उत्तराखंड सरकार का बड़ा फैसला: 15 साल पुरानी गाड़ियों पर मंडराया काल, अब बन जाएंगी कबाड़ – Uttarakhand

Uttarakhand government's big decision: Death looms over 15 year old vehicles, will now become junkUttarakhand government's big decision: Death looms over 15 year old vehicles, will now become junkUttarakhand government’s big decision: Death looms over 15 year old vehicles, will now become junkइस खबर को शेयर करेंLatest posts by Sandeep Chaudhary (see all)देहरादून: अगर आपकी गाड़ी 15 साल से ज़्यादा पुरानी है और आप अब भी उसे सड़कों पर दौड़ा रहे हैं, तो यह खबर आपके लिए बेहद ज़रूरी है. उत्तराखंड में अब पुरानी गाड़ियों पर बड़ा एक्शन होने जा रहा है. सबसे पहले सरकारी गाड़ियों का नंबर आएगा. इसके अलावा प्राइवेट गाड़ियों के लिए भी खास प्लान बनाया गया है. दरअसल, परिवहन विभाग ने भारत सरकार के निर्देश पर राज्य के सभी सरकारी विभागों को अपनी 15 साल से अधिक पुरानी गाड़ियों की लिस्ट भेज दी है. इन गाड़ियों का रजिस्ट्रेशन कैंसिल कर इन्हें स्क्रैप किया जाएगा. इस अभियान में करीब 1200 सरकारी गाड़ियां शामिल हैं जिन्हें जल्द ही बाहर का रास्ता दिखाया जाएगा.प्रदूषण को लेकर उठाया गया कदमइस कदम के पीछे सबसे बड़ा कारण है प्रदूषण पर लगाम लगाना. पॉल्यूशन कंट्रोल बोर्ड के मुताबिक, करीब 30 फीसदी वायु प्रदूषण उन गाड़ियों की वजह से होता है जो अपनी तय उम्र पूरी कर चुकी हैं. ऐसे में एक्सपायर्ड गाड़ियों को हटाना बेहद ज़रूरी हो गया है.प्राइवेट वाहन मालिकों के लिए भी योजनासिर्फ सरकारी ही नहीं, बल्कि 15 साल पुरानी प्राइवेट गाड़ियों के लिए भी प्लान है. अगर कोई वाहन स्वामी अपनी पुरानी गाड़ी स्क्रैपिंग के लिए देता है तो उसे 50% टैक्स में छूट मिल सकती है. यानी अब गाड़ी बदलने का सही मौका है.क्या बोले वाहन मालिकहालांकि सभी लोग इस फैसले से खुश नहीं हैं. वाहन स्वामी वीरेन्द्र वर्मा का कहना है कि हर गाड़ी को एक ही पैमाने से नहीं परखा जा सकता. उन्होंने सवाल उठाया – “क्या 1 करोड़ की गाड़ी भी सिर्फ 15 साल के बाद कंडम मानी जाएगी?” उनका मानना है कि स्क्रैपिंग का फैसला गाड़ी की कंडीशन के आधार पर होना चाहिए, न कि सिर्फ उसकी उम्र पर.

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