

Red alert for heavy rain in Uttarakhand, Kedarnath Yatra suspended for three daysइस खबर को शेयर करेंLatest posts by Sandeep Chaudhary (see all)रुद्रप्रयाग: उत्तराखंड में आफत की बारिश अभी रूकने वाली नहीं है. मौसम विभाग ने अगले तीन दिन भारी बारिश का अलर्ट जारी किया है. मौसम विभाग के अलर्ट को देखते हुए रुद्रप्रयाग जिला प्रशासन ने आगामी तीन दिनों के लिए केदारनाथ धाम यात्रा स्थगित कर दी है. रुद्रप्रयाग जिलाधिकारी प्रतीक जैन ने बताया कि राज्य आपदा प्रबंधन विभाग से प्राप्त दिशा-निर्देशों के अनुसार सभी विभागों को सतर्क और अलर्ट मोड में रहने के निर्देश दिए गए हैं. वॉर्निंग सिस्टम का परीक्षण किया गया है और नदी किनारे रहने वाले लोगों को सुरक्षित स्थानों पर जाने की अपील की गई है.यात्रियों की सुरक्षा के दृष्टिगत केदारनाथ धाम की यात्रा अगले तीन दिनों के लिए अस्थायी रूप से रोक दी गई है. सभी राष्ट्रीय राजमार्गों के डेंजर जोनों में 24 घंटे जेसीबी व पोकलैंड मशीनें तैनात की गई हैं, ताकि मार्ग बाधित होने पर तुरंत खोलने की कार्रवाई हो सके. साथ ही पुलिस, लोक निर्माण विभाग और आपदा प्रबंधन टीमों को लगातार अलर्ट रहने के निर्देश दिए गये है.मौसम विभाग की चेतावनीजिलाधिकारी ने बताया कि नदी के जल स्तर पर लगातार निगरानी रखी जा रही है और विभिन्न माध्यमों से लोगों को मौसम की जानकारी व अलर्ट जारी किया जा रहा है. ये सभी कदम श्रद्धालुओं और नागरिकों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए उठाए गए हैं.मौसम विभाग की चेतावनी: मौसम विभाग ने 12 अगस्त से 15 अगस्त तक बारिश को लेकर पूर्वअनुमान जारी किया है. मौसम विभाग के अनुसार 12 अगस्त को हरिद्वार, उधम सिंह नगर और नैनीताल में जहां भारी बारिश को लेकर रेड अलर्ट है तो वहीं देहरादून, टिहरी, पौड़ी गढ़वाल, चंपावत और बागेश्वर में ऑरेंज अलर्ट जारी किया. इसके अलावा प्रदेश के अन्य हिस्सों के लिए येलो अलर्ट जारी किया है.इसी तरह 13 अगस्त को देहरादून, टिहरी, पौड़ी, हरिद्वार, उधम सिंह नगर, नैनीताल और बागेश्वर के लिए रेड अलर्ट जारी किया है. वहीं राज्यों के बाकी हिस्सों के लिए ऑरेंज चेतावनी जारी की है. वहीं 14 और 15 अगस्त के लिए मौसम विभाग ने ऑरेंज और येलो चेतावनी जारी है. मौसम विभाग की चेतावनी को देखते हुए प्रशासन किसी भी तरह का जोखिम नहीं ले रहा है. इसीलिए प्रशासन ने आगामी तीन दिनों के केदारनाथ धाम को स्थगित कर दिया है.बारिश से बेहाल हुई राजधानी: 11 अगस्त को भी प्रदेश के कई हिस्सों में जोरदार बारिश हुई थी. बारिश के कारण राजधानी देहरादून समेत प्रदेश में कई जिलों में बाढ़ जैसे हालत बन गए थे. सबसे ज्यादा दिक्कत देहरादून में ही देखने को मिली थी. राजधानी देहरादून में रविवार रात से हो रही बारिश के कारण नदी-नाले उफान पर आ गए थे. निचले इलाकों में तो बाढ़ का पानी घरों में घुस गया था. शहरों के बीचों-बीच से होकर गुजरने वाली बिंदाल और रिस्पना जैसी नदियों को पुलों के ऊपर से बहती हुई दिखाई दी. जिस कारण पुलों के दोनों तरफ पुलिस फोर्स को तैनात किया गया है, ताकि वहां से लोगों को सुरक्षित निकाला जा सके. इसके अलावा देहरादून के टपकेश्वर मंदिर से नीचे से बहने वाली तमसा नदी भी अपने पूरे रौद्र रुप में थी. इसी वजह से मंदिर के आसपास किसी भी श्रद्धालु को जाने नहीं दिया.मैदानी जिलों के अलावा पहाड़ी इलाकों में भी बारिश के कारण लोगों का जनजीवन अस्त-व्यस्त हो रखा है. रुद्रप्रयाग, टिहरी, उत्तरकाशी और चमोली जैसे जिलों में भारी बारिश के कारण लगातार लैंडस्लाइड हो रहा है. जिस वजह से रास्ते भी बंद रहे है. इसीलिए पुलिस-प्रशासन लोगों से अपील कर रहा है कि बहुत जरूरी हो तभी घरों से बाहर निकलो. इसके अलावा नदियों के किनारे रहने वाले लोगों को सुरक्षित स्थानों पर शिफ्ट होने को कहा गया है.
