उत्तराखंडधर्म–संस्कृति
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देहरादून, उत्तराखंड की संस्कृति को सहेजने और रामलीला की प्रेरणा देने के लिए ग्राफिक एरा में गढ़वाली रामलीला का मंचन किया गया।गढ़वाली रामलीला का आयोजन ग्राफिक एरा के सिल्वर जुबली कन्वेंशन सेंटर में किया गया। समारोह में उत्तराखंड की संस्कृति को बढ़ाने के प्रयासों और गढ़वाली रामलीला शुरू करने में महत्वपूर्ण भूमिका के लिए ग्राफिक एरा ग्रुप ऑफ इंस्टीट्यूशन के चेयरमैन डॉ. कमल घनशाला का अभिनंदन किया गया। इस अवसर पर चेयरमैन डॉ. कमल घनशाला ने कहा कि गढ़वाली रामलीला के रूप में यह शुरुआत बहुत सराहनीय कदम है। इससे भगवान श्री राम के आदर्श नई पीढ़ी तक पहुंचाने और संस्कृति व भाषा से जुड़ाव बढ़ाने में मदद मिलेगी। गढ़वाली रामलीला की शुरूआत श्रवणलीला और वनगमन से की गई। इसके बाद राम जन्म, सीता स्वंयवर, भरत मिलाप, राम- हनुमान मिलन, सीता की खोज, अंगद- रावण संवाद पर आधारित दृश्यों ने दर्शकों की खूब तालियां बटोरी। वहीं लंकापति रावण के वध के बाद अयोध्या में राम का राज्याभिषेक किया गया।
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