रुद्रपुर — कांग्रेस के राष्ट्रीय नेतृत्व द्वारा उधम सिंह नगर जिला और रुद्रपुर महानगर के संरचनात्मक फेरबदल को लेकर स्थानीय स्तर पर तीखी नाखुशी उभरकर सामने आई है। केंद्रीय आदेश के तहत उधम सिंह नगर की जिला कमान फिर से हिमांशु गाबा को सौंपी गई है जबकि रुद्रपुर महानगर का प्रभारी पद सी.पी. शर्मा के स्थान पर महिला कार्यकर्ता ममता रानी को दिया गया। इस निर्णय के बाद पार्टी के कई स्थानीय नेता असंतुष्ट हो गए हैं और खुलकर विरोध दर्ज करा रहे हैं।
पार्षदों का आरोप है कि पुनः वही जिला अध्यक्ष नियुक्त करने तथा शहर की कमान एक सक्रिय、तेज़तर्रार कार्यकर्ता को देने के बजाय महिला कार्यकर्ता को सौंपने से संगठनिक कमजोरी बढ़ेगी और आगामी चुनावी तैयारी प्रभावित होगी। रुद्रपुर नगर निगम के कुछ कांग्रेस पार्षदों ने सिटी क्लब में आयोजित प्रेस वार्ता में कहा कि मौजूदा परिस्थितियों में यह कदम मतभेद और विखंडन को और गहरा करेगा। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि सुधारात्मक पहल नहीं की गई तो वे पार्टी की सदस्यता छोड़ देंगे और प्रदेश व स्थानीय स्तर पर पार्टी के किसी भी कार्यक्रम में हिस्सा नहीं लेंगे।
प्रेस वार्ता में पार्षदों ने यह भी कहा कि पहले से ही चुनावी हालात चुनौतीपूर्ण हैं और नेतृत्व में इसी तरह के फेरबदल से संगठनात्मक सामंजस्य पर प्रतिकूल असर पड़ेगा। उनका तर्क था कि जिलाध्यक्ष स्तर पर बदलाव कर नए नेतृत्व को मौके पर आकर संगठन को मजबूत करना चाहिए था, न कि वही पुराना नेतृत्व दोबारा देकर स्थिति को जटिल बनाना।
वहीं पार्टी के समर्थक व अन्य घटक इस निर्णय का स्वागत भी कर रहे हैं और इसे केंद्रीय नेतृत्व की रणनीतिक चयन प्रक्रिया का हिस्सा बता रहे हैं। दोनों ही धाराओं के बीच चल रही जुबानी तकरार से स्पष्ट है कि उधम सिंह नगर में आगे के दिनों में अंदरूनी खेमेबंदी और एल्गो-संगठन को लेकर बहस जारी रहेगी।
स्थानीय कांग्रेस नेतृत्व ने फिलहाल पार्षदों के इस्तीफे संबंधी किसी औपचारिक दस्तावेजी जानकारी का हवाला नहीं दिया है; दोनों तरफ के बयानों के मद्देनजर आगामी दिनों में पार्टी कार्यालय व मैदान दोनों जगह सक्रियता बढ़ने की संभावना
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