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ऋषिकेश : मूल निवास, भू-कानून समन्वय संघर्ष समिति के आह्वान पर प्रदेशभर से हजारों की संख्या में पहुंचे लोग – myuttarakhandnews.com

ऋषिकेश– आज दिनांक 29 सितंबर 2024 मूल निवास 1950, और सशक्त भू-कानून की मांग को लेकर ऋषिकेश में विशाल महारैली का आयोजन किया गया ।अपने हितों के लिये जागरूक हुआ उत्तराखंड का मूल निवासी अब हुंकार भर चुका है ,इसलिए एक ही आवाहन पर हजारों का जनमानस सड़को पर उतर आया ।
इस महारैली में प्रदेश के अलग-अलग हिस्सों से हजारों लोग शामिल हुए। ‘मूल निवास, भू-कानून समन्वय संघर्ष समिति’ के आह्वान पर हुई इस महारैली में प्रदेश के विभिन्न राजनीतिक, सामाजिक, सांस्कृतिक संगठनों, पूर्व सैनिकों, पूर्व कर्मचारियों ने शिरकत की।
कार्यक्रम शुरू होने से पूर्व मूल निवास, भू-कानून समन्वय संघर्ष समिति के संयोजक मोहित डिमरी ने नटराज चौक पर उत्तराखंड राज्य निर्माण के नायक रहे श्री इंद्रमणि बडोनी जी की प्रतिमा पर माल्यार्पण कर उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की।
बडोनी जी को नमन करने के बाद संघर्ष समिति के बैनर तले जनसभा का आयोजन किया गया। जनसभा के बाद आंदोलनकारियों ने आइडीपीएल ऋषिकेश से त्रिवेणी घाट तक विशाल जुलूस निकाला।इस सभा मे मूल निवासियों की प्रमुख मांगे भी स्पष्ट की गयी
1- प्रदेश में मूल निवास की कट ऑफ डेट 1950 घोषित की जाए।इसके आधार पर मूल निवासियों को सरकारी और प्राइवेट नौकरियों, ठेकेदारी, सरकारी योजनाओं सहित तमाम संसाधनों में 90 प्रतिशत हिस्सेदारी दी जाय।
2- प्रदेश में मजबूत भू-कानून लागू हो, जिसके तहत शहरी क्षेत्रों में 200 वर्ग मीटर भूमि खरीदने की सीमा लागू किया जाए तथा इसकी खरीद के लिए 30 वर्ष पहले से उत्तराखंड में रहने की शर्त लागू हो।
3- प्रदेश के समस्त ग्रामीण क्षेत्रों में कृषि भूमि खरीदने-बेचने पर पूर्ण प्रतिबन्ध लगे।
4- राज्य गठन के बाद से वर्तमान तिथि तक सरकार द्वारा विभिन्न व्यक्तियों, संस्थानों, कंपनियों आदि को बेची गई और दान व लीज पर दी गई भूमि का ब्यौरा सार्वजनिक किया जाए।
5- प्रदेश में किसी भी तरह के उद्योग के लिए जमीन को 10 साल की लीज पर दिया जाय। इसमें भी पचास प्रतिशत हिस्सेदारी स्थानीय लोगों की तय की जय और ऐसे सभी उद्यमों में 90 प्रतिशत रोजगार स्थानीय लोगों को दिया जाना सुनिश्चित किया जाए। जिस उद्योग के लिए जमीन दी गई है, उसका समय-समय पर मूल्यांकन किया जाय। इसी आधार पर लीज आगे बढ़ाई जाय।



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