
उत्तराखंड में मौसम ने अचानक करवट लेकर मैदानी इलाकों से लेकर ऊंची चोटियों तक एक बार फिर ठंड बढ़ा दी है. प्रदेश के कई हिस्सों में शनिवार‑रविवार को बारिश, ओलावृष्टि और ऊंचाई वाले क्षेत्रों में जबरदस्त बर्फबारी दर्ज की गई. देहरादून, हरिद्वार, उधम सिंह नगर, टिहरी, पौड़ी, नैनीताल और चंपावत सहित कई जिलों में तेज हवाओं, बारिश और ओलावृष्टि की स्थिति मौसम विभाग की चेतावनी के अनुरूप दिखाई दी.
16 से 22 मार्च तक पश्चिमी विक्षोभ का असरमौसम विभाग के मुताबिक, पश्चिमी विक्षोभ के सक्रिय होने से 16-22 मार्च के बीच उत्तराखंड के कई हिस्सों में बारिश, बर्फबारी और ओलावृष्टि के आसार बने रहेंगे. ऊंचाई वाले क्षेत्रों- खासकर 3300 मीटर से ऊपर, हल्की बर्फबारी की संभावना जताई गई है. मैदानी जिलों में हल्की बारिश और आकाशीय बिजली की चेतावनी भी जारी है.
ऊंचाई वाले क्षेत्रों में जमकर बर्फबारीकेदारनाथ, बद्रीनाथ, गंगोत्री, यमुनोत्री, मुनस्यारी, धारचूला और औली समेत कई ऊंचाई वाले इलाकों में ताजा हिमपात ने सर्दी वापस ला दी है. बद्रीनाथ में रविवार रात से भारी बर्फबारी की पुष्टि कई रिपोर्टों में भी हुई है, जिसमें तापमान में तीखी गिरावट दर्ज की गई.
मैदानी क्षेत्रों में बारिश‑ओले, तापमान में तेज गिरावटदेहरादून, हरिद्वार, उधम सिंह नगर और नैनीताल में रविवार को तेज हवाओं के साथ बारिश और कई जगह ओलावृष्टि हुई, जिससे तापमान में उल्लेखनीय गिरावट देखी गई. पहाड़ और मैदान, दोनों ही इलाकों में लोगों को ठंड का पुनः अहसास हुआ.
गर्मी से राहत और जंगलों को ‘फायर ब्रेक’मार्च के तीसरे हफ्ते में हुई इस बेमौसम बारिश और बर्फबारी ने जहां तापमान कम किया, वहीं जंगलों में लगने वाली आग पर भी प्राकृतिक रोक लगी है. कई जगह एयर क्वालिटी में सुधार देखा गया और देहरादून का AQI 100 से नीचे रिकॉर्ड किया गया, जिससे प्रदूषण स्तर में भी राहत महसूस हुई.
22 मार्च तक रहेगा असरमौसम वैज्ञानिकों के अनुसार, 22 मार्च तक कई इलाकों में हल्की बारिश, बादल और ऊंचाई वाले क्षेत्रों में और अधिक ठंडक की संभावना बनी रहेगी. पश्चिमी विक्षोभ के लगातार असर से आने वाले दिनों में भी राहत और सर्दी दोनों का मिश्रित मौसम देखने को मिल सकता है.
