फर्जीवाड़ा-आयरन स्क्रैप के कारोबारियों की करोड़ों की कर चोरी पकड़ी





छापे के बाद आयरन स्क्रैप कारोबारियों ने 1 करोड़ से अधिक सरेंडर किये
स्मार्ट सिटी व विभाग द्वारा स्थापित ANPR कैमरों से पकड़ में आया फर्जीवाड़ा
देहरादून। राज्य कर विभाग की विशेष जांच टीम ने स्थानीय पाँच प्रतिष्ठानों (3 व्यापार स्थल एवं 2 गोदामों) पर इकाई द्वारा सर्च एवं सीजर की कार्यवाही की गयी। सम्पूर्ण कार्यवाही में अभी तक 6 करोड़ की बोगस आईटीसी लिया जाना प्रकाश में आया है । व्यापारियों ने गलती स्वीकारते हुए 1.10 करोड स्वेच्छा से सरेंडर / जमा किये है। जांच टीम ने टीम ने कई महत्वपूर्ण डाटा / अभिलेख कब्जे में लिए हैं। डाटा, अभिलेखों की जाँच विभाग की विशेष अनुसंधान शाखा करेगी। इसके बाद ही कर चोरी की धनराशि का सही आंकलन हो पायेगा तथा सम्बन्धित करदाताओं से चोरी किये गये कर की धनराशि ब्याज एवं अर्थदण्ड सहित वसूली की जायेगी।
गौरतलब है कि राज्य कर विभाग की विशेष अनुसंधान शाखा को कुछ समय से आयरन स्क्रैप व्यापारियों के कर चोरी के संबंध में इनपुटस् प्राप्त हो रहे थे। प्राथमिक जॉच पर पाया गया कि कुछ व्यापारियों द्वारा देहरादून, हरिद्वार में स्थित अपंजीकृत व्यापारियों से आयरन-स्क्रैप की खरीद की जा रही है । और खरीदे गए माल की बिक्री उत्तराखण्ड से बाहर मुख्यतः पंजाब राज्य के करदाताओं को की जा रही है। चूंकि अपंजीकृत करदाताओं से खरीद पर इनपुट टैक्स क्रेडिट की अनुमन्यता नहीं है। अतः इन व्यापारियों द्वारा प्रान्त से बाहर उत्तरप्रदेश एवं दिल्ली के कुछ व्यापारियों से फर्जी बिल प्राप्त कर इस खरीद पर इनपुट टैक्स क्रेडिट का लाभ लेने का प्रयास किया जा रहा था। जिससे कि उनको बिक्री पर बनने वाली जीएसटी की धनराशि जमा न करनी पड़े अथवा कम धनराशि जमा करने की आवश्यकता हो।
यहाँ यह विशेष रूप से उल्लेखनीय है कि विशेष अनुसंधान इकाई द्वारा फर्जी बिलों से हो रहे व्यापार की जांच हेतु स्मार्ट सिटी एवं जी०एस०टी० विभाग के द्वारा स्थापित ANPR कैमरों द्वारा ली गयी फोटो ग्राफ्स का गहन विश्लेषण किया गया। यह पाया गया कि व्यापारियों द्वारा पंजाब राज्य को की जा रही बिक्री के संबंध में माल का परिवहन करने वाले ट्रकों के फोटोग्राफ्स तो प्राप्त हो रहे हैं किन्तु प्रान्त बाहर से दर्शायी जा रही खरीद में प्रयुक्त वाहन किसी भी कैमरे में दिखायी नहीं दे रहे है। इससे यह साबित हुआ कि व्यापारियों द्वारा बिना माल की प्राप्ति के ही फर्जी बिलों के माध्यम से खरीद प्रदर्शित की जा रही है।
यह कार्रवाई आयुक्त राज्य कर, के निर्देशन एवं गढ़वाल जोन के अपर आयुक्त पी०एस० डुंगरियाल के मार्गदर्शन पर श्याम तिरूवा, संयुक्त आयुक्त (वि०अनु०शा०/प्र०) राज्य कर, देहरादून के नेतृत्व में गठित टीमों के द्वारा की गयी जिसमें सुरेश कुमार उपायुक्त, निखिलेश श्रीवास्तव, मनीष मिश्रा, भुवन चन्द्र पाण्डेय, अजय बिरथरे, प्रेम चन्द्र शुक्ला, जयदीप रावत, अमित कुमार, अवनीष पाण्डेय, उमेश दुबे सहित देहरादून संभाग के राज्य कर अधिकारियों सहित लगभग 40 अधिकारी / कर्मचारी शामिल थे।

shivani Rawat

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