस्त कर दिया है. जगह-जगह भूस्खलन से राष्ट्रीय राजमार्ग और ग्रामीण मार्ग बाधित हो गए हैं. नदियों का जलस्तर लगातार बढ़ रहा है, जिससे निचले इलाकों में खतरा मंडराने लगा है.केदारनाथ हाईवे बंद
रुद्रप्रयाग जिले में लगातार बारिश से केदारनाथ हाईवे बांसबाड़ा के पास बाधित हो गया है. नदियों के जलस्तर में भी तेजी से बढ़ोतरी हो रही है. प्रशासन ने नदी किनारे रहने वाले लोगों से सतर्कता बरतने और सुरक्षित स्थानों पर जाने की अपील की है.
चमोली में सड़कों पर मलबाचमोली में भारी बारिश के बाद जगह-जगह सड़कों पर मलबा आ रहा है. नेशनल हाईवे से लेकर ग्रामीण क्षेत्रों को जोड़ने वाले मार्ग बाधित हो गए हैं. कई स्थानों पर सड़क धंसने से वाहन फंस रहे हैं.
जोशीमठ गांवों में भूस्खलन, दहशत में लोगजोशीमठ विकासखंड में बारिश का सबसे ज्यादा असर दिख रहा है. करछी गांव में देर रात भारी भूस्खलन से मंदिर को नुकसान पहुंचा और आवासीय इलाकों में दरारें पड़ गईं. गांव के नीचे जमीन खिसकने से लोग दहशत में हैं.
12 दिन से बंद यमुनोत्री हाइवेउत्तरकाशी जिले में यमुनोत्री राष्ट्रीय राजमार्ग जंगलचट्टी, बनास और नारदचट्टी के पास पिछले 12 दिनों से बंद है. झर्जर गाड, कल्याणी और हरेती में भी हाइवे अवरुद्ध है. वहीं स्यानाचट्टी के पास बने पुल पर पेड़ अटकने से खतरा बढ़ गया है.
धौली गंगा पर खतराचमोली के तमक के पास धौली नदी पर बने झील से रिसाव जारी है. बादल फटने के बाद नदी का बहाव रुक गया था. बीआरओ की मशीनें लगातार मलबा हटाने में जुटी है.
नैनीताल में नदियों में उफान, बाढ़ का खतरानैनीताल में भी लगातार बारिश जारी है. मुकेश्वर के भालुगाड़ नाले और पोखराड़ नाले समेत कई जगहों पर पानी का बहाव तेज है, जिससे तराई क्षेत्र में बाढ़ का खतरा बढ़ गया है. प्रशासन ने लोगों को नदी-नालों के किनारे न जाने की अपील की है.
हरिद्वार में गंगा चेतावनी स्तर पारलगातार बारिश से गंगा का जलस्तर भी बढ़ा है. मंगलवार सुबह भीमगौड़ा बैराज पर गंगा का जलस्तर 293.10 मीटर पहुंच गया, जो चेतावनी स्तर से ऊपर है. निचले इलाकों में अलर्ट जारी कर दिया गया है.
बारिश से कूड़े का ढेर फैला, बीमारियों का खतरादेहरादून, डाकपत्थर, हरबर्टपुर और विकासनगर में सड़कों पर कूड़े के ढेर बारिश के पानी में बहकर बीमारी फैलाने लगे हैं. दुर्गंध और गंदगी से लोग परेशान हैं. आसन वेटलैंड भी इस गंदगी से प्रभावित हो रहा है.
कुमाऊं में कई हिस्से बने डेंजर जोनकुमाऊं में 24 घंटे से बारिश का सिलसिला जारी है. हल्द्वानी से भीमताल होते हुए कैंची धाम रोड पर रानीबाग के पास बड़ा भूस्खलन हुआ है. नए पुल पर आवाजाही रोक दी गई है और पुराने पुल को अस्थायी रूप से खोला गया है. पहाड़ के कई हिस्से अब डेंजर जोन बन चुके हैं, जहां पर पहाड़ से पत्थर गिरने का खतरा बना हुआ है.
बद्रीनाथ हाइवे जगह-जगह बंदचमोली जिले में लगातार बारिश के कारण बद्रीनाथ राष्ट्रीय राजमार्ग कई स्थानों पर बंद हो गया है. ऋषिकेश-बद्रीनाथ हाईवे झडकुला और जोशीमठ के पास बाधित है. कमेड़ा और भनीर पानी में भी सड़क पर मलबा गिरने से आवाजाही प्रभावित है.
जोशीमठ: पल्ला गांव के 32 घरों पर दरार, गांव खालीजोशीमठ के पल्ला गांव में भारी बारिश के चलते 32 घरों में दरारें आ गई हैं. प्रशासन ने गांव को खाली करा दिया है. अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों की टीमें मौके पर पहुंचकर हालात का जायजा ले रही हैं. स्थानीय जनप्रतिनिधियों ने मांग की है कि प्रभावित परिवारों को विस्थापन तक सुरक्षित स्थानों पर ठहराया जाए.
अल्मोड़ा-खैरना हाइवे 3 दिन से बंदअल्मोड़ा-खैरना हाइवे पिछले तीन दिनों से बंद है. कवारब के पास भूस्खलन होने से मार्ग अवरुद्ध है. एक दर्जन ग्रामीण सड़कों पर भी मलबा आने से यातायात ठप है. ग्रामीणों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है.
गंगोत्री-यमुनोत्री मार्ग बाधितउत्तरकाशी जिले में गंगोत्री राष्ट्रीय राजमार्ग डबरानी के पास मलबा आने से बंद हो गया है. वहीं यमुनोत्री हाइवे झर्जर गाड़, जंगलचट्टी, बनास नारदचट्टी, कल्याणी और हरेती के पास बंद हो गया है. एनएच, लोक निर्माण विभाग और बीआरओ की टीमें मार्ग खोलने में जुटी हैं.
