उत्तराखंड की राजधानी में पूर्वोत्तर राज्य के विद्यार्थी की मौत: विवाद के बाद हमला, उपचार के दौरान निधन – पर्वतजन

देहरादून, 27 दिसंबर: उत्तराखंड की राजधानी देहरादून में त्रिपुरा से आए एक विद्यार्थी की हत्या का दुखद मामला प्रकाश में आया है। घटना 9 दिसंबर की रात की है, जब त्रिपुरा निवासी छात्र एंजेल चकमा और उनके भाई का कुछ स्थानीय युवाओं से झगड़ा हो गया। इन युवाओं ने एंजेल चकमा और उनके भाई पर तेजधार वाले औजारों तथा लोहे की छड़ों से आक्रमण किया, जिससे एंजेल चकमा बुरी तरह जख्मी हो गए। 9 दिसंबर से देहरादून के एक निजी चिकित्सालय में उनका इलाज चल रहा था, लेकिन शुक्रवार 26 दिसंबर की सुबह उन्होंने दम तोड़ दिया।
पुलिस अधिकारियों के अनुसार, इस प्रकरण में पांच संदिग्धों को हिरासत में लिया गया है। हालांकि, एक अवयस्क संदिग्ध अभी भी लापता है और उसकी खोजबीन जारी है। सूत्रों से पता चला है कि यह अवयस्क संदिग्ध नेपाल की ओर भाग गया हो सकता है, जिसके लिए पुलिस ने 25 हजार रुपये का पुरस्कार घोषित किया है। पुलिस ने बताया कि माइकल चकमा, पिता तरुण प्रसाद, निवासी नंदा नगर गैस गोदाम, त्रिपुरा ने 9 दिसंबर को सेलाकुई थाने में शिकायत दर्ज कराई थी।
शिकायत में माइकल चकमा ने उल्लेख किया कि वे अपने भाई एंजेल चकमा के साथ सेलाकुई बाजार में गए थे। वहां कुछ अज्ञात लोगों ने उनसे अभद्र भाषा का प्रयोग किया, जिसका उन्होंने प्रतिरोध किया। इसके पश्चात, उन व्यक्तियों ने जानलेवा इरादे से एंजेल चकमा पर तेज हथियार से प्रहार किया। इस आक्रमण में उनका भाई एंजेल चकमा गंभीर रूप से चोटिल हो गया, जिसे इलाज हेतु ग्राफिक एरा अस्पताल में भर्ती कराया गया।

पुलिस ने शिकायत के आधार पर सेलाकुई थाने में अज्ञात संदिग्धों के विरुद्ध धारा 115(2), 118, 351(3), 61(2) और 109 बीएनएस के तहत प्राथमिकी दर्ज की। देहरादून के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक अजय सिंह ने इस घटना को अत्यंत गंभीर मानते हुए सेलाकुई थाना पुलिस को संदिग्धों की धरपकड़ के आदेश दिए। घटना के बाद संदिग्ध फरार हो गए थे, लेकिन गुप्त सूचना के आधार पर पुलिस ने 14 दिसंबर को पांच संदिग्धों को पकड़ा।
पूछताछ के दौरान संदिग्धों ने स्वीकार किया कि सेलाकुई क्षेत्र में एक शराब की दुकान पर मदिरा खरीदते समय त्रिपुरा के छात्र से उनका विवाद हुआ था। इसी बहस के दौरान उन्होंने छात्र पर तेज हथियार से हमला कर दिया, जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गया।
इस प्रकरण में पांच संदिग्धों को हिरासत में लिया गया है। एक अवयस्क संदिग्ध फरार है, जिसके नेपाल जाने की खबर है और उसकी गिरफ्तारी के लिए 25 हजार रुपये का इनाम रखा गया है। उसकी तलाश में अभियान चलाया जा रहा है।
-अजय सिंह, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक, देहरादून-
एंजेल चकमा उत्तराखंड की जिज्ञासा विश्वविद्यालय में एमबीए अंतिम वर्ष के छात्र थे और अपने छोटे भाई माइकल चकमा के साथ रहते थे। माइकल चकमा उत्तरांचल विश्वविद्यालय में शिक्षा ग्रहण कर रहे हैं।
त्रिपुरा के इस युवक की आज प्रातः ग्राफिक एरा अस्पताल में इलाज के दौरान मृत्यु हो गई। 9 दिसंबर को कुछ युवकों से उनका संघर्ष हुआ था, जिसमें उन्हें चाकू से चोटें आईं। तब से उनका उपचार हो रहा था, लेकिन आज सुबह उन्होंने अंतिम सांस ली। इसके बाद मुकदमे को हत्या संबंधी धाराओं में परिवर्तित कर दिया गया है। इस मामले में पुलिस ने पांच संदिग्धों को पकड़ लिया है और अवयस्क संदिग्ध अभी भी भागा हुआ है।
-पंकज गैरोला, पुलिस अधीक्षक (देहात)-
हिरासत में लिए गए संदिग्धों के नाम:
अविनाश नेगी, पिता हरीश नेगी, निवासी शंकरपुर, थाना सहसपुर, आयु 25 वर्ष
शौर्य राजपूत, पिता भरत सिंह, निवासी धूलकोट, थाना प्रेम नगर, आयु 18 वर्ष
सूरज खवास, पिता अनिल खवास, मूल निवासी मणिपुर, वर्तमान निवासी नयागांव पेलियो, थाना पटेल नगर, आयु 18 वर्ष
सुमित, पिता प्यारेलाल, निवासी तिलवाड़ी, देहरादून, आयु 25 वर्ष
आयुष बडोनी, पिता धनेश चंद्र बडोनी, निवासी बाय खाल, सेलाकुई, आयु 18 वर्ष

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