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ऋषिकेश से नीलकंठ की यात्रा होगी सुविधाजनक, उत्तराखंड सरकार बनाएगी रोपवे – Uttarakhand

इस खबर को शेयर करेंLatest posts by Sandeep Chaudhary (see all)उत्तराखंड सरकार धार्मिक यात्रियों और पर्यटकों को सहूलित मुहैया कराने के लिए लगातार काम करी है। इसी दिशा में ऋषिकेश से नीलकंठ की यात्रा को सुविधाजनक बनाने के लिए रोपवे का निर्माण होगा।मीडिया रिपोर्ट्स ​के मुताबिक, ऋषिकेश से नीलकंठ रोपवे के लिए फॉर्मलिटीज अभी पूरी की जा रही हैं। उम्मीद है कि जल्द ही इस रोपवे प्रोजेक्ट को लेकर सारी औपचारिकताएं पूरी हो जाएंगी। इसके बाद इस पर काम शुरू होगा। इस रोपवे के बनने से ऋषिकेश से नीलकंठ महादेव मंदिर तक की और भी सुविधाजनक हो जाएगी। मौजूदा समय में नीलकंठ मंदिर तक पहुंचने के लिए लोगों को कठिन पहाड़ी रास्तों और ट्रैफिक से गुजरना पड़ता है, लेकिन रोपवे शुरू होने के बाद यह सफर कुछ ही मिनटों में पूरा किया जा सकेगा।इन रोपवे प्रोजेक्ट का काम पूरा हुआपिछले चार सालों में उत्तराखंड सरकार ने पर्वतीय क्षेत्रों में रोपवे इंफ्रास्ट्रक्चर विकसित करने के लिए तेजी से कदम उठाए हैं। पर्वतमाला परियोजना के तहत 39 रोपवे परियोजनाओं पर काम शुरू हो चुका है, जिसमें मानसखंड कॉरिडोर में नैनीताल (2), अल्मोड़ा (7), जागेश्वर (2), पिथौरागढ़ (3) और चंपावत (2) में रोपवे परियोजनाओं की योजना बनाई जा रही है। पर्वतमाला योजना के तहत अन्य प्रस्तावित रोपवे मार्गों में शामिल हैं: केदारनाथ और हेमकुंड साहिब, ऋषिकेश से नीलकंठ, औली से गोरसोन, रानीबाग से हनुमान मंदिर, पंचकोटी से बौरारी, बलाती बैंड से खलिया टॉप, रायथल-बार्सू से बरनाला, उत्तरकाशी शहर से वरुणावत पहाड़ी, कनकचौरी से कार्तिक स्वामी मंदिर तक। इन रोपवे के बनने से तीर्थ यात्रियों को पर्यटकों को बड़ी राहत मिलेगी।देहरादून से मसूरी रोपवे पर जल्द काम शुरू होगादेहरादून से मसूरी रोपवे परियोजना का निर्माण भी जल्द ही शुरू होने वाला है। राज्य सरकार सड़कों के साथ-साथ हम रेल, रोपवे और हवाई संपर्क पर ध्यान केंद्रित कर रही है। इससे न केवल दूरदराज के क्षेत्रों में लोगों के लिए यात्रा में सुधार होगा बल्कि उन पर्यटन को भी बढ़ावा मिलेगा। आपको बता दें कि ऋषिकेश में स्थित नीलकंठ महादेव मंदिर भगवान शिव का प्रतिष्ठ मंदिरों में से एक है। हर साल लाखों भक्त इस शिव मंदिर के दर्शन करने आते हैं। इस मंदिर की नक्काशी देखते ही बनती है। अभी मंदिर तक पहुंचने के लिए कई तरह के पहाड़ और नदियों से होकर गुजरना पड़ता है। 

Nandni sharma

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