
उत्तराखंडस्वास्थ्य
by cradminAugust 21, 2025August 21, 2025019

Share0
देहरादून, मैक्स सुपर स्पेशलिटी हॉस्पिटल, देहरादून के डॉक्टरों ने 190 किलो वजन वाली 41 वर्षीय महिला की जटिल बैरिएट्रिक सर्जरी को सफलतापूर्वक अंजाम देकर उसे नई जिंदगी दी। सर्जरी का नेतृत्व डॉ. विशाल निधि कुलश्रेष्ठ, एसोसिएट डायरेक्टर (जीआई, एमएएस एवं बैरिएट्रिक सर्जरी) ने किया।
कुसुम (काल्पनिक नाम), जिनका बॉडी मास इंडेक्स (BMI) 69 था, गंभीर मोटापे और स्लीप एपनिया से पीड़ित थीं। ऐसे मरीजों को “सुपर ओबेस” की श्रेणी में रखा जाता है। डॉ. कुलश्रेष्ठ ने बताया कि यह केस बेहद चुनौतीपूर्ण था, क्योंकि मरीज का लिवर काफी बड़ा था, जिसने सर्जरी को और कठिन बना दिया।
इस स्थिति में लेप्रोस्कोपिक वन एनास्टोमोसिस गैस्ट्रिक बायपास तकनीक का इस्तेमाल किया गया, जिसे मिनी गैस्ट्रिक बायपास भी कहा जाता है। लगभग छह घंटे चली इस सर्जरी के बाद मरीज तीसरे दिन ही डिस्चार्ज हो गई। पहले ही हफ्ते में उनका वजन 10 किलो कम हो गया और अगले छह महीनों में उनके 80 किलो से कम वजन पर आने की उम्मीद है।
डॉ. कुलश्रेष्ठ ने कहा कि “बैरिएट्रिक सर्जरी सिर्फ वजन घटाने के लिए नहीं, बल्कि मेटाबोलिक सुधार के लिए भी की जाती है। इसके बाद मरीज को बैरिएट्रिक डाइट और नई जीवनशैली अपनानी होती है।”
मैक्स अस्पताल, देहरादून ने अब तक कई मरीजों में सफलतापूर्वक रोबोटिक बैरिएट्रिक सर्जरी भी की है। अस्पताल अत्याधुनिक तकनीक और विशेषज्ञों की टीम के साथ मोटापे से जूझ रहे मरीजों को संपूर्ण चिकित्सा सेवाएं और जीवनशैली सुधार प्रदान करने के लिए प्रतिबद्ध है।
Share0
