सीमांत जनपद पिथौरागढ़ एक बार फिर मानव–वन्यजीव संघर्ष की चपेट में है। धारचूला के जयकोट गांव में तीन भालुओं ने एक युवक पर अचानक हमला कर उसे गंभीर रूप से घायल कर दिया। घायल नरेंद्र सिंह (35) को ग्रामीणों की मदद से पहले स्थानीय अस्पताल ले जाया गया, जिसके बाद परिजनों की मांग पर प्रशासन ने हेली सेवा उपलब्ध कराते हुए उसे हल्द्वानी स्थित एसटीएच में भर्ती कराया। डॉक्टरों ने उसकी हालत नाजुक बताते हुए आईसीयू में उपचार शुरू किया है।
जानकारी के अनुसार, नरेंद्र सिंह किसी कार्य से पैदल रूंग गांव की ओर जा रहा था। दोपहर बाद लंकारी तोक के निकट तीन भालू उस पर टूट पड़े। चीखें सुनकर नजदीक काम कर रहे मजदूर मौके पर पहुंचे और काफी प्रयास के बाद भालुओं को खदेड़कर घायल को बाहर निकाल सके। उसके सिर और हाथ पर गहरी चोटें आईं। एसडीएम जितेंद्र वर्मा ने पुष्टि की कि परिजनों की मांग पर ही हेलीकॉप्टर से रेफरल किया गया।
गुलदार के हमले से भी दहशत, महिला घायल
इसी बीच धारचूला की पौड़ी रेंज में गुलदार के हमले में एक महिला घायल हो गई। उसे जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया है। क्षेत्र में लगातार बढ़ती घटनाओं ने ग्रामीणों में भय का माहौल बना दिया है। पिथौरागढ़ में पहले से ही कई इलाकों में गुलदार के आतंक से लोग परेशान हैं, अब भालुओं की मौजूदगी ने स्थिति और गंभीर बना दी है।
तीन ब्लॉकों में बढ़ी भालुओं की सक्रियता, ग्रामीण घरों से निकलने में घबरा रहे
पिछले पखवाड़े में भालुओं के हमले की यह तीसरी घटना है। सात दिनों के भीतर जयकोट में भालुओं का यह दूसरा हमला है। इससे पहले 14 नवंबर को घास काटने गईं नारु देवी और मीना देवी पर भालू ने वार किया था। नीरु देवी किसी तरह झाड़ियों में छिपकर बच निकलने में सफल हुईं, जबकि मीना देवी गंभीर रूप से घायल हो गई थीं। ग्रामीणों ने प्रशासन से भालुओं के बढ़ते खतरे पर तत्काल कार्रवाई और पीड़ितों को उचित मुआवजा देने की मांग की है।
वन क्षेत्राधिकारी बालम सिंह अल्मिया ने कहा कि टीम को घटना स्थल के लिए भेज दिया गया है और पीड़ित परिवार को नियमानुसार मुआवजा उपलब्ध कराया जाएगा।
भट्टी गांव में भी भालुओं की दहशत, स्कूल मार्ग पर रोज दिखाई दे रहे
थल तहसील के भट्टी गांव में भी भालू अपने बच्चों के साथ सुबह और शाम आबादी वाले रास्तों पर देखे जा रहे हैं। ग्रामीणों के अनुसार, भालू प्राथमिक विद्यालय के रास्ते से गांव की ओर आ रहा है, जिससे डर का माहौल है और लोग घर से बाहर निकलने में हिचक रहे हैं। सामाजिक कार्यकर्ता उमेश पाठक ने बताया कि लगातार भालू का गांव के पास आना बच्चों और बुजुर्गों के लिए बड़ा खतरा बन चुका है।
वन क्षेत्राधिकारी बेरीनाग चंदा मेहरा ने बताया कि इलाके में पेट्रोलिंग बढ़ा दी गई है और ग्रामीणों को सतर्क रहने के निर्देश दिए गए हैं।
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