
देहरादून। मसूरी-देहरादून विकास प्राधिकरण (एमडीडीए) ने अपने क्षेत्र में अनधिकृत भवन निर्माण और गैर-कानूनी भूमि विभाजन के खिलाफ अब तक की सबसे कठोर और व्यापक अभियान चलाया हुआ है। प्राधिकरण ने लगभग 10,000 बीघा भूमि पर गैर-कानूनी प्लॉटिंग को नष्ट करने के लिए मशीनें उतारी हैं, जबकि 1,000 से अधिक अनधिकृत संरचनाओं को बंद कर दिया गया है। यह अभियान न केवल आंकड़ों की दृष्टि से महत्वपूर्ण है, बल्कि इससे नियमों का उल्लंघन करने वालों में डर का वातावरण पैदा हो रहा है। एमडीडीए की यह पहल अब किसी विशेष दिन, स्थान या प्रतीकात्मक कदम तक सीमित नहीं रह गई है। रोजाना मशीनें मैदान में हैं, अनधिकृत संरचनाओं की पहचान हो रही है और नियमों के अनुसार मुहरबंदी तथा तोड़फोड़ की जा रही है। प्राधिकरण ने स्पष्ट कर दिया है कि बिना मंजूरी के निर्माण, नियमों की अनदेखी और गैर-कानूनी भूमि कटाई करने वालों पर सतत सख्त कदम उठाए जाते रहेंगे।
एमडीडीए के उपाध्यक्ष बंशीधर तिवारी की अगुवाई में प्राधिकरण ने अनधिकृत भूमि विभाजन और निर्माण के विरुद्ध शून्य सहनशीलता नीति को कड़ाई से अमल में लाया है। पद संभालने के बाद से उपाध्यक्ष के आदेशों पर इन गैर-कानूनी कार्यों के खिलाफ अभियान को गति दी गई है। क्षेत्रीय जांच, तकनीकी मूल्यांकन और प्राप्त शिकायतों पर आधारित अनधिकृत संरचनाओं की पहचान की जा रही है और बिना विलंब के कार्रवाई की जा रही है। प्राधिकरण का दृढ़ मत है कि गैर-कानूनी भूमि विभाजन सिर्फ कानून की अवमानना नहीं है, बल्कि शहर की योजना, पर्यावरण रक्षा और सार्वजनिक सुरक्षा पर प्रत्यक्ष खतरा है। ऐसी अनधिकृत बस्तियां आगे चलकर जलजमाव, यातायात अवरोध, पेयजल की कमी और आपदा जैसी समस्याएं उत्पन्न करती हैं, जिनका खामियाजा सामान्य लोगों को भुगतना पड़ता है। इसी वजह से एमडीडीए ने घोषणा की है कि अनधिकृत निर्माण करने वालों को किसी प्रकार की ढील नहीं दी जाएगी।
एमडीडीए ने गैर-कानूनी भूमि विभाजन करने वालों द्वारा निर्दोष नागरिकों को बहकाकर अनधिकृत प्लॉट बेचने की आदत पर भी सख्त रवैया अपनाया है। प्राधिकरण ने चेतावनी जारी की है कि जो भी व्यक्ति ऐसी गैर-कानूनी गतिविधियों में शामिल पाया जाएगा, उसके खिलाफ मुहरबंदी, तोड़फोड़ के अलावा कानूनी कार्यवाही और भारी दंड भी लगाया जाएगा।
मसूरी-देहरादून विकास प्राधिकरण (एमडीडीए) द्वारा अब तक की सबसे ज्यादा कार्रवाई विकासनगर, सहसपुर, सेलाकुई, हरबर्टपुर, मेहूंवाला माफी, माजरीग्रांट, पोखरी, नौगांव मांडूवाला, शिमला बाईपास रोड, प्रेमनगर, सहस्रधारा रोड, छिदरवाला, पित्थूवाला, हरभवाला, धर्मावाला, धौलास, लांघा रोड सहित डोईवाला क्षेत्र के तेलपुरा, चीनी मिल रोड, थानो रोड, भोगपुर, घमंडपुर, भानियावाला, रानीपोखरी, लालतप्पड़, कुआंवाला, हर्रावाला, बालावाला, गुलरघाटी, नकरौंदा, नथुवाला, मोहकमपुर, दूधली, शेरपुरा, बीएफ कैंप, साथ ही रायपुर और धर्मपुर क्षेत्र में की गई है।
अनधिकृत निर्माण का परिणाम तय है नष्ट करना- बंशीधर तिवारी
एमडीडीए उपाध्यक्ष बंशीधर तिवारी ने कहा कि प्राधिकरण क्षेत्र में अनधिकृत निर्माण और गैर-कानूनी भूमि विभाजन किसी भी हाल में सहन नहीं किया जाएगा। उन्होंने जानकारी दी कि अब तक लगभग 10,000 बीघा भूमि पर मशीनें चलाई जा चुकी हैं और 1,000 से अधिक अनधिकृत संरचनाओं को बंद किया गया है, फिर भी नियम भंग करने वालों के खिलाफ अभियान और तेज किया जाएगा। उन्होंने साफ किया कि यह मुहिम थमने वाली नहीं है। बिना मंजूरी के निर्माण करने वालों के लिए संदेश स्पष्ट है, अब अनधिकृत निर्माण का अंत तय है। उपाध्यक्ष ने आम लोगों से अनुरोध किया कि भूमि खरीदने या निर्माण से पूर्व एमडीडीए से वैधानिक अनुमति जरूर प्राप्त करें, अन्यथा होने वाले नुकसान की जिम्मेदारी खुद की होगी।
पहचानते ही मुहरबंदी और तोड़फोड़- मोहन सिंह बर्निया
एमडीडीए सचिव मोहन सिंह बर्निया ने कहा कि प्राधिकरण की दलों निरंतर मैदान में सक्रिय हैं और गैर-कानूनी कार्यों पर सख्त नजर रखी जा रही है। उन्होंने स्पष्ट किया कि अनधिकृत संरचनाओं की पहचान होते ही तत्काल नियमों के मुताबिक बंदी और नष्ट करने की कार्रवाई की जा रही है। सचिव ने कहा कि एमडीडीए का लक्ष्य व्यवस्थित विकास को सुनिश्चित करना है, लेकिन जो कानून की चुनौती देंगे, उनके खिलाफ सबसे कड़ी कार्रवाई जारी रहेगी।
एमडीडीए का स्पष्ट संदेश है- या तो नियमों की सीमा में रहकर कार्य करें, या फिर तोड़फोड़ के लिए तैयार रहें।
