
देहरादून, 8 अक्टूबर 2025। नीरज उत्तराखंडी उत्तराखंड अधीनस्थ सेवा चयन आयोग (UKSSSC) की 21 सितंबर 2025 को हुई प्रतियोगी परीक्षा में गड़बड़ियों के आरोपों की जांच के लिए गठित एकल सदस्यीय आयोग ने बुधवार को देहरादून में जनसुनवाई आयोजित की।
न्यायमूर्ति (सेवानिवृत्त) यू.सी. ध्यानी की अध्यक्षता में गठित इस आयोग ने सर्वे चौक स्थित आईटीडीए ऑडिटोरियम में अभ्यर्थियों, परीक्षा केंद्र प्रभारियों, कोचिंग सेंटर संचालकों और आम नागरिकों से संवाद किया।
निष्पक्ष और पारदर्शी जांच का भरोसा
जांच आयोग के अध्यक्ष न्यायमूर्ति यू.सी. ध्यानी ने कहा कि परीक्षा में कथित अनियमितताओं की जांच पूरी तरह निष्पक्ष, पारदर्शी और तथ्यों एवं साक्ष्यों पर आधारित होगी।
उन्होंने बताया कि आयोग राज्य के विभिन्न जिलों में जाकर जनता से सीधे संवाद कर रहा है ताकि हर स्तर पर निष्पक्ष रिपोर्ट तैयार की जा सके।
ध्यानी ने कहा, “जनसुनवाई के दौरान जो भी साक्ष्य और सुझाव सामने आ रहे हैं, उन्हें विस्तार से संकलित किया जा रहा है। हमारा उद्देश्य पारदर्शिता बनाए रखते हुए निष्पक्ष जांच कर शासन को सटीक रिपोर्ट सौंपना है।”
अभ्यर्थियों ने रखी अपनी समस्याएं और सुझाव
जनसुनवाई में उपस्थित अभ्यर्थियों ने आयोग के समक्ष अपनी शिकायतें और अनुभव साझा किए। कई अभ्यर्थियों ने परीक्षा में पारदर्शिता की कमी और सुरक्षा चूक की बात उठाई। उन्होंने भविष्य की परीक्षाओं में सुरक्षा और निगरानी व्यवस्था को और मजबूत करने की मांग की।
आयोग ने अभ्यर्थियों की बातों को ध्यानपूर्वक सुना और भरोसा दिलाया कि हर सुझाव को रिपोर्ट में शामिल किया जाएगा।
आयोग को मिल रहे हैं लगातार साक्ष्य
आयोग के सचिव विक्रम सिंह राणा ने बताया कि जनसुनवाई के दौरान प्राप्त सभी शिकायतों और सुझावों को संकलित कर शासन को भेजा जाएगा। उन्होंने कहा कि कोई भी व्यक्ति जांच से जुड़ी सूचना या साक्ष्य आयोग को ईमेल के माध्यम से भी उपलब्ध करा सकता है।
राणा ने कहा कि आयोग का उद्देश्य न केवल इस परीक्षा से जुड़ी गड़बड़ियों का खुलासा करना है, बल्कि भविष्य में इस तरह की घटनाओं को रोकने के लिए ठोस सुझाव देना भी है।
जनसुनवाई में अधिकारी और अभ्यर्थी रहे मौजूद
कार्यक्रम में अपर जिलाधिकारी (वि.रा.) के.के. मिश्रा, मुख्य शिक्षा अधिकारी वी.के. ढौडियाल, परीक्षा केंद्रों के प्रधानाचार्य, प्रभारी, व्यवस्थापक, अभ्यर्थी और आम नागरिक बड़ी संख्या में उपस्थित रहे।
देहरादून में हुई इस जनसुनवाई ने स्पष्ट किया कि UKSSSC परीक्षा घोटाले की जांच अब निर्णायक मोड़ पर है। आयोग विभिन्न जिलों में जाकर लोगों से संवाद कर रहा है ताकि अंतिम रिपोर्ट में हर दृष्टिकोण शामिल किया जा सके।
न्यायमूर्ति यू.सी. ध्यानी ने सभी से अपील की कि यदि किसी के पास परीक्षा से जुड़ा कोई साक्ष्य या जानकारी है, तो वह उसे आयोग तक अवश्य पहुंचाए।
