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अजब गजब उत्तराखंड : डाकपाल (पोस्ट मास्टर) पद के लिए नियुक्तिपत्र लेने आये हरियाणा के युवक को नहीं आता हिंदी में प्रार्थनापत्र तक लिखना , हाईस्कूल परीक्षा में हिंदी में है 95 अंक – myuttarakhandnews.com

जनपद पौड़ी- 06 नवंबर 2024 को एक अजबगजब मामला सामने आया है , जहाँ पोस्ट मास्टर पद पर नियुक्ति लेने आये युवक को हिंदी तक लिखना नहीं आया ।बताते चले कि उत्तराखंड में पोस्ट ऑफिस की भर्ती प्रक्रिया पहले से ही काफी चर्चाओं में है।
अभी डाक विभाग में चयनित होकर आये डाक सेवकों के लिखने पढ़ने का मामला शांत भी नहीं हुआ था कि ये मामला सामने आगया ।
डाक विभाग में कई चयनित अभ्यर्थियों के डॉक्यूमेंट फर्जी तक निकले हैं , वही कुछ अभ्यार्थी सेलेक्ट होने के बाद भी ज्वाइंनिग नहीं दे रहे ।इससे पहले उत्तराखंड डाकविभाग में हरियाणा राजस्थान के युवकों की भर्ती ने भी जनता को काफी आक्रोशित किया था , परन्तु सरकारी फरमानों के आगे सब चुप हो गये ।
ताजा मामला ये है कि हरियाणा के रहने वाले एक युवक का जनपद पौड़ी के सिलोगी उप डाकघर के गढ़कोट शाखा डाकघर में शाखा डाकपाल के पद पर चयन हुआ है।
जब युवक पद पर नियुक्ति लेने आया तो युवक को एक एप्लिकेशन लिखने को कहा गया ,लेकिन आधे घंटे में वह शुद्ध हिंदी में एक प्राथर्ना पत्र तक नहीं लिख पाया ।
डाक अधीक्षक पौड़ी दीपक शर्मा ने बताया कि उक्त युवक द्वारा हिंदी में प्राथर्ना पत्र तक नहीं लिखा गया, साथ ही अंकों को भी हिंदी में नहीं लिख पाया है, जबकि डाक विभाग में हिंदी भाषा में कार्य संपादित होते हैं ।
सबसे चौकाने वाली बात यह थी कि हरियाणा के उस युवक द्वारा हाईस्कूल परीक्षा 2021 में हिंदी में 95 अंक प्राप्त किये है, अंग्रेजी विषय में 95अंक , गणित व सामाजिक विज्ञान में 90-90 अंक और विज्ञान व फिजिकल एंड हेल्थ एजुकेशन में 100-100 अंक मिले है ।प्राथमिक जांच में युवक के शैक्षणिक दस्तावेज सही पाये गये ।Oplus_131072
उन्होंने बताया कि प्ररकण को लेकर रिपोर्ट परिमंडल देहरादून भेज दी है. चयनित शाखा डाकपाल की तैनाती को लेकर उच्च अधिकारियों के दिशा-निर्देश के बाद कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।
हिंदी में लिखे आवेदन पत्र में चयनित डाकपाल ने अधीक्षक को अदीशय, महोदय को मेव्य, डाकघर को ढाकघर और पौड़ी को पैटी लिखा था।साथ ही अंकों को हिंदी में चयनित डाकपाल ने 1500 को पद्रासै, 2750 को सताइसे, 3531 को तीन हजार पानसे कतीस और 250 को ढाइरौ लिख दिया ।

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