धर्मरक्षक धामी को त्रिवेंद्र की सलाह, BJP ने सरकार के पाले में फेंकी गेंद, विपक्ष की चुप्पी पर सवाल, संकट में धामी सरकार!

धर्मरक्षक धामी को त्रिवेंद्र की सलाह, BJP ने सरकार के पाले में फेंकी गेंद, विपक्ष की चुप्पी पर सवाल, संकट में धामी सरकार!
आय से अधिक संपत्ति मामले में गिरे कैबिनेट मंत्री गणेश जोशी की मुश्किलें बढ़ती ही जा रही हैं। इस मामले से सरकार भी संकट में पढ़ती हुई नजर आ रही है। पूर्व मुख्यमंत्री व हरिद्वार सांसद त्रिवेंद्र सिंह रावत ने जहां धर्म रक्षक धामी को धर्मानुसार काम करने की सलाह दी है। वही भाजपा संगठन ने पल्ला झाड़ते हुए सरकार के पाले में गेंद फेंकी है। इस पूरे प्रकरण पर विपक्ष के बड़े नेताओं की चुप्पी पर भी गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं।
विजिलेंस कोर्ट ने मांगी मंत्री परिषद की संस्तुति
धामी कैबिनेट में कृषि, उद्यान एवं सैनिक कल्याण मंत्री गणेश जोशी आय से अधिक संपत्ति मामले में गिरते हुए दिखाई दे रहे हैं। इस पूरे प्रकरण पर विजिलेंस कोर्ट ने धामी मंत्री परिषद से मुकदमा चलाने के लिए 8 अक्टूबर तक अनुमति मांगी है। सरकार अनुमति देती है या नहीं यह देखना दिलचस्प होगा।
त्रिवेंद्र ने धर्मरक्षक धामी को दी सलाह
इस पूरे मामले पर पूर्व मुख्यमंत्री व हरिद्वार से मौजूदा सांसद त्रिवेंद्र सिंह रावत की टिप्पणी बड़ी अहम है। त्रिवेंद्र सिंह रावत ने कहा है कि न्याय क्या होता है यह गीता में भी स्पष्ट है। न्याय धर्मानुसार होना चाहिए और सबके लिए एक होना चाहिए यही हमारा धर्म भी कहता है। कहा जा सकता है कि इस बयान के जरिए से धर्मरक्षक धामी को पूर्व सीएम TSR ने साफ सलाह दी है की धर्मरक्षक वही होता है। जो धर्मानुसार काम करता है।
बीजेपी संगठन ने झाड़ा पल्ला
इस मामले में भाजपा संगठन ने पल्ला झाड़ते हुए सरकार के पाले में गेंद फेंकी है। भाजपा प्रदेश अध्यक्ष महेंद्र भट्ट ने कहा कि कानून अपना काम कर रहा है। जहां तक मंत्री परिषद का सवाल है उस पूरे प्रकरण को सरकार देखेगी। कहा कि आरोप लगाना दूसरी बात है साबित होना दूसरी बात। इसमें संगठन का कोई रोल नहीं है।
विपक्ष के बड़े नेताओं ने साधी चुप्पी
गणेश जोशी के आय से अधिक संपत्ति मामले में विपक्ष के बड़े नेता भी मौन दिखाई दे रहे हैं। आए दिन मोबाइल उठाकर बाइट (बयान) बनाने व प्रेस विज्ञप्ति जारी करने वाले एक भी कांग्रेस के बड़े नेता का बयान सामने नहीं आया है। हालांकि कांग्रेस प्रवक्ता केवल बयानबाजी तक ही सीमित है। इस पूरे प्रकरण में किसी ने भी कैबिनेट मंत्री गणेश जोशी के इस्तीफे की पेशकश नहीं की है। जो अपने आप में कई बड़े गंभीर सवाल खड़े करती है। पिछले दिनों धारचूला से कांग्रेस विधायक हरीश धामी ने अपने पार्टी नेताओं पर मित्र विपक्ष की भूमिका निभाने का आरोप लगाया था, यह सच साबित भी होते नजर आ रहा है।
“खबर लिखे जाने तक किसी भी कांग्रेस के बड़े नेता का मंत्री गणेश जोशी प्रकरण पर बयान नहीं आया”
अधिवक्ता विकेश नेगी ने उठाया था मामला
सामाजिक कार्यकर्ता,आरटीआई एक्टिविस्ट व अधिवक्ता विकेश नेगी ने इस आय से अधिक संपत्ति मामले को पिछले दिनों उठाया था। जिस पर अब विजिलेंस कोर्ट ने मंत्री परिषद से मुकदमा चलाने की अनुमति मांगी है।
धर्मरक्षक सरकार संकट में!
इस पूरे प्रकरण पर अब धर्म रक्षक सरकार संकट में नजर आ रही है। पूर्व मुख्यमंत्री TSR ने सरकार को गीता का हवाला देखकर इस पूरे मामले पर धर्मानुसार काम करने की सलाह दी है। वहीं प्रदेश अध्यक्ष महेंद्र भट्ट ने भी सरकार के पाले में गेंद फेंकी है। ऐसे में बड़ा सवाल यही है कि क्या मंत्री परिषद 8 अक्टूबर तक मुकदमा चलाने की अनुमति देता है या नहीं? इस पर प्रदेशवासियों की निगाहें टिकी हुई है।

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