सोशल मीडिया पर पेपर लीक की झूठी खबरें फैलाना पड़ेगा महंगा –

 
देहरादून, देश की प्रतिष्ठित प्रवेश परीक्षाओं नीट (NEET) और जेईई (JEE) को लेकर सोशल मीडिया पर फैल रही भ्रामक और अपुष्ट सूचनाओं के खिलाफ उत्तराखंड पुलिस ने सख्त कार्रवाई शुरू कर दी है। पुलिस का कहना है कि कुछ लोग पुराने पेपर लीक मामलों का सहारा लेकर इंटरनेट मीडिया, टेलीग्राम चैनलों और अन्य डिजिटल प्लेटफॉर्म पर झूठी खबरें प्रसारित कर रहे हैं, जिससे लाखों विद्यार्थियों और उनके अभिभावकों में भ्रम तथा भय का माहौल बन रहा है।
प्रदेश सरकार के निर्देश पर पुलिस विभाग ने ऐसे मामलों की निगरानी तेज कर दी है। साइबर सेल, स्थानीय पुलिस और खुफिया इकाइयों को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर नजर रखने के निर्देश दिए गए हैं। अधिकारियों का कहना है कि प्रतियोगी परीक्षाओं से संबंधित किसी भी संदिग्ध पोस्ट, वीडियो या संदेश की गंभीरता से जांच की जाएगी और दोषियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
हाल ही में रुड़की क्षेत्र में एक मामला सामने आया, जिसमें टेलीग्राम चैनल पर जेईई परीक्षा का प्रश्नपत्र लीक होने का दावा करते हुए एक वीडियो प्रसारित किया गया। मामले की शिकायत मिलने पर पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। प्रारंभिक जांच में सामने आया कि वीडियो में दी गई जानकारी भ्रामक हो सकती है, लेकिन इसकी सत्यता की जांच की जा रही है।
गढ़वाल परिक्षेत्र के पुलिस महानिरीक्षक (आईजी) राजीव स्वरूप ने कहा कि प्रतियोगी परीक्षाओं को लेकर झूठी सूचनाएं फैलाना केवल कानून का उल्लंघन नहीं है, बल्कि लाखों विद्यार्थियों के भविष्य के साथ खिलवाड़ भी है। उन्होंने कहा कि परीक्षार्थी लंबे समय तक कठिन परिश्रम कर इन परीक्षाओं की तैयारी करते हैं और ऐसी अफवाहें उनके मानसिक तनाव को बढ़ा देती हैं।
आईजी ने स्पष्ट किया कि यदि कोई व्यक्ति नीट, जेईई या अन्य प्रतियोगी परीक्षाओं के पेपर लीक होने संबंधी झूठी, भ्रामक या अपुष्ट जानकारी इंटरनेट मीडिया पर प्रसारित करता पाया गया, तो उसके खिलाफ आईटी एक्ट और अन्य संबंधित धाराओं के तहत कठोर कार्रवाई की जाएगी। पुलिस साइबर तकनीक की सहायता से ऐसे लोगों की पहचान कर रही है और डिजिटल साक्ष्य एकत्र किए जा रहे हैं।
पुलिस ने विद्यार्थियों और अभिभावकों से भी अपील की है कि वे सोशल मीडिया पर प्रसारित किसी भी सूचना पर बिना पुष्टि के विश्वास न करें और न ही उसे आगे साझा करें। किसी भी संदिग्ध जानकारी की सूचना तुरंत पुलिस या साइबर हेल्पलाइन को दें।
विशेषज्ञों का मानना है कि प्रतियोगी परीक्षाओं के समय अफवाहों का प्रसार तेजी से बढ़ जाता है। ऐसे में जागरूकता और सतर्कता ही इन भ्रामक सूचनाओं पर रोक लगाने का सबसे प्रभावी उपाय है। पुलिस का कहना है कि परीक्षा प्रक्रिया की पारदर्शिता बनाए रखने और विद्यार्थियों के हितों की रक्षा के लिए अभियान लगातार जारी रहेगा।

pooja Singh

Share
Published by
pooja Singh

Recent Posts

काबिना मंत्री खजानदास ने किया मन्नुगंज एवं रिस्पना का भ्रमण

देहरादून : लगातार हो रही बरसात के दौरान नदी किनारे रह रहे लोगों की सुरक्षा…

7 minutes ago

उच्च शिक्षा मंत्री डाॅ. रावत ने नवनियुक्त केन्द्रीय शिक्षा मंत्री प्रहलाद जोशी से की मुलाकात

459 करोड़ से एचएनबी गढ़वाल विश्वविद्यालय में अनुसंधान संरचना होगी सुदृढ- रावत  एनआईटी श्रीनगर के…

28 minutes ago

कोई भी पात्र मतदाता मतदाता सूची में शामिल होने से वंचित न रहे- जिलाधिकारी

जिलाधिकारी/जिला निर्वाचन अधिकारी ने सहसपुर विधानसभा क्षेत्र के पोलिंग बूथों का निरीक्षण कर एसआईआर आपत्ति…

2 hours ago

उत्तराखंड में कुदरत का कहर: उफान पर गंगा और अलकनंदा, 132 सड़कें बंद, 5 जिलों में येलो अलर्ट जारी

देहरादून: उत्तराखंड में मानसून की प्रचंड बारिश ने जनजीवन पूरी तरह अस्त-व्यस्त कर दिया है।…

2 hours ago

जिलाधिकारी की अध्यक्षता में आयोजित हुई वन भूमि हस्तांतरण की बैठक

जिलाधिकारी ने लंबित प्रकरणों में तेजी, समयबद्ध फॉलोअप और विभागीय समन्वय सुनिश्चित करने के दिए…

2 hours ago