उत्तराखंड में बारिश का तांडव, द्वितीय केदार पैदल मार्ग बहा-गंगोत्री हाईवे बंद; सैकड़ों तीर्थयात्री फंसे – Uttarakhand

इस खबर को शेयर करेंLatest posts by Sandeep Chaudhary (see all)देहरादून: उत्तराखंड में लगातार हो रही भारी बारिश और अतिवृष्टि के कारण राज्य के कई हिस्सों में तबाही का दौर जारी है। द्वितीय केदार मद्महेश्वर पैदल मार्ग बनतोली के पास भूस्खलन से लगभग 50 मीटर ध्वस्त हो गया, जिससे मद्महेश्वर लौट रहे सैकड़ों तीर्थयात्री मार्ग में फंस गए। सूचना मिलते ही एसडीआरएफ और डीडीआरएफ की टीम मौके पर पहुंची और रस्सी के सहारे यात्रियों को सुरक्षित दूसरी तरफ लाया जा रहा है। वहीं, रिश के कारण गंगोत्री नेशनल हाईवे पर भी जगह-जगह भूस्खलन और भूधंसाव हुआ है।उत्तराखंड आपदा प्रबंधन अधिकारी नंदन सिंह रजवार ने बताया कि पैदल मार्ग में करीब 200 यात्री फंसे थे, जिन्हें रेस्क्यू टीमों द्वारा सुरक्षित निकाला जा रहा है। मार्ग पर मलबा हटाने का काम रविवार देर रात तक जारी रहा और दोनों छोरों से रस्सी बांधकर यात्री सुरक्षित निकाले गए। इसके अलावा लोक निर्माण विभाग, ऊखीमठ की टीम भी बनतोली की ओर रवाना की गई।धराली समेत आठ आपदाग्रस्त गांवों में पहुंचाई जा रही राशनहर्षिल घाटी में प्रभावित धराली और आठ अन्य सीमावर्ती गांवों में जिला प्रशासन ने खाद्यान्न आपूर्ति सुनिश्चित की। जिलाधिकारी प्रशांत आर्य के निर्देश पर ग्रामीणों तक सस्ते गल्ले की दुकानों से अग्रिम राशन पहुंचाया गया, ताकि आपदा से प्रभावित लोगों को राहत मिल सके।भारी बारिश से गंगोत्री हाईवे बंदबारिश के कारण गंगोत्री नेशनल हाईवे पर भी जगह-जगह भूस्खलन और भूधंसाव हुआ। डबराणी से सोनगाड़ तक कई स्थानों पर मार्ग 13 दिनों से बाधित है। रविवार को नालूपानी और सालंग पुल के पास भारी मलबा और बोल्डर गिरने से हाईवे बंद रहा। इसी कारण मुसाफिर और वाहन चालकों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ा।इसके अलावा पुरोला-करड़ा-धड़ोली मोटर मार्ग पर भी सड़क धंसने से आवाजाही ठप हो गई, जिससे सेब बागवानों की फसल मंडियों तक पहुंचने में जोखिम में है। बागवानों ने बताया कि सड़क समय पर नहीं खुली तो गोदामों में रखी सेब की सैकड़ों पेटियां सड़ सकती हैं, जिससे आर्थिक नुकसान हो सकता है।बदरीनाथ हाईवे पर मलबा, घंटों बाधितचमोली जिले में गोपेश्वर, बदरीनाथ समेत अन्य स्थानों पर भी बारिश जारी रही। बदरीनाथ हाईवे के पागल नाला और भन्दैपुर सहित अन्य हिस्सों पर मलबा और बोल्डर गिरने से सड़क अवरुद्ध रही। जिले में करीब 20 ग्रामीण सड़कें भी बंद पड़ीं, जिन्हें मशीनों से मलवा हटाकर सुचारू किया जा रहा है।मौसम विभाग ने चमोली और आसपास के जिलों में भारी और मध्यम बारिश की संभावना जताई है और नदियों के जलस्तर में वृद्धि के चलते बाढ़ जैसी स्थिति की चेतावनी दी है। फिलहाल प्रशासन और आपदा प्रबंधन विभाग स्थिति पर कड़ी निगरानी रखे हुए हैं।

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