उत्तराखंड पंचायत चुनाव का कार्यक्रम बदला, अब इस तारीख को होगा मतदान – Uttarakhand
Nandni sharma
इस खबर को शेयर करेंLatest posts by Sandeep Chaudhary (see all)देहरादून। उत्तराखंड पंचायत चुनाव का संशोधित कार्यक्रम जारी हो गया है। राज्य निर्वाचन आयोग ने शनिवार को पंचायत चुनाव का संशोधित कार्यक्रम जारी कर दिया। दो चरणों मे होने वाले चुनाव की प्रक्रिया अब दो जुलाई से नामांकन के साथ शुरू होगी। मतदान 24 जुलाई व 28 जुलाई को होगा। मतगणना 31 जुलाई से प्रारम्भ होगी।पंचायत चुनाव के लिए पूर्व में जो कार्यक्रम अधिसूचित किया गया था, उसके मुताबिक 25 से 28 जून तक नामांंकन दाखिल किए जाने थे। 10 व 15 जुलाई को मतदान की तिथियां निर्धारित की गई थी।कांग्रेस की मंशा पर लगा तमाचा: भट्टदेहरादून। राज्यसभा सदस्य एवं भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष महेंद्र भट्ट ने पंचायत चुनाव को लेकर हाईकोर्ट के निर्णय का स्वागत करते हुए कहा कि इससे गांवों की सरकार चुनने का रास्ता साफ हो गया है।विपक्ष कांग्रेस को निशाने पर लेते हुए उन्होंने कहा कि चुनाव की राह मे रोड़े अटकाती आ रही कांग्रेस ने सरकार पर उल्टे चुनाव न कराने के आरोप लगाए, लेकिन अब उसके मुंह पर तमाचा लगा है। मीडिया से अनौपचारिक बातचीत में भट्ट ने कहा कि सरकार, जनता और भाजपा सभी शुरुआत से चुनाव के पक्ष में रहे हैं।धामी सरकार निष्पक्ष, जनभावनाओं के अनुरूप और पारदर्शिता के साथ चुनाव के लिए प्रयासरत रही। अलबत्ता, इसके लिए जारी प्रक्रिया के खिलाफ रोड़े अटकाती रही। यह खुशी का विषय है कि न्यायालय ने सरकार की आरक्षण प्रक्रिया को सही ठहराया है।उन्होंने यह भी कहा कि पार्टी के पास समर्थित प्रत्याशियों के नामों का पैनल आ गया है और शीघ्र इनकी विधिवत घोषणा कर दी जाएगी। उन्होंने कहा कि पार्टी ने अपने पर्यवेक्षक सभी विधानसभा क्षेत्रों में भेजे थे, जिनकी रिपोर्ट उन्हें मिल चुकी है।उन्होंने कांग्रेस पर तंज कसा कि जब भी चुनाव आता है, कांग्रेस का परिवारवाद सामने आ ही जाता है। पंचायत चुनाव के बाद फिर विधानसभा के चुनाव में कांग्रेस के बड़े नेता अपने अपने परिवार का राजनीतिक भविष्य बनाने में जुट जाएंगे।कारण यह कि कांग्रेस के पास अब कार्यकर्ता नहीं हैं और जो थोड़े बहुत हैं भी उनकी उसे चिंता नहीं है। एक प्रश्न पर उन्होंने कहा कि सरकार पूरे मनोयोग से पंचायत चुनाव का यज्ञ संपन्न कराने में जुटी है। भाजपा आशावान है कि वर्षाकाल से बचाव भी होगा और मतदान प्रतिशत भी बढ़ेगा।