
देहरादून। उत्तराखण्ड अधीनस्थ सेवा चयन आयोग (UKSSSC) ने स्नातक स्तरीय भर्ती परीक्षा को रद्द करने का निर्णय लिया है। यह परीक्षा 21 सितम्बर 2025 को प्रदेशभर के विभिन्न जनपदों में आयोजित की गई थी। आयोग ने परीक्षा की शुचिता, पारदर्शिता और गोपनीयता बनाए रखने के उद्देश्य से यह बड़ा फैसला लिया है।
आयोग के सचिवालय से जारी प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार, परीक्षा समाप्त होने के बाद लगभग 1:30 बजे सोशल मीडिया पर प्रश्नपत्र के कुछ स्क्रीनशॉट वायरल हुए थे। मामले की गंभीरता को देखते हुए आयोग ने तत्काल कार्रवाई करते हुए एसएसपी देहरादून को जांच हेतु सूचना भेजी।
एसएसपी देहरादून द्वारा की गई प्राथमिक जांच के आधार पर थाना रायपुर में 22 सितम्बर 2025 को संबंधित प्रकरण दर्ज किया गया (मु.अ.सं. 0301/2025)। इसके बाद सरकार ने 27 सितम्बर 2025 को कमीशन ऑफ इन्क्वायरी एक्ट 1952 के अंतर्गत सेवानिवृत्त न्यायमूर्ति श्री यू.सी. ध्यानी की अध्यक्षता में एक सदस्यीय न्यायिक जांच आयोग का गठन किया।
आयोग को 8 अक्टूबर 2025 को न्यायिक आयोग की अंतरिम जांच आख्या प्राप्त हुई, जिसका विस्तृत अध्ययन और विचार-विमर्श करने के बाद आयोग ने निष्कर्ष निकाला कि परीक्षा की गोपनीयता और पारदर्शिता को संदेह से परे रखना आवश्यक है। चूंकि इस मामले में जांच अभी भी प्रचलित है, इसलिए आयोग ने परीक्षा को निरस्त करने का निर्णय लिया।
आयोग ने स्पष्ट किया कि परीक्षाओं के प्रति अभ्यर्थियों और आम जनता का विश्वास सर्वोपरि है, इसलिए किसी भी संदेह की स्थिति में पारदर्शिता को प्राथमिकता देना आवश्यक है।
आयोग के अनुसार, 21 सितम्बर 2025 को आयोजित स्नातक स्तरीय परीक्षा को निरस्त किया जाता है, और इसकी पुनः परीक्षा तीन माह बाद आयोजित की जाएगी।
