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उत्तराखंड का गौरव बने स्वप्निल जोशी, राष्ट्रीय बास्केटबॉल प्रतियोगिता में करेंगे राज्य का प्रतिनिधित्व

उत्तराखंड का गौरव बने स्वप्निल जोशी, राष्ट्रीय बास्केटबॉल प्रतियोगिता में करेंगे राज्य का प्रतिनिधित्व

देहरादून। उत्तराखंड के लिए गर्व की बात है। चकराता क्षेत्र के कोरु खत, मुन्धान गांव निवासी स्वप्निल जोशी (28 वर्ष) का चयन राष्ट्रीय सीनियर बास्केटबॉल प्रतियोगिता के लिए हुआ है। राज्य स्तरीय सीनियर बास्केटबॉल प्रतियोगिता में शानदार प्रदर्शन करते हुए स्वप्निल जोशी ने प्रथम स्थान प्राप्त किया, जिसके बाद उनका चयन उत्तराखंड की राष्ट्रीय बास्केटबॉल टीम में किया गया।
राष्ट्रीय सीनियर बास्केटबॉल प्रतियोगिता का आयोजन 4 जनवरी से 11 जनवरी तक चेन्नई (तमिलनाडु) में किया जाएगा। इस प्रतियोगिता में स्वप्निल जोशी उत्तराखंड टीम का प्रतिनिधित्व करते हुए अपने खेल कौशल का प्रदर्शन करेंगे।
शुरुआती दौर में मिला मजबूत मार्गदर्शनस्वप्निल जोशी ने फोन पर बातचीत के दौरान अपनी सफलता का श्रेय अपने मार्गदर्शकों को देते हुए कहा,“शुरुआती दौर में मुझे मेरे बड़े भाई समान साकेत पंत और नवनीत सुंदरियाल का भरपूर सहयोग मिला। उन्होंने मुझे बास्केटबॉल की बारीकियां सिखाईं, जिसके लिए मैं उनका हृदय से धन्यवाद करता हूं।”
उपलब्धियों से भरा खेल सफरस्वप्निल जोशी इससे पूर्व तीन बार गढ़वाल विश्वविद्यालय की ओर से अंतर-विश्वविद्यालय बास्केटबॉल प्रतियोगिता में भाग ले चुके हैं। इसके अलावा वे पंजाब विश्वविद्यालय की टीम से भी विभिन्न प्रतियोगिताओं में खेल चुके हैं। लगातार उत्कृष्ट प्रदर्शन के चलते वे राज्य के प्रतिभाशाली और उभरते बास्केटबॉल खिलाड़ियों में अपनी अलग पहचान बना चुके हैं।
परिवार और गांव में खुशीस्वप्निल के पिता लाखीराम जोशी वन अनुसंधान संस्थान (FRI) से सेवानिवृत्त कर्मचारी हैं, जबकि उनकी माता सुन्नी जोशी उत्तरकाशी जिले के आराकोट में सहायक अध्यापिका के पद पर कार्यरत हैं।
राष्ट्रीय स्तर पर चयन होने से परिवार, गांव और पूरे क्षेत्र में खुशी का माहौल है। स्वप्निल जोशी की इस उपलब्धि पर ग्राम प्रधान नरेश जोशी, कालसी ब्लॉक प्रमुख सावित्री देवी, कनिष्ठ उप प्रमुख मीरा राठौर सहित अनेक जनप्रतिनिधियों और स्थानीय लोगों ने उन्हें बधाई और शुभकामनाएं दी हैं।
युवाओं के लिए प्रेरणास्वप्निल जोशी की यह सफलता यह दर्शाती है कि सही मार्गदर्शन, निरंतर अभ्यास और आत्मविश्वास से किसी भी लक्ष्य को हासिल किया जा सकता है। उनकी उपलब्धि क्षेत्र के युवाओं के लिए प्रेरणास्रोत है।

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