
ऊधमसिंह नगर। काशीपुर निवासी किसान सुखवंत सिंह आत्महत्या मामले में बड़ी कार्रवाई करते हुए एसएसपी ऊधमसिंह नगर मणिकांत मिश्रा ने दो उपनिरीक्षकों को निलंबित कर दिया है, जबकि 10 अन्य पुलिस अधिकारियों व कर्मचारियों को लाइन हाजिर किया गया है। यह कार्रवाई मामले में गंभीर लापरवाही सामने आने के बाद की गई है।
दो उपनिरीक्षक तत्काल निलंबित
एसएसपी के आदेश पर उपनिरीक्षक कुंदन सिंह रौतेला (थानाध्यक्ष, आईटीआई थाना) और उपनिरीक्षक प्रकाश बिष्ट (कोतवाली आईटीआई) को तत्काल प्रभाव से निलंबित किया गया है। दोनों अधिकारियों के खिलाफ अनुशासनिक कार्रवाई प्रस्तावित/प्रचलित है। निलंबन अवधि के दौरान उन्हें मूल नियम-53 के तहत अर्द्ध औसत वेतन के बराबर जीवन निर्वाह भत्ता मिलेगा और पुलिस लाइंस में रहना अनिवार्य होगा।
पैगा चौकी की पूरी टीम लाइन हाजिर
मामले की गंभीरता को देखते हुए एसएसपी ने काशीपुर की पैगा चौकी की पूरी टीम को भी लाइन हाजिर कर दिया है। अधिकारियों की कार्यशैली और शिकायतों पर समय रहते कार्रवाई न करने को इस कठोर कदम का कारण बताया गया है।
जमीन के नाम पर चार करोड़ की ठगी का आरोप
काशीपुर के पैगा गांव निवासी किसान सुखवंत सिंह (40) लंबे समय से जमीन के नाम पर चार करोड़ रुपये की कथित ठगी को लेकर मानसिक तनाव में थे। उन्होंने हल्द्वानी के काठगोदाम क्षेत्र में एक होटल के कमरे में कथित तौर पर आत्महत्या कर ली.
सुसाइड से पहले वीडियो किया था पोस्ट
आत्महत्या से पहले सुखवंत सिंह ने सोशल मीडिया पर एक वीडियो पोस्ट किया था, जो वायरल हुआ। वीडियो में उन्होंने कुछ लोगों पर चार करोड़ रुपये की ठगी का आरोप लगाया और दावा किया कि उन्होंने इस संबंध में ऊधमसिंह नगर के वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों से शिकायत की थी, लेकिन कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई।
पुलिस पर लापरवाही के आरोप
वीडियो में किसान ने पुलिस की निष्क्रियता पर भी सवाल उठाए थे। इसी को गंभीरता से लेते हुए एसएसपी ने जांच के बाद संबंधित अधिकारियों पर कार्रवाई की है।
प्रशासन का कहना है कि पूरे मामले की निष्पक्ष जांच की जा रही है और यदि आगे भी किसी स्तर पर लापरवाही पाई जाती है, तो और सख्त कदम उठाए जाएंगे।
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