, देहरादून: द आर्यन स्कूल में कक्षा 1 से 5 तक के विद्यार्थियों के लिए वार्षिक ‘स्पिन ए यार्न – स्टोरीटेलिंग प्रतियोगिता’ का आयोजन किया गया। इस प्रतियोगिता ने नन्हे विद्यार्थियों को अपनी कल्पनाशीलता, आत्मविश्वास और कहानी कहने की कला का प्रदर्शन करने का एक उत्कृष्ट मंच प्रदान किया। प्रतियोगिता का मूल्यांकन अंग्रेज़ी विभाग की एचओडी आशिमा चांदना ने किया।
‘द फॉक्स एंड द क्रो’ जैसी लोकप्रिय कहानियों से लेकर ‘द बाइसिकल दैट रीच्ड द मून’, ‘द स्टोरी ऑफ ज़ीरो’ तथा ‘द मिस्ट्री ऑफ द मिसिंग रेनबो’ जैसी कल्पनाशील और रोचक प्रस्तुतियों तक, विद्यार्थियों ने अपने प्रभावशाली कथन, स्पष्ट उच्चारण, स्वर के उतार-चढ़ाव और भावपूर्ण अभिनय से सभी को मंत्रमुग्ध कर दिया। उनके आत्मविश्वास से भरपूर मंच प्रदर्शन और प्रभावशाली प्रस्तुति ने उपस्थित दर्शकों की खूब सराहना बटोरी।
कार्यक्रम का संचालन कक्षा 4 और 5 के छात्र-छात्राओं इनाया चांदना और निमाई ने किया। प्रतिभागियों का मूल्यांकन कहानी के यादगार प्रस्तुतीकरण, स्पष्ट उच्चारण और नाटकीय अभिव्यक्ति के आधार पर किया गया।
कक्षा 1 में सीरत गुप्ता ने प्रथम, तक्ष जायसवाल ने द्वितीय तथा गारवी गुलेरिया और हसन नमीर खान ने संयुक्त रूप से तृतीय स्थान प्राप्त किया। कक्षा 2 में अनमोल कौशिक प्रथम रहे, जबकि खुशविक गर्ग और वैष्णवी मेहता ने संयुक्त रूप से द्वितीय स्थान तथा युग अनिरुद्ध जोशी ने तृतीय स्थान हासिल किया। कक्षा 3 में आनवी रावल प्रथम, शौर्य प्रताप सिंह द्वितीय तथा व्योम राठी और अनायरा जैन संयुक्त रूप से तृतीय स्थान पर रहे।
कक्षा 4 में हेयांश भंडारी ने प्रथम, अनव बंसल ने द्वितीय और आहान चौधरी ने तृतीय स्थान प्राप्त किया। वहीं कक्षा 5 में अनन्या श्री प्रथम, ऋषिता राजपूत द्वितीय तथा मेहरप्रीत कौर तृतीय स्थान पर रहीं।
यह प्रतियोगिता विद्यार्थियों के लिए संप्रेषण कौशल, आत्मविश्वास, संवेदनशीलता और प्रभावशाली अभिव्यक्ति को विकसित करने का एक प्रेरणादायक मंच साबित हुई।
इस अवसर पर विद्यालय की प्रधानाचार्या बी. दासगुप्ता ने सभी प्रतिभागियों की सराहना करते हुए उनके साहस, उत्साह और कहानी कहने की प्रतिभा की प्रशंसा की। उन्होंने कहा कि कहानी कहने की कला बच्चों में संवेदनशीलता, प्रभावी संवाद क्षमता और आत्मविश्वास विकसित करने का एक सशक्त माध्यम है।
विद्यालय ने कक्षा 6 से 8 के विद्यार्थियों के लिए पिक्चर कंपोज़िशन प्रतियोगिता का भी आयोजन किया, जिसमें विद्यार्थियों ने विचारोत्तेजक चित्रों के आधार पर कल्पनाशील कहानियाँ और रचनाएँ प्रस्तुत कीं। अपनी सृजनात्मक सोच, प्रभावशाली भाषा शैली और लेखन कौशल का परिचय देते हुए विद्यार्थियों ने विद्यालय की समग्र शिक्षा एवं रचनात्मक प्रतिभा को प्रोत्साहित करने की प्रतिबद्धता को सार्थक रूप से प्रतिबिंबित किया।
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