उत्तराखंड
by cradminAugust 23, 2025August 23, 202509
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देहरादून/उत्तरकाशी।यमुनोत्री घाटी के स्यानाचट्टी कस्बे में शुक्रवार को जल प्रलय जैसा मंजर देखने को मिला। गढ़गाड़ से आए भारी मलबे और बोल्डरों ने यमुना नदी का प्रवाह रोक दिया, जिससे नदी का पानी कस्बे में घुस गया। देखते ही देखते मकान, दुकानें, होटल और स्कूल कई फीट तक पानी में समा गए। यमुनोत्री हाइवे का मोटर पुल जलमग्न हो जाने से आवाजाही पूरी तरह ठप हो गई।
हालात बिगड़ते ही जिलाधिकारी प्रशांत आर्य, एसपी सरिता डोबाल और यमुनोत्री विधायक संजय डोभाल मौके पर पहुंचे। एसडीआरएफ, एनडीआरएफ, लोनिवि और सिंचाई विभाग की टीमें झील को खोलने और पानी की निकासी के प्रयास में जुटी हैं।
गुरुवार को ही झील बननी शुरू हो गई थी और पानी भरने से स्थानीय लोग नाराज होकर झील में उतरकर विरोध करने लगे। कई घरों और होटलों में पानी घुस गया, लोग सामान तक नहीं निकाल पाए। एक महिला ने बताया—“बच्चों को गोद में लेकर भागना पड़ा, डर था कि कहीं झील का पानी और न बढ़ जाए।”
सुबह झील का जलस्तर करीब 2 फीट घटा, लेकिन खतरा टला नहीं है। विशेषज्ञों का कहना है कि यदि झील अचानक टूटी तो यमुना घाटी में भारी तबाही हो सकती है। प्रशासन ने खाली स्कूलों व धर्मशालाओं को राहत शिविरों में बदलने की तैयारी शुरू कर दी है।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने आपदा प्रबंधन सचिव को पानी की निकासी और लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं। साथ ही आवश्यक वस्तुओं की आपूर्ति बाधित न होने के आदेश भी जारी किए गए।
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