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श्री शिव मंन्दिर में श्रीमद्भागवत् कथा का आयोजन, कथावाचक पूज्य आचार्य अरूण सती ने भक्तों को बड़ी सरल ओर सरस भाव में श्ररण करायी कथा




श्री शिव मंन्दिर में श्रीमद्भागवत् कथा का आयोजन, कथावाचक पूज्य आचार्य अरूण सती ने भक्तों को बड़ी सरल ओर सरस भाव में श्ररण करायी कथा

देहरादून। सिद्ध पीठ प्राचीन श्री शिव मंन्दिर धर्मपुर चौक देहरादून में वार्षिक उत्सव के उपलक्ष्य में श्रीमद्भागवत् सप्ताह ज्ञान का प्रथम दिवस प्रारम्भ हुआ जिसमें कथा वाचक पूज्य आचार्य अरूण सती ने प्रथम दिन की कथा भक्तों को बड़ी सरल ओर सरस भाव में श्ररण करायी। व्यास ने प्रथम दिन भागवत जी का महत्व के अर्न्तगत भक्ति, ज्ञान, वैराग्य की कथा एवं इस कलिकाल में भागवत जी के द्वारा सभी प्राणीयों का कष्ट कैसे दूर होता है इस सभी दृश्यंतों का श्रवण कराया कराया (बृहाम्ण सत्य, जगत मिथ्या) एवं मनुष्य योनी मिलने के बाद भक्ति एवं मुक्ति कैसे प्राप्त हो इन सभी बातों से अवगत कराया और संकीर्तन मात्र से हमारे अन्दर के पाप, ताप, संताप, कैसे दूर हो इन सभी बातों को कथा के माध्यम से श्रवण कराया। व्यास पीठ पर विराजमान पूज्य अरूण सती ने सभी भक्तों के कल्यानार्थ भागवत जी की महिमा बताई। कथा में आज के मुख्य यजमान सुरेन्द्र गुप्ता, मदन हुरला, व दीपक शर्मा , रहे। आज का प्रसाद सकलानन्द जुगरान, पकज गुसाई, संतोष आसवाल तथा सोनू की ओर से दिया गया।

श्रीमद् भागवत् श्रवण हेतु जय प्रकाश बंसल, आत्माराम शर्मा , दीपक शर्मा , प्रमोद शर्मा, सुनील कौशिक, श्याम सुन्दर चौहान, सहित क्षेत्र के सैकडों श्रद्वालू उपस्थित रहे। कार्यक्रम व्यवस्था प्रमुख  सीताराम भट्ट  नें मंन्दिर के वार्षिक उत्सव कलश यात्रा में सम्मिलित सभी शिव भक्तों का आभार व्यक्त किया, साथ ही पुलिस प्रशासन का धन्यवाद व आभार व्यक्त करते हुए कहा आज के परिवेश में हमारे नई पीढ़ी को नई दिशा दिखानें व सुमार्ग पर चलने का माध्यम धर्म है हम अपने बच्चों को धर्म क्या है हमारे ऋषि मुनियों ने जो मार्ग बताया उस मार्ग पर चलने का पर ही उद्धार है। कथा के अन्त में श्रोताओं से तीन प्रश्न पुछे गये सही उत्तर देने वाले को पुरूस्कृत किया गया।

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