:- ओडिसा की राजधानी भुवनेश्वर में हुआ डिजिटल मीडिया पर राष्ट्रीय सम्मेलन का आयोज
:- अरुण शर्मा ने कहा पत्रकार हितों को लेकर फैसले लेने में सबसे आगे है उत्तराखण्ड की धामी सरकार
:- सीएम धामी के निर्देश पर जल्द अस्तित्व में आने वाली है डिजिटल मीडिया पॉलिसी-अरुण शर्मा
:- देश के अलग-अलग राज्यों से भुवनेश्वर (ओडिसा) पहुँचे थे 300 से अधिक पत्रकार
भुवनेश्वर/ देहरादून । ओडिसा की राजधानी भुवनेश्वर शहर में डिजिटल मीडिया पर राष्ट्रीय सम्मेलन का आयोजन किया गया। सम्मेलन में शिरकत करने के लिए देश के अलग-अलग राज्यों व शहरों से 300 से अधिक पत्रकार ओडिसा की राजधानी भुवनेश्वर पहुँचे थे। डिजिटल मीडिया के इस राष्ट्रीय सम्मेलन में राजनीतिक, सामाजिक, औधोगिक जगत की हस्तियों ने भी अपने विचार रखे। कार्यक्रम में विशेष रूप से शिरकत करने के लिए पड़ोसी मुल्क श्रीलंका की जनर्लिस्ट एसोसिएशन ऑफ श्रीलंका के अध्यक्ष वरिष्ठ पत्रकार अनिल परेरा विशिष्ठ अतिथि के तौर पर मौजूद रहे। उन्होंने अंतरराष्ट्रीय और राष्ट्रीय स्तर पर डिजिटल मीडिया की भूमिका को सबके सम्मुख रखा। इस मौके पर कार्यक्रम के आयोजक उड़ीसा डिजिटल मीडिया एशोसिएशन के अध्यक्ष तुसार पटनायक, तेलंगाना के वरिष्ठ पत्रकार शांताराम, छतीसगढ़ के पत्रकार सोनी, भवनेश्वर के वरिष्ठ पत्रकार भागवत तिरपाठी, वरिष्ठ पत्रकार राम दास, हेमा शर्मा, सविता धीर, विमल कृष्ण थंभ, दिल्ली के वरिष्ठ पत्रकार अनिल मिश्रा ने डिजिटल मीडिया की नीतियों व पत्रकारिता में डिजिटल मीडिया की भूमिका पर अपने सुझाव रखने के साथ समाधान भी बताए। इस मौके पर उत्तराखण्ड की राजधानी देहरादून से राकेश बिजल्वाण, अवधेश नौटियाल व रमन जायसवाल मौजूद रहे। इस मौके पर रंगारंग सांस्कृतिक कार्यक्रमों का भी आयोजन किया गया। जिसमें ओडिशा की सांस्कृतिक लोकविरासत के विभिन्न रंग देखने को मिले। छात्र छात्राओं के नृत्य ने सभी को मंत्र मुग्ध कर दिया।
वहीं सम्मेलन को सम्बोधित करते हुए इंडियन फेडरेशन ऑफ डिजिटल मीडिया के नवनिर्वाचित राष्ट्रीय अध्यक्ष वरिष्ठ पत्रकार अरुण शर्मा ने कहा कि आज के तकनीक और इंटरनेट के वर्तमान युग में पारंपरिक मीडिया डिजिटल मीडिया में बदल रहा है। पत्रकारिता में काम कर रहे सभी पत्रकारों को डिजिटल मीडिया की पूरी जानकारी होनी चाहिए। उन्होंने पत्रकारिता के मूल सिद्धांतों- विश्वसनीयता, डिजिटल मीडिया के लिए अच्छा कंटेंट कैसे तैयार करें, डिजिटल मीडिया क्या है। इनपुट-आउटपुट, डिजिटल मीडिया के लिए सोशल मीडिया डेस्क, पीपीएफ, वीडियो और ऑडियो पॉडकास्टिंग, क्रिएटिव और शॉर्ट प्रोडक्शन के बारे में बताया और अवधि के महत्व पर प्रकाश डाला। इन्होंने कहा कि मीडिया एक नया डेटा संसाधन बन रहा है, जिसे पत्रकारिता की दुनिया में सबसे बड़ा बदलाव कहा जा रहा है।
इंडियन फेडरेशन ऑफ डिजिटल मीडिया के नवनिर्वाचित राष्ट्रीय अध्यक्ष वरिष्ठ पत्रकार अरुण शर्मा ने कहा नए माध्यमों में इंटरनेट या वैब आधारित ऑनलाइन पत्रकारिता ने आज अलग अहमियत हासिल कर ली है। इस माध्यम ने प्रिंट ही नहीं, रेडियो और टीवी के समक्ष भी एक असरदार चुनौती उपस्थित की है। दुनिया के अनेक विकसित देशों में सोशल मीडिया और ऑनलाइन समाचार माध्यम आमलोगों के लिए सूचना और समाचार के प्राथमिक माध्यम हो गए हैं। भारत जैसे विकासशील देश में भी यह प्रवृत्ति जोर पकड़ रही है। कम साधनों में समाचार पोर्टल, वैब पत्रिकाएँ, अखबारों, न्यूज चैनलों और मीडिया संगठनों की वैबसाइट ऑनलाइन संस्करण और यूट्यूब चैनल आदि तेजी से अपनी जगह बना रहे हैं।
उन्होंने कहा पिछले एक दशक में दुनिया में और भारत में भी सोशल मीडिया संवाद, सूचना और नैटवर्किंग के एक शक्तिशाली प्लेटफॉर्म के रूप में उभरा है। आम जन के अलावा विभिन्न क्षेत्रों की हस्तियों और कार्यकर्ताओं, लेखकों-पत्रकारों, समाजशास्त्रियों, नेताओं, अभिनेताओं, खिलाड़ियों आदि ने और उद्योग-व्यवसाय के साथ संस्थाओं और समूहों ने ब्लॉग, पॉडकास्ट, फेसबुक, ट्विटर, इन्स्टाग्राम, यूट्यूब, वॉट्सऐप, स्नैपचैट आदि प्लेटफॉर्म्स को अपनी अभिव्यक्ति और संवाद-संपर्क का माध्यम भी बनाया है। इसके कारण पत्रकारिता के तौर-तरीकों में भी काफी बदलाव आए हैं। नए डिजिटल माध्यमों में पारम्परिक माध्यमों के समाहित होते जाने के कारण पत्रकारिता में प्रिंट, प्रसारण और डिजिटल के बीच का फर्क बेमानी-सा होता जा रहा है। समाचार-कक्षों का एकीकरण हो रहा है, सम्पादकीय टीम की भूमिकाएं बदल रही हैं और तकनीकी कौशल की मांग बढ़ रही है।
इंडियन फेडरेशन ऑफ डिजिटल मीडिया के नवनिर्वाचित राष्ट्रीय अध्यक्ष वरिष्ठ पत्रकार अरुण शर्मा ने कहा जल्द वह पूरी कार्यकारिणी के साथ दिल्ली जाकर केंद्रीय सूचना व प्रसारण मंत्री से मिलकर डिजिटल मीडिया को लेकर एक विस्तृत नीति लाने की मांग करेंगे। एक ऐसी नीति जिसमें डिजिटल मीडिया पत्रकारों के लिए विस्तृत गाइडलाइंस हो साथ ही उनके हितों का पूरा ध्यान रखा जाए।
वहीं इंडियन फेडरेशन ऑफ डिजिटल मीडिया के नवनिर्वाचित राष्ट्रीय अध्यक्ष वरिष्ठ पत्रकार अरुण शर्मा ने कहा उत्तराखंड की भाजपा सरकार मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में पत्रकारों के कल्याण के लिए सदैव तत्पर रहती है। मुख्यमंत्री धामी ने प्रदेश में विभिन्न मुद्दों पर पत्रकारों के हितों के लिए एक से बढ़कर एक निर्णय लिये हैं। राज्य में न्यूज़ पोर्टलों को सूचीबद्ध करने की प्रक्रिया हर साल होती है। वर्तमान में लगभग 700 से अधिक न्यूज़ पोर्टल उत्तराखण्ड सूचना विभाग में सूचीबद्ध हैं। सरकार समय-समय पर न्यूज़ पोर्टल पत्रकारों को विज्ञापन जारी करती रहती है। इसके साथ ही हाल ही में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने डिजिटल माध्यम से ट्विटर, फेसबुक, इंस्टाग्राम और यूट्यूब पर भी प्रदेश सरकार की योजनाओं और उपलब्धियों पर आधारित कंटेंट, वीडियो, ट्वीट, पोस्ट और रील को प्रदर्शित किए जाने के लिए इनसे संबंधित नीति बनाने पर कार्य शुरू कर दिया गया है।
उन्होंने बताया धामी सरकार ने पत्रकारों के हित में बड़ा निर्णय लेते हुए पत्रकार कल्याण कोष के लिए कॉर्पस फंड की धनराशि 05 करोड़ से बढ़ाकर 10 करोड़ किया है। इसके साथ ही पत्रकारों के लिए ग्रुप इंश्योरेंस लागू करने के सबंध में उन्होंने विभाग को परीक्षण करने के निर्देश दिये हैं। सीएम धामी ने तहसील स्तर पर कार्य कर रहे पत्रकारों के बारे में निर्णय लेते हुए पत्रकारों को मान्यता प्रदान करने के लिए भी व्यवस्था बनाने के निर्देश दिये हैं।
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