देहरादून। Green Cess Tax प्रदेश में बाहर से आने वाले व्यावसायिक के साथ ही निजी वाहनों से ग्रीन सेस की वसूली का कार्य शुरू हो गया है। इसकी शुरुआत नारसन चेक पोस्ट से की गई है।
यद्यपि, पहले दिन सभी वाहनों का ग्रीन सेस (Green Cess) नहीं काटा जा सका। इसका कारण यहां पर नेटवर्क कनेक्टिविटी और शुरुआती चरण की तकनीकी खामियां हैं। 850 वाहनों को इसके लिए रोका गया इनमें से 650 वाहनों से ग्रीन सेस वसूला गया।
प्रदेश सरकार ने दूसरे राज्यों से आने वाले सभी प्रकार के वाहनों से ग्रीन सेस वसूलने का निर्णय लिया है। इसके लिए वाहनों की अलग-अलग श्रेणियां बनाते हुए सेस की दरें तय की गईं हैं।
यद्यपि, दोपहिया वाहन, तिपहिया वाहन व आवश्यक सेवाओं वाले वाहनों को इसके दायरे से बाहर रखा गया है। पहले एक जनवरी, 2026 से ग्रीन सेस वसूल करने की योजना थी लेकिन तकनीकी खामियों के चलते यह प्रक्रिया शुरू नहीं हो पाई थी।
अब यह प्रक्रिया शुरू कर दी गई है, लेकिन विभाग को अभी कनेक्टिविटी समेत तमाम दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।
अपर परिवहन आयुक्त एसके सिंह ने बताया कि ग्रीन सेस वसूल करने में जो भी तकनीकी समस्याएं आ रही हैं, उन्हें दूर किया जा रहा है। इसे चरणबद्ध तरीके से पूरे प्रदेश में लागू कर दिया जाएगा।
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