कैबिनेट मंत्री रेखा आर्य जी ने बंदरों को खाना खिलाया, और अब पूर्व मुख्यमंत्री एवं भाजपा नेता तीरथ सिंह रावत जी भी बंदरों को दाना डालते नजर आ रहे हैं।
रावत जी, वन्यजीवों को इस तरह खाना खिलाना Wildlife Protection Act के प्रावधानों के खिलाफ है और इससे बंदरों की आबादी बढ़ती है, जो किसानों की फसलों को बर्बाद कर रही है। प्रदेश के लोग बंदरों से त्रस्त हैं – फसलें चौपट, घरों में हमले, लेकिन नेता जी फोटो ऑप के लिए दाना डाल रहे हैं!
याद कीजिए रावत जी, उत्तराखंड बनने से लेकर आज तक आपने कितने उच्च पद संभाले – भाजपा के प्रदेशअध्यक्ष, सांसद से लेकर मुख्यमंत्री तक। लेकिन पहाड़ में रोजगार, शिक्षा और स्वास्थ्य के लिए क्या किया?
कोई कुटीर उद्योग खोला जो युवाओं को पहाड़ में ही रोजगार दे?
कोई ऐसा शिक्षण संस्थान जहां पहाड़ के बच्चे JE, NEET या IAS की तैयारी कर सकें बिना शहर भागे?
कोई अस्पताल जहां बूढ़ी मां-बाप का इलाज हो सके बिना देहरादून-दिल्ली के चक्कर लगाए?
कुछ नहीं! सिर्फ राजनीति चमकाई, वोट बटोरे और अब बुढ़ापे में बंदरों, गायों, कौवों को दाना खिलाकर पुण्य कमाने का दिखावा।
पलायन का सबसे बड़ा कारण उत्तराखंड के नेता हैं – जिनमें आप भी शामिल हैं रावत जी। प्रदेश की जनता इन बंदरों से त्राहि-त्राहि कर रही है, और आपकी सरकार में ये समस्या और बढ़ रही है।
समाधान निकालिए – बंदरों के लिए अलग गांव बसाइए, स्टेरलाइजेशन बढ़ाइए, लोगों को फीडिंग से रोकिए। दिखावे की राजनीति बंद कीजिए!
चंपावत में 21 फरवरी को होगा रोजगार मेला, 4000 युवाओं को मिलेंगी नौकरियां | Champawat…
Ramnagar News: टीन शेड में पढ़ते बच्चों की सुरक्षा पर उठे सवाल, करणी सेना ने…
Forest Fire Alert: नैनीताल और हल्द्वानी में आपात प्रतिक्रिया की मॉक टेस्टिंग, यहां जाने पूरी…
नैनीताल: उत्तराखंड बार काउंसिल के चुनाव मंगलवार को शांतिपूर्ण सम्पन्न हो गए. इस चुनाव के…
रामनगर में खेलती मासूम पर चढ़ा कूड़ा वाहन, हादसे के बाद गांव में भारी आक्रोश;…
By Arun Pratap SinghGarhwal Post Bureau Dehradun, 17 Feb: Action on matters relating to enemy…