नई दिल्ली। संसद में केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने अपना लगातार नौवां केंद्रीय बजट पेश किया। इस बजट में उत्तराखंड के लिए पर्यटन और मेडिकल टूरिज्म के क्षेत्र में संभावनाओं के नए रास्ते खुलते नजर आ रहे हैं।
बजट भाषण के दौरान वित्त मंत्री ने बताया कि हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड और जम्मू-कश्मीर में इकोलॉजिकली सस्टेनेबल माउंटेन ट्रेल्स विकसित किए जाएंगे। इसके अलावा पूर्वी घाट की अराकू घाटी और पश्चिमी घाट क्षेत्र में भी ऐसे ट्रेल्स तैयार किए जाएंगे। समुद्री जैव विविधता के संरक्षण के तहत ओडिशा, कर्नाटक और केरल में कछुओं के प्रमुख घोंसला स्थलों पर विशेष ट्रेल्स विकसित करने की घोषणा भी की गई।
उत्तराखंड के संदर्भ में माउंटेन ट्रेल्स की यह योजना खास मानी जा रही है, क्योंकि इससे एडवेंचर टूरिज्म के साथ-साथ बाइकिंग गतिविधियों को भी बढ़ावा मिलने की संभावना है। इससे स्थानीय स्तर पर रोजगार और पर्यटन से जुड़ी आर्थिक गतिविधियां तेज हो सकती हैं।
मेडिकल टूरिज्म को मिलेगा संस्थागत आधारकेंद्रीय बजट में मेडिकल टूरिज्म को मजबूत करने के लिए पांच क्षेत्रीय मेडिकल हब स्थापित करने का प्रावधान किया गया है, जिनमें निजी क्षेत्र की सहभागिता होगी। इन हब्स में आधुनिक हेल्थकेयर कॉम्प्लेक्स बनाए जाएंगे, जहां आयुष केंद्र, डायग्नोस्टिक सुविधाएं, पोस्ट-केयर और रीहैबिलिटेशन सेंटर शामिल होंगे।
सरकार का मानना है कि इससे न केवल स्वास्थ्य सेवाओं का विस्तार होगा, बल्कि डॉक्टरों, पैरामेडिकल स्टाफ और अन्य स्वास्थ्य पेशेवरों के लिए रोजगार के नए अवसर भी पैदा होंगे। बजट में योग और आयुर्वेद जैसी भारत की प्राचीन और वैश्विक स्तर पर मान्यता प्राप्त चिकित्सा पद्धतियों को विशेष महत्व दिया गया है।
इसके तहत तीन नए अखिल भारतीय आयुर्वेदिक संस्थानों की स्थापना का प्रस्ताव रखा गया है। उत्तराखंड को इससे लाभ मिलने की संभावना है, क्योंकि राज्य सरकार पहले ही गुरुकुल क्षेत्र में अखिल भारतीय आयुर्वेद संस्थान की स्थापना का प्रस्ताव तैयार कर चुकी है।
जिन घोषणाओं का इंतजार था, वे नहीं आईंहालांकि केंद्रीय बजट से उत्तराखंड को कई उम्मीदें थीं, जो पूरी तरह पूरी नहीं हो सकीं। अगले वर्ष प्रस्तावित महाकुंभ, प्रदेश में अवस्थापना विकास, जल विद्युत परियोजनाओं के लिए व्यवहार्यता अंतर वित्तपोषण योजना और लघु उद्योगों के लिए विशेष पैकेज की अपेक्षा की जा रही थी, लेकिन इन क्षेत्रों में बजट से कोई बड़ी सीधी घोषणा नहीं हुई।
इसके बावजूद पर्यटन, मेडिकल टूरिज्म और आयुष आधारित स्वास्थ्य ढांचे को लेकर की गई घोषणाओं को उत्तराखंड के लिए संभावनाओं से भरा कदम माना जा रहा है।
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