Danger has not been averted from Uttarakhand yet, Chamoli-like avalanche may occur again; IMD issues alertइस खबर को शेयर करेंLatest posts by Sapna Rani (see all)बागेश्वर । Chamoli Avalanche: मौसम विभाग के पूर्वनुमान पर हिमपात तथा हिमस्खलन की संभावना व्यक्त की गई है। 2000 मीटर तथा उससे अधिक भूभाग में किसी भी प्रकार की गतिविधि पर रोक रहेगी। बता दें कि विगत 28 फरवरी को चमोली के माणा में एवलांच ने 54 श्रमिक दब गए थे।वहीं जिलाधिकारी आशीष भटगांई ने पूर्वानुमानों के दृष्टिगत जनपद में 2000 मीटर व उससे अधिक क्षेत्रों में पर्यटकों, ट्रेकिंग करने आ रहे सैलानियों तथा स्थानीय निवासियों को सुरक्षित स्थान पर ठहराने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि तीन मार्च तक पहाड़ी क्षेत्रों में आने वाले पर्यटकों को रोका जाएगा।विभागीय नोडल अधिकारी को हाई अलर्ट में रहने के निर्देशउन्होंने इस स्थिति से निपटने के लिए प्रत्येक स्तर पर तत्परता एवं सुरक्षा बनाए रखने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने आपदा प्रबंधन आईआरएस प्रणाली के नामित अधिकारी एवं विभागीय नोडल अधिकारी को हाई अलर्ट में रहने के निर्देश दिए हैं। एनएच, लोनोवि, पीएमजीएसवाई व बीआरओ को सड़कें बंद होने पर त्वरित कार्रवाई को कहा है।राजस्व उपनिरीक्षक, ग्राम विकास अधिकारी, ग्राम पंचायत अधिकारी अपने क्षेत्रों में बने रहेंगे। चौकी, थाने भी आपदा संबंधित उपकरणों एवं वायरलैस सहित हाई अलर्ट में रहेंगे। इस अवधि में कोई भी अधिकारी, कर्मचारी अपना मोबाइल फोन स्विच आफ नहीं रखेंगे।बागेश्वर जिले में वर्षा तथा हिमपात के बाद रविवार को मौसम साफ रहा। चटक धूप खिली। लोगों ने राहत की सांस ली। लेकिन सड़कों पर मलबा तथा भूस्खलन का खतरा भी बढ़ गया है। धूप निकलने के बाद पहाड़ी क्षेत्रों में सबसे अधिक भूस्खलन का भय बना रहता है। हालांकि जिला प्रशासन के बंद सड़कों को खोलने के लिए त्वरित कार्रवाई के निर्देश हैं।कपकोट क्षेत्र भूकंप तथा भूस्खलन की दृष्टि से जोन पांच में आता है। यहां वर्षा तथा हिमपात के बाद बिजली, पानी तथा संचार सेवाएं प्रभावित हो जाती हैं। सड़कों पर भूस्खलन होने से मलबा आदि पट जाता है। इस बार भी कई सड़कों पर मलबा आया हुआ है। जिसे संबंधित विभागों ने हटाने का काम शुरू कर दिया है।भयूं-गुलेर मोटर मार्ग में भूस्खलन से सड़क बंद हो गई थी। किमी दो में भारी मात्रा में मलबा जमा हो गया। जिसे हटाने के लिए लोडर मशीन लगाई गई। रविवार को सड़क सुचारू हो सकी। वहीं, पगना मोटर मार्ग में कठानी तथा पगना के बीच सड़क पर भारी मात्रा में मलबा भर गया था।बीते शनिवार को 200 बराती फंस गए थे। देर शाम ब्रिडकुल ने लोडर मशीन से मलबा हटाया। जिसके बाद बराती तथा स्थानीय लोगों को राहत मिल सकी। इसके अलावा कपकोट के कर्मी, मुनार, खाती आदि सड़कों पर मलबा गिरने की सूचना है।
उत्तराखंड से अभी टला नहीं खतरा, फिर आ सकता है चमोली जैसा एवलांच; IMD ने जारी किया अलर्ट – Uttarakhand
