

इस खबर को शेयर करेंLatest posts by Sandeep Chaudhary (see all)उत्तराखंड में बीते 10 दिनों से पंचायत चुनावों को लेकर चल रहा सस्पेंस फिलहाल खत्म हो गया है। शासन ने हरिद्वार जिले को छोड़कर अन्य जिलों में प्रशासक नियुक्त कर दिए हैं। पंचायत में तैनात प्रशासकों के कार्यकाल को 31 जुलाई तक के लिए बढ़ा दिया है।जो शासन की ओर से अधिसूचना जारी की गई उसके अनुसार नई पंचायत के गठन होने तक या फिर 31 जुलाई तक के लिए पंचायत का कार्यकाल बढ़ाया गया है ऐसे में साफ है कि जून में पंचायत चुनाव नहीं होने जा रहे हैं। जुलाई में कभी भी पंचायत चुनाव कराए जा सकते हैं।जिसके लिए सरकार की ओर से पहले ही तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। पंचायतों में ग्राम पंचायतों में नियुक्त प्रशासकों का कार्यकाल 27 मई 2025, क्षेत्र पंचायतों का 29 मई 2025 और जिला पंचायतों में एक जून 2025 को समाप्त हो चुका है। तब से सरकार की ओर से आदेश का इंतजार हो रहा था।जिसको लेकर कई तरह की चर्चा थी, जिसमें सबसे पहले चुनाव कराने या फिर प्रशासक नियुक्त करने का विकल्प सरकार के पास था। जिला पंचायतों में जिलाधिकारी, क्षेत्र पंचायतों में उप जिलाधिकारी और ग्राम पंचायतों में संबंधित विकासखंड में तैनात सहायक विकास अधिकारी पंचायत को प्रशासक नियुक्त कर दिया गया है। शासन ने इस संबंध में आदेश जारी किया है।शासन ने जारी आदेश में कहा, पंचायतों में ग्राम पंचायतों में नियुक्त प्रशासकों का कार्यकाल 27 मई 2025, क्षेत्र पंचायतों का 29 मई 2025 और जिला पंचायतों में एक जून 2025 को समाप्त हो चुका है। अति अपरिहार्य परिस्थितियों की वजह से ग्राम, क्षेत्र और जिला पंचायतों के चुनाव प्रशासकों का कार्यकाल समाप्त होने की तिथि से पहले नहीं कराए जा सके हैं।ऐसे में नई पंचायतों का गठन होने तक या फिर 31 जुलाई 2025 तक (जो भी पहले हो) कार्यहित एवं जनहित में पंचायतों की प्रशासनिक व्यवस्था के संचालन के लिए प्रशासकों की नियुक्ति की गई है। विभागीय सचिव चंद्रेश कुमार ने जारी आदेश में कहा, हरिद्वार को छोड़कर प्रदेश की त्रिस्तरीय पंचायतों में प्रशासक नियुक्त किए जाने संबंधी पूर्व में जारी अधिसूचनाओं की शेष शर्तें यथावत रहेंगी। प्रदेश की 2941 क्षेत्र पंचायतों, 12 जिला पंचायत अध्यक्ष पदों और 7478 ग्राम पंचायतों में प्रशासक नियुक्त किए गए हैं।
